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विटामिन्स की गोलियां हो सकती है इतनी खतरनाक की बीमार बना देंगी शरीर को

एक साल पहले आगरा में रहने वाले 55 साल के एक व्यक्ति के पैर में फ्रैक्चर हुआ। उसने स्थानीय आर्थोपेडिक डॉक्टर से इलाज लिया। डॉक्टर ने ट्रीटमेंट में विटामिन डी की गोलियां भी लिखीं, एक महीने तक हफ्ते में एक बार। मरीज को समझने में कुछ भूल हुई और वह रोज विटामिन डी की गोलियां खाने लगा। हफ्ते भर बाद ही उसकी तबीयत इतनी बिगड़ी कि उसे दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा। लगातार उल्टियां, चक्कर, बेहोशी और शरीर में खतरनाक स्तर का कैल्शियम और सीरम क्रिएटिनिन। यह सब विटामिन डी के ओवरडोज के कारण हुआ। लगातार इलाज के बाद उसके शरीर को सामान्य होने में करीब हफ्तेभर लग गए.



विटामिन्स को पूरा करेंगे ये 

कई लोग तो बिना किसी बीमारी के ही मल्टीविटामिन की गोलियां खाए जा रहे हैं। उन्हें लगता है कि इससे शरीर की कमजोरी दूर हो जाएगी और खूब सारी ताकत मिल जाएगी। बीमारी के बाद उबर रहे लोगों को मदद भी मिलती है। लेकिन जरूरत के बिना मल्टीविटामिन खाना आपको भारी पड़ सकता है। कई बार तो यह जानलेवा भी हो सकता है। फार्मा कंपनियां मल्टीविटामिन के पैक्स को ऊर्जा और फुर्ती का भंडार बताकर बेच रही हैं। इससे ऐसे मामले बढ़ रहे हैं, जहां विटामिन की एक्स्ट्रा डोज लेने के चलते लोगों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है।

क्या होता है हाइपरविटामिनोसिस?

विटामिन कब बन जाता है जहर?

क्या नेचुरल सोर्स से लिया विटामिन भी बीमार कर सकता है?

शरीर को विटामिन की कितनी जरूरत होती है?

विटामिन और मिनरल्स शरीर के लिए बेहद जरूरी तत्व हैं। लेकिन शरीर को इनकी जरूरत उम्र, स्वास्थ्य और स्थिति के हिसाब से अलग-अलग होती है। महिला और पुरुषों में भी यह जरूरत अलग हो सकती है। अगर कोई महिला प्रेग्नेंट है या नवजात बच्चे को दूध पिलाती है तो उसे दूसरी महिलाओं की अपेक्षा अधिक जरूरत होगी।

आमतौर पर लोग बाकी दवाइयां तो साइड इफेक्ट के डर से डॉक्टर के परामर्श के मुताबिक ही खाते हैं। जबकि ज्यादा ताकत और जल्दी तंदुरुस्ती पाने के लिए खुद से ही मल्टीविटामिन्स जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं। इससे हाइपरविटामिनोसिस की स्थिति पैदा हो सकती है।

हाइपरविटामिनोसिस क्या होता है?

शरीर में असामान्य रूप से विटामिन जमा हो जाने की स्थिति को हाइपरविटामिनोसिस कहते हैं। इससे उत्तेजना या चिड़चिड़ेपन की स्थिति पैदा हो सकती है। अलग-अलग विटामिन के अधिक होने पर अलग-अलग स्थिति पैदा होती है।

विटामिन ज्यादा होने पर लोग बीमार क्यों पड़ जाते हैं?

 दिल्ली एम्स में रूमेटाेलॉजी डिपार्टमेंट की हेड डॉक्टर उमा कुमार के मुताबिक, शरीर में कोई भी चीज जरूरत से अधिक जमा होगी तो बीमार तो पड़ेंगे ही। विटामिन्स के केस में ओवरडोज से होने वाला साइड इफेक्ट भी उम्र और स्वास्थ्य के हिसाब से दिखता है। सामान्य तौर पर नींद न आने, तनाव, डिप्रेशन, झनझनाहट या शरीर का कोई हिस्सा सुन्न हो जाने जैसी समस्याएं पैदा होती हैं।

विटामिन दो तरह के होते हैं। वॉटर साल्यूबल विटामिन यानी जो पानी में घुल जाते हैं और दूसरे फैट साल्यूबल यानी जो फैट में घुलते हैं।

वॉटर सॉल्यूबल विटामिन्स के ओवरडोज से कैसी समस्याएं हो सकती हैं?

विटामिन बी कॉम्प्लेक्स और विटामिन सी वॉटर साल्यूबल हैं। अगर किसी में विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की अधिकता हो गई है, तो उसे उल्टी, पेट दर्द, धुंधला दिखना, लिवर और त्वचा से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं विटामिन सी से माइग्रेन का दर्द हो सकता है और डायरिया, मितली, पेट में मरोड़ जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।

फैट साल्यूबल विटामिन्स के ओवरडोज से कैसी समस्याएं हो सकती हैं?

फैट साॅल्यूबल विटामिन्स में विटामिन ए, डी, ई और के आते हैं। इनके ओवरडोज काफी खतरनाक साबित हो सकते हैं। इनसे चक्कर आने, भ्रम, डिप्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ये कई बार तो जानलेवा भी हो सकते हैं।

मिनरल्स के ज्यादा होने पर कैसी समस्याएं आ सकती हैं?

शरीर में जिंक की मात्रा अधिक हो जाए तो स्वाद और गंध का पता लगाने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इससे डायरिया, सिरदर्द और मितली जैसी समस्याएं भी आ सकती हैं। लंबे समय तक मैग्नीशियम वाला सप्लीमेंट इस्तेमाल करने से ब्लड प्रेशर लो हो जाता है और दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है, डिप्रेशन की समस्या भी हो सकती है।

आपके शरीर को विटामिन और मिनरल्स की जरूरत होने पर कैसे जानेंगे?

विटामिन और मिनरल्स की कमी होने पर खास लक्षण दिखते हैं। जैसे-

  1. विटामिन ए और ई की कमी होने पर बाल रुखे हो जाते हैं।
  2. राइबोफ्लोविन कम होने पर त्वचा से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं।
  3. नियासिन के न होने पर शरीर में चकत्ते पड़ जाते हैं।
  4. विटामिन ए की कमी से रतौंधी की समस्या हो सकती है।
  5. विटामिन सी की कमी से मसूढ़ों से खून आ सकता है और दांत गिर सकते हैं।
  6. विटामिन और मिनरल्स की कमी के और भी कई लक्षण हो सकते हैं। आमतौर पर बुजुर्गों, बच्चों, प्रेग्नेंट महिलाओं और शराब के लती लोगों को ये कमी होती है।

कैसे होगी विटामिन और मिनरल्स की पूर्ति?

कमी होने पर सप्लीमेंट्स लेने के बजाय खान-पान में सुधार करने की कोशिश करें। नेचुरल सोर्स से मिले विटामिन और मिनरल्स आपको बीमार नहीं करते हैं। ग्राफिक्स में देखिए इनकी पूर्ति के लिए आपको क्या खाना है-

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