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सैकड़ों एकड़ फसल डूब कर नष्ट हो रही है।


ब्यूरो/पूर्णिया/बिहार/जिले के नगर पंचायत चम्पानगर से श्रीनगर जाने वाली मुख्य मार्ग स्थित गांधी चौक चरैया रहिका से पश्चिम कारी कोशी नदी पर चालू आरसीसी पुल के साइड में 60 वर्ष पुराना क्षतिग्रस्त बंद लोहा पुल के जालीदार लोहे के गार्डर में जकड़ी जलकुंभी के पर्याप्त मात्रा में जमाव होने से सैकड़ों एकड़ फसल किसानों की डूबकर नष्ट हो रही है।विडम्बना है की हर साल किसानों की फसल क्षति होता आ रहा है और क्षेत्र के सैकड़ों किसान बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड से पुल उतरवाने की मांग का रफ़्तार तेज कर दिया गया है। चरैया रहिका कुशवाहा टोला के किसान राम सिंह ने बताया की आज़ादी के बाद बनैली स्टेट राजघराने चम्पानगर के राजा कृत्यानंद सिंह द्बारा लोहा पुल का निर्माण किया गया था। वही किसान अशोक सहनी, मनोज सहनी, भोला प्र0 मेहता, विश्वनाथ विश्वास, रमण विश्वास, जनार्दन मंडल आदि किसानों ने बताया कि खास वर्षात के मौसम में वर्षा का कारी कोशी नदी में जलजमाव होने पर बहने वाली तेज धारा पानी में समाहित जलकुंभी का सैलाब बंद पड़ें क्षतिग्रस्त लोहा पुल के जालीदार गार्डर में फंस जाती है। जिससे नए चालू आरसीसी पुल के खंभा को ध्वस्त करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। बताया की लोहा पुल के गार्डर में जैसे ही जलकुंभी फंस जाता है तो पानी उफनाकर बाढ़ के रुप में सैकड़ों एकड़ खेत में लगी फसल नष्ट हो जाता है। क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने गुहार लगा कर जिला प्रशासन से जल्द लोहा पुल उखरवाने की मांग की है।  

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