बिलासपुर/ मंगला भैंसाझार दीनदयाल कॉलोनी से लोखंडी फाटक तक बन रही सड़क के बीच ठेकेदार ने कुछ हिस्से में कांक्रीट रोड बनाई है। करीब 600 मीटर कांक्रीट रोड के एक तरफ 300 मीटर की परत उखड़ गई है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि चीफ इंजीनियर द्वारा आरटीआई में उपलब्ध गराई गई रिपोर्ट में सड़क की थिकनेस और स्ट्रैंथ सबकुछ अच्छा बताया है। जीएसबी ग्रेड-V और सब ग्रेड की रिपोर्ट भी सही बताई गई है।
सीजीआरआईडीसीएल स्कीम के तहत 5.18 करोड़ की लागत से 3.52 किलोमीटर की सड़क बनाई जा रही है। पीडब्ल्यूडी के संभाग क्रमांक दो द्वारा यह काम डीसी कंस्ट्रक्शन को दिया गया है। ठेकेदार ने अब तक 50 फीसदी काम पूरा कर लिया है।
आश्रम से दीनदयाल कॉलोनी तक कांक्रीट की करीब 600 मीटर सड़क बनाई है। एक तरफ की 300 मीटर की परत बारिश के दौरान तैयार हुई थी। इस हिस्से की ऊपरी परत उखड़ गई है, जिसकी वजह से गिट्टी बाहर आ गई है। कुछ जगहों पर गिटि्टयां उखड़ने लगी है। पूरी सड़क के बीच की सतह पर कर्व (कैंबर) नहीं है। डब्ल्यूएमएम और जीएसबी का एलाइनमेंट भी गड़बड़ है।
- मार्च में करना था काम पूरा
सड़क का काम डीसी कंस्ट्रक्शन ने मार्च 2023 में शुरू किया था। नवंबर 2023 तक काम पूरा करना था, लेकिन भुगतान नहीं होने के कारण लटक गया। नवंबर और दिसंबर में काम बंद रहा। विभाग ने ठेकेदार को मार्च तक का एक्सटेंशन दिया है, लेकिन काम की रफ्तार इतनी धीमी है कि 31 मार्च तक काम पूरा कर पाना मुश्किल है।
जीएसबी की परत भी बह गई
ठेकेदार ने सबसे पहले जीएसबी की परत बिछाने के बाद न तो पर्याप्त पानी का छिड़काव कराया। रोलर से रोलिंग नहीं कराई। तेज बारिश में कुछ हिस्सों से जीएसबी की परत भी बह गई। इसकी मरम्मत कराए बिना ही ठेकेदार ने डब्ल्यूएमएम की परत बिछा दी। जरूरत के मुताबिक पानी नहीं डाला गया। रोलिंग भी नहीं कराई जा रही।
- 30 एमएम कांक्रीट कोर थिकनेस- 250 एमएम
- 30 एमएम कांक्रीट कोर स्ट्रैंथ- 205.394 कि.ग्रा./ वर्ग से.मी.
- जीएसबी ग्रेड-V की थिकनेस- 251 एमएम
- जीएसबी ग्रेड-V की एफडीडी टेस्ट- 99.51%
- सब ग्रेड की एफडीडी टेस्ट रिपोर्ट- 98.36%
- सब ग्रेड की स्टैंडर्ड रिपोर्ट- 98%
मार्च तक काम पूरा करने का लक्ष्य, लेकिन काम की धीमी गति से यह संभव नहीं
सड़क की सतह पर कर्व होना चाहिए था, जो सपाट है
मंगला में जो सड़क बन रही है, उसकी कांक्रीट की परत उखड़ने का कारण बारिश में ढलाई और रेत की अधिकता है। सड़क की सतह पर कर्व होना चाहिए था, जो सपाट है। अभी डब्ल्यूएमएम की परत डाली गई है, लेकिन इस पर पर्याप्त वॉटरिंग अैर रोलिंग का काम नहीं होने से सड़क की भार क्षमता प्रभावित हो सकती है। -अनिल कौशिक, सिविल इंजीनियर बिलासपुर

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