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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नियुक्ति में फर्जीवाड़ा

बिलासपुर कमिश्नर के आदेश पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक ।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बिलासपुर कमिश्नर के आदेश पर रोक लगाई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरस्वती मरावी को पद पर बने रहने के निर्देश दिए हैं और अफसर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामला कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा तहसील के ग्राम सूतरा का है।

सरस्वती मरावी ने अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सचिन सिंह राजपूत ने कमिश्नर के आदेश पर रोक लगा दी है।

सरस्वती मरावी को 56.92% प्राप्त हुए

छत्तीसगढ़ शासन महिला एवं बाल विकास विभाग ने ग्राम पंचायत सुतरा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति के लिए आवेदन पत्र मांगे थे। सरस्वती मरावी ने निर्धारित योग्यता 10वीं-12वीं के अंक सूची सहित आवेदन किया था। जिसके आधार पर सरस्वती मरावी को 56.92% प्राप्त हुआ था और रानू बिंझवार को 40.72 अंक प्राप्त हुआ था।

कम अंक होने के बावजूद नियुक्ति दी गई

याचिकाकर्ता सरस्वती मरावी से कम अंक होने के बावजूद भी रानू बिंझवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर नियुक्ति दे दिया गया। सरस्वती मरावी ने रानू बिंझवार की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद पर नियुक्ति आदेश को चुनौती देते हुए कलेक्टर कोरबा के समक्ष अपील की।

सरस्वती मरावी की नियुक्ति के आदेश दिए

कलेक्टर कोरबा ने अपने आदेश 2 फरवरी 2023 को रानू बिंझवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद के लिए जारी नियुक्ति आदेश को विधि सम्मत नहीं पाया। इसके साथ ही सरस्वती मरावी की नियुक्ति के आदेश दिए।

कलेक्टर कोरबा के आदेश को निरस्त किया

इसके बाद 2 फरवरी 2023 को रानू बिंझवार ने कमिश्नर बिलासपुर 

संभाग के समक्ष पुनरीक्षण याचिका प्रस्तुत की। जिसकी सुनवाई करते हुए कमिश्नर बिलासपुर संभाग ने 24 जून 2024 को कलेक्टर कोरबा के जारी आदेश को निरस्त कर दिया। साथ ही रानू बिंझवार के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर जारी नियुक्ति आदेश को विधि सम्मत होने की पुष्टि की।

सरस्वती मरावी ने हाईकोर्ट में लगाई याचिका

कमिश्नर बिलासपुर संभाग के आदेश के खिलाफ 24 जून 2024 को सरस्वती मरावी ने हाईकोर्ट याचिका लगाई। जिसकी सुनवाई 2 अगस्त 2024 को न्यायमूर्ति सचिन सिंह राजपूत की कोर्ट में हुई। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद के लिए ज्यादा अंक प्राप्त अभ्यर्थी को अंतिम मूल्यांकन पत्रक में अपात्र कर दिया गया और कम अंक आधारित अभ्यर्थी का चयन किया गया।

हाईकोर्ट ने लगाई रोक, मांगा जवाब

इन आधारों पर न्यायालय ने कमिश्नर बिलासपुर संभाग के जारी आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी। याचिकाकर्ता सरस्वती मरावी को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर काम करने के निर्देश जारी किए। साथ ही छत्तीसगढ़ शासन के सचिव महिला बाल विकास विभाग कमिश्नर बिलासपुर संभाग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।

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