![]() |
| तेज धुप व गर्मी से सुख रहे तालाब |
चंम्पानगर/पूर्णिया/जिले के प्रखंड केनगर क्षेत्र में भीषण गर्मी के चलते क्षेत्र के तालाब सूखने के कारण मछली पालन पर संकट के बादल छाने लगे हैं। तालाबों में कम हो रहे पानी की वजह से मछलियां मर रही हैं। जिससे ना केवल मत्स्य पालन से जुड़े किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। बल्कि मछली के उत्पादन पर भी असर पड़ रहा हैं। अगर ऐसे ही हालात रहे तो मछली उत्पादक किसान भुखमरी के कगार पर आ जाएंगे।
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार प्रखंड क्षेत्र में लगभग 300 हेक्टेयर से भी ज्यादा भूमि में मछली पालन का व्यवसाय होता हैं। क्षेत्र में 300 से ज्यादा निजी तथा सैकड़ों तालाब नगर पंचायतों के हैं। जहां पर मछली पालन का काम होता हैं। चंम्पानगर में प्रतिवर्ष 2000 टन से भी ज्यादा मछली का उत्पादन होता हैं। लेकिन इस बार बढ़ती गर्मी ने क्षेत्र के मछली पालन किसानों की नींद उड़ा कर रख दी हैं। इसका मुख्य कारण तालाबों में पानी की कमी के कारण ऑक्सीजन की कमी का होना, कम पानी और ऑक्सीजन की कमी के कारण तालाबों व पोखर में मछली मरने लगी हैं। बताया गया हैं। गर्मी व तेज धूप के कारण क्षेत्र में बने मछली पालकों के लगभग 200 तालाबों में पानी घटकर 2 फुट से भी कम हो गया हैं। इसके अलावा कई तालाब सूख चुके हैं। मछली उत्पादन से जुड़े किसान रामनगर केअनिरुद मंडल,संतोष यादव, रुद्रों ऋषि, सीताराम ऋषि, चिरैया रहिका बड़कू सोरेन, नंद जी महतो,आदि सैकड़ो किसान बताते हैं कि भयंकर गर्मी के कारण तालाबों और पोखर में मछली मरने लगी हैं। नहरों में पानी ना होने के कारण तालाबों को निजी ट्यूबवेल से भराई करने लगे हैं। लेकिन ट्यूबवेल से इन तालाबों को भरना किसानों की बूते से बाहर हैं। डीजल महंगा होने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट मुंह बाए खड़ा हैं। इतना हीं नहीं कुछ किसानों ने तो मछली पालन के लिए विभाग व कई बैंकों से ऋण लिया हुआ हैं। आर्थिक संकट से जूझ रहे इन किसानों को ऋण भरने की चिंता सताने लगी हैं।


टिप्पणियाँ