74 में से 62 कर्मचारियों को पदनाम बदलकर दिया लाभ
• आयुष्मान इंसेंटिव घोटालाः कलेक्टर-डीन ने दिए जांच के आदेश, एमएस टीम नहीं बना पाए
सिम्स में 74 कर्मचारियों को आयुष्मान मित्र योजना के तहत रखा गया है। इसमें से 40 कर्मचारियों को इंसेंटिव का लाभ देने के लिए उनका पदनाम ही बदल दिया गया। आयुष्मान मित्र कर्मचारी को डाटा एंट्री ऑपरेटर बताकर प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इसके अलावा 5 कर्मचारी को वार्ड ब्वाय और 4 को कम्प्यूटर ऑपरेटर बताया गया है। करोड़ों के प्रोत्साहन राशि वितरण में एक नहीं ढेरों गड़बड़ी की गई है। 6 स्टोर कीपर को फार्मासिस्ट, 4 रिकार्ड क्लर्क को पैरामेडिकल स्टाफ और 3 बढ़ई को वार्ड ब्वाय बताकर राशि दे दी गई।
दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर अवनीश शरण ने सिम्स के एमएस को बारीकी से जांच करने के आदेश दिए हैं। इधर, डीन व कलेक्टर के आदेश के बावजूद अब तक जांच टीम नहीं बन पाई है। आयुष्मान योजना में काम करने के लिए 2021 में 74 आयुष्मान मित्रों की भर्ती की गई थी। इसमें से 40 कर्मचारियों को पद बदलकर आयुष्मान योजना का लाभ दिया जा रहा था। आयुष्मान मित्र सिम्स के स्टाफ ही नहीं हैं। इसके बावजूद उन्हें आयुष्मान योजना से मिलने वाले इंसेटिव का लाभ दिया गया।
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