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मध्यान्ह भोजन रसोईया फ्रंट की एक बैठक आयोजित की गई। प्रखंड केनगर मुख्यालय स्थित शिव मंदिर प्रांगण में।



ब्यूरो/ पूर्णिया/जिले केनगर प्रखंड मुख्यालय स्थित शिव मंदिर परिसर में राष्ट्रीय मध्यान्ह भोजन रसोईया फ्रंट की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संगठन के संस्थापक सह राष्ट्रीय महासचिव रामकृपाल जी ने की। बैठक में रसोईयों को अपने अधिकार एवं कर्तव्य के प्रति जागरूक किया गया। बैठक में उपस्थित रसोईयों को सम्बोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष योगेन्द्र दास एवं महासचिव अशोक राम ने कहा सरकार रसोईया के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। बार-बार मानदेय बढ़ोतरी का अश्वासन देकर सरकार वादे से मुकर रही है। सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी भी रसोईया को नहीं दिया जा रहा है। वर्ष के 12 महिने में 10 महिने का हीं मानदेय 16 सौ रूपए प्रति माह की दर से भुगतान किया जाता है जो न्यायोचित नहीं है। संगठन ने बैठक में सरकार से कई मांगें रखी जिसमें प्रधानमंत्री पोषण योजना में ठेकेदारी प्रथा को रोका जाए। सभी रसोईया का मानदेय 10 हजार रुपए प्रति माह किया जाए। सभी रसोईया का स्थायीकरण कर वर्ष के 12 महिने का मानदेय भुगतान किया जाए। कार्य के दौरान चोट लगने या घायल होने पर ईलाज की राशि उपलब्ध कराई जाय। महिला रसोईया को मातृत्व अवकाश तथा विशेषावकाश की सुविधा दी जाय। रशोईया को भविष्य निधि योजना का लाभ दिया जाए। प्रत्येक वर्ष महिला रसोईया को दो सुती साड़ी तथा पुरुष रसोईया को दो पेन्ठ - सर्ट का कपड़ा दिया जाए। रसोईया के कार्य दवाब को देखते हुए 30 नामांकित बच्चों पर एक रसोईया का बहाल किया जाए। रशोइया का चयन जिला शिक्षा पदाधिकारी या जिला अधिकारी के अधिनस्त किया जाए। सभी रसोईया को नियुक्तिपत्र के साथ पांच लाख रूपए का बीमा निःशुल्क कराया जाए। बैठक को सरिता देवी, रूकसाना खातुन एवं रमेश यादव ने भी सम्बोधित कर रसोईया को अपने कर्तव्यों एवं अधिकारों के प्रति जागरूक किया। संगठन ने सरकार द्वारा रसोईया की मांग को नहीं माने जाने पर हड़ताल पर जाने तथा आर-पार की लड़ाई लड़ने की चेतावनी दी।

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