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जरुरत से ज्यादा एक्सरसाइज ले सकती है जान

बेंगलुरु के फेमस साइकिलिस्ट और फिटनेस ट्रेनर अनिल कदसूर की 45 साल की उम्र में मौत हो गई। हार्ट अटैक से हुई उनकी मौत बताती है कि फिजिकल फिटनेस और कार्डिएक फिटनेस दोनों अलग चीजें हैं।

आपकी फिटनेस अच्छी है। इसका मतलब ये बिलकुल नहीं है कि आपका हार्ट भी हाई इंटेंस एक्सरसाइज के लिए फिट है। सामान्य तौर पर किसी का दिल एक मिनट में 60 से 100 बार धड़कता है। किसी को भी अपनी अधिकतम संभव हार्ट रेट के 80% के पार नहीं जाना चाहिए। जैसे ही आप इस सीमा को पार करते हैं हार्ट अटैक का खतरा मंडराने लगता है। फिटनेस आइकन्स का ज्यादा जुनून ही उन्हें मौत के मुंह में झोंक रहा है। आप इससे सीख लेकर सुरक्षित बने रहें।

इन बिमारियों का खतरा कम रहेगा एक्सरसाइज से 

  • -क्या ज्यादा एक्सरसाइज फिट बनाती है?
  • -एक्सरसाइज करने का सही तरीका क्या है?

फिटनेस को लेकर हमारे बीच कई मिथक हैं। आमतौर पर लोग मान लेते हैं कि जो फिजिकली फिट है, वह जल्दी बीमार नहीं पड़ेगा। लेकिन सच्चाई इससे इतर है-

मिथक- फिजिकली फिट हैं तो हार्ट अटैक नहीं होगा।

सच- अगर हार्ट अटैक की फैमिली हिस्ट्री है या डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर की समस्याएं हैं तो फिजिकली फिट शख्स को भी हार्ट अटैक आ सकता है।

मिथक- अगर रोज एक्सरसाइज कर रहे हैं तो मेडिकल टेस्ट की जरूरत नहीं है।

सच- आप रोजाना एक्सरसाइज करते हुए भी किसी बीमारी से पीड़ित हो सकते हैं। जो अचानक ट्रिगर होने पर मुश्किल में डाल सकती है। समय-समय पर मेडिकल टेस्ट जरूरी हैं।

मिथक- वजन नियंत्रण में है तो हार्ट अटैक नहीं होगा।

सच- कोई भी एक्सरसाइज करके आप वजन नियंत्रण में कर सकते हैं, लेकिन दूसरी बीमारियों के ट्रिगर होने पर हार्ट अटैक को नहीं रोक सकते हैं।

मिथक- प्रतिदिन एक्सरसाइज कर रहे हों तो स्मोकिंग से हुए नुकसान की भरपाई हो जाएगी।

सच- एक्सरसाइज करने से बॉडी फिट दिखती रहेगी। लेकिन स्मोकिंग से ब्लड गाढ़ा हो रहा है, क्लॉटिंग टेंडेसी बढ़ रही है, फेफड़े कमजोर हो रहे हैं। ये सब हार्ट अटैक के बड़े कारण हैं।

42 महीने तक रोज 100 किलोमीटर चलाई साइकिल

कदसूर रोज 100 किलोमीटर साइकिल चलाते थे। इसके लिए वह रात के ढाई बजे उठ जाते और आधे घंटे में फ्रेश होकर 3 बजे साइक्लिंग के लिए निकल जाते। वह 9 बजने से पहले ही 100 किलोमीटर का टारगेट पूरा कर लेते थे।

इसके बाद दिन में बॉडी शेपिंग पर काम करते। यह सब शाम के 7 बजे पूरा हो पाता था। वह 42 महीनों तक लगातार रोज इसी रुटीन में 100 किलोमीटर साइकिल चलाते रहे। इसलिए लोग उन्हें सेंचुरी मैन भी कहते हैं।

6 घंटे में 100 किलोमीटर की साइकिल राइडिंग से आप इस दौरान पैडलिंग इंटेंसिटी का अंदाजा लगा सकते हैं।

सवाल: हाई इंटेस एक्सरसाइज का आपके दिल पर क्या असर होता है?

जवाब: पर्याप्त आराम किए बगैर हाई इंटेंसिटी एक्टिविटीज से हृदय की कोशिकाओं को बहुत नुकसान होता है। इसके चलते ब्लड प्रोटीन का लेवल बढ़ जाता है, इसे ट्रोपोनिन कहते हैं। यह दिल का दौरा पड़ने से पहले का अलर्ट है।

लंबे समय तक हाई इंटेंसिटी एक्सरसाइज करने से दिल की धड़कनें असामान्य हो जाती हैं। यह समस्या ज्यादातर एथलीट्स को होती है। धड़कनों में इसी अनियमितता के कारण कार्डिएक अरेस्ट होता है या दिल धड़कना बंद कर देता है।

स्पोर्ट्समैन और साइकलिस्ट को जल्दी-जल्दी सांस लेने की जरूरत होती है। क्योंकि शरीर को तेजी से काम करने के लिए बहुत सारा ऑक्सीजन चाहिए। इससे पंपिंग और फिलिंग चैंबर के आकार में बदलाव होता है और हार्ट मसल्स मोटे होने लगते हैं। इससे हार्ट का आकार बढ़ जाता है।

मोटे मसल्स के चलते सांस लेने में तकलीफ होने लगती है, सीने में दर्द की समस्या हो सकती है। इसे हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी कहते हैं। इससे दिल की धड़कनें असामान्य हो जाती हैं और अचानक मौत हो सकती है।

सवाल: क्या ज्यादा एक्सरसाइज ज्यादा फिट बनाती है?

जवाब: नहीं, यह एक मिथक है। शरीर की जरूरत और क्षमता के अनुसार ही एक्सरसाइज करनी चाहिए। जरूरत से ज्‍यादा एक्‍सरसाइज करने से मसल्‍स में खिंचाव और असहनीय दर्द की समस्‍या हो सकती है। बिना आराम किए लंबे समय तक ऐसा करते रहना खतरनाक हो सकता है।

सवाल: आप खतरे को कैसे पहचान सकते हैं?

जवाब: कानपुर के हृदय रोग संस्थान में वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अवधेश शर्मा कहते हैं कि मेडिकल चेकअप के अलावा इसका कोई और भरोसेमंद तरीका नहीं है। एक्सरसाइज शुरू करने से पहले हार्ट की पूरी जांच करवाएं। मैराथन या लंबी साइक्लिंग के बाद कार्डिएक एमआरआई और ब्लड टेस्ट करवा लेना चाहिए। सांस लेने में थोड़ी भी तकलीफ होने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें।

सवाल: क्या हार्ट की कोई खास क्षमता होती है?

जवाब: डॉ. अवधेश शर्मा बताते हैं कि हार्ट की कोई ऐसी निश्चित क्षमता नहीं होती है। यह हर किसी के लिए अलग-अलग हो सकती है। आप इसे नियमित एक्सरसाइज और अच्छे खान-पान से बेहतर बना सकते हैं। अगर हफ्ते में 5 दिन, एक घंटे हल्की-फुल्की एक्सरसाइज की जाए या फिर आधे घंटे इंटेस एक्सरसाइज की जाए तो कार्डियोवैस्कुलर डिजीज का खतरा 60% तक कम किया जा सकता है।

सवाल: एक्सरसाइज के समय कैसे रेड फ्लैग्स दिख सकते हैं?

जवाब: एक्सरसाइज करते समय कुछ खास लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। ग्राफिक्स में देखिए-

सवाल: एक्सरसाइज का सही तरीका क्या है?

जवाब: एक्सरसाइज के लिए कोई सर्टिफाइड तरीका नहीं है। यह किसी की शारीरिक क्षमता और उसकी हेल्थ कंडीशन पर निर्भर करता है। प्रतिदिन 75 मिनट इंटेस एक्सरसाइज या 150 मिनट हल्की-फुल्की एक्सरसाइज सामान्य हेल्थ कंडीशन में फिट बने रहने के लिए पर्याप्त है।

सवाल: वर्कआउट को लेकर डॉक्टर क्या सलाह देते हैं?

जवाब: डॉ. अवधेश शर्मा कहते हैं कि फिट रहने के लिए फिजिकल एक्टिविटीज बहुत जरूरी है। बशर्ते ये जरूरत से ज्यादा न की जाए। रोजाना फिजिकल एक्टिविटीज से-

  • आपके मसल्स मजबूत होते हैं।
  • टिश्यूज को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व मिलते हैं।
  • दिल की धड़कन सामान्य बनी रहती है, हार्ट बेहतर फंक्शन करता है।
  • हार्ट और लंग्स की हेल्थ में सुधार होता है।
  • आप खुद को अधिक एनर्जेटिक फील करते हैं।
  • रात में नींद अच्छी आती है।

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