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पुल को घटिया बनाकर अधूरा छोड़ दिया गया

तुरेकेला तिऊर मार्ग पर साढ़े 4 करोड़ रु. की लागत से बन रहा पुल अधूरा, जितना बना उसमें भी आ रहीं दरारें
• लेटलतीफी. सेतु विभाग की उदासीनता से आधे-अधूरे पुल में दिखने लगीं दरारें, बारिश के दिनों में फिर होगी दिक्कत तुरेकेला तिऊर मार्ग पर सपनई नाला पर उच्च स्तरीय पुल और पहुंच मार्ग का निर्माण धीमी गति से चल रहा है। एक साल में बनने वाला पुल चार साल से भी अधिक समय में नहीं बन पाया है। हालात यह है कि आधा काम भी नहीं हो पाया है। जो निर्माण हुआ है, उसमें भी दरारें आ गई हैं। खरसिया विकासखंड के ग्राम तुरेकेला तिऊर मार्ग पर सपनई नाला पर पुल निर्माण 8 दिसंबर 2021 को लोक निर्माण विभाग सेतु परिक्षेत्र रायपुर के अंतर्गत 4.49 करोड़ से शुरू किया गया था। कार्य के पूर्ण होने की अवधि 8 जनवरी 2023 थी। अब 2024 भी आधा बीत रहा है पर काम अधूरा पड़ा है। निर्माण स्थल पर लगे बोर्ड के अनुसार बारह महीने में निर्माण कार्य पूर्ण हो जाना था, लेकिन आज तक लगभग आधा काम हो पाया है। पुल निर्माण का ठेका विसंभर दयाल अग्रवाल को मिला है। कार्य को देखने पर पता चला कि तिऊर की तरफ ढलाई का कार्य बंद है। अधूरे स्लैब में लगी छड़ों में जंग लग गया है। कार्य स्थल पर ठेकेदार के कर्मचारी संतोष कुमार साहू मौजूद थे। उन्होंने बताया कि रामनवमी के बाद से काम बंद है। मजदूर नहीं आ रहे हैं। कारण पूछने पर बताया कि मजदूर ट्रैक्टर, जेसीबी सेंट्रिग वालों का भुगतान बकाया है। तुरेकेला की ओर तीन स्लैब ढलाई की गई है। इसके नीचे तरफ खुले भाग और स्लैब ढलाई में कई जगह दरारें हैं। जानकारी के अनुसार 2 मार्च 2024 को अधीक्षण अभियंता उइके और रमेश कुमार वर्मा कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग ने निरीक्षण भी किया था। झोपड़ी की तरफ पहुंच मार्ग का काम कुछ किया गया है, जबकि तिऊर की और गड्ढा खोद कर छोड़ दिया गया है। तुरेकेला की और बनाई गई दीवार तरह तिऊर की तरफ भी बनाई जानी है। यहां गड्ढा खोदकर छोड़ देने से बरसात में पानी भरने की आशंका है। बरसात में कुछ दिन ही हैं। ऐसे में 2024 में भी सपनई नाला पर पुल निर्माण हो पाना मुश्किल लग रहा है और लोगों को इस पुल से आवागमन के लिए और इंतजार करना पड़ेगा। पुल के स्लैब में पड़ी दरारें सपनई नाला पर पुल निर्माण में जितना भी काम हुआ है, वह गुणवत्ताविहीन है। इसका अंदाजा ढाले गए स्लैब को देखने से ही लग जाता है। स्लैब में दरारें पड़ गई हैं जिन्हें स्पष्ट देखा जा सकता है। ठेकेदार ने ग्राफ्टिंग मशीन के माध्यम से स्लैब में रह गई पोल को बंद करने का प्रयास भी किया है। उसके बावजूद इन्हें स्पष्टरूप से देखा जा सकता है। जून तक पुल का काम पूरा कराने का प्रयास पुल का निर्माण धीमा चल रहा है। इसके लिए ठेकेदार पर पेनाल्टी भी किया गया है। पुल का निर्माण जून तक करा लिया जाएगा। इसके लिए ठेकेदार को काम करने के लिए कहा गया है। - रमेश कुमार वर्मा, ईई, सेतु विभाग

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