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1990 बैच के IPS प्रशांत कुमार बने यूपी के कार्यवाहक DGP, गैलेंट्री अवॉर्ड मिल चूका है उन्हें, 300 एनकाउंटर कर चुके हैं अब तक

लखनऊ/ IPS प्रशांत कुमार ने बुधवार को यूपी पुलिस के नए मुखिया का पद संभाल लिया। 1990 बैच के प्रशांत कुमार को नया कार्यवाहक DGP बनाया गया है। उन्होंने विजय कुमार की जगह ली है। विजय कुमार का कार्यकाल 31 जनवरी को खत्म हो रहा है। अभी तक प्रशांत कुमार DG लॉ एंड ऑर्डर के पद पर थे। उनकी गिनती सीएम योगी के भरोसेमंद अफसरों में होती है। प्रशांत कुमार का कार्यकाल 16 महीने का यानी मई, 2025 तक है।

प्रशांत कुमार यूपी पुलिस के चौथे कार्यवाहक DGP हैं। इस बार भी यूपी पुलिस को स्थायी DGP नहीं मिला है। IPS की सीनियारिटी लिस्ट में प्रशांत कुमार 19वें नंबर पर हैं। यानी प्रदेश में 18 IPS उनसे सीनियर बैच के हैं। कार्यवाहक DGP की रेस में आंनद कुमार, पीवी रामा शास्त्री का भी नाम था। मगर, प्रशांत कुमार सबसे आगे निकल गए।

प्रशांत कुमार अब तक 300 से ज्यादा एनकाउंटर कर चुके हैं। लखीमपुर हिंसा, कानपुर दंगा हो या फिर अयोध्या में राम मंदिर में उमड़ी भीड़, सभी मोर्चों पर प्रशांत कुमार को भेजा गया। यही नहीं, उन्होंने यूपी में संजीव जीवा, कग्गा, मुकीम काला, सुशील मूंछ, अनिल दुजाना, सुंदर भाटी, विक्की त्यागी, साबिर गैंग के आतंक का भी खात्मा किया।

20 महीने से नहीं है परमानेंट DGP

प्रशांत कुमार यूपी पुलिस के चौथे कार्यवाहक DGP हैं। उत्तर प्रदेश के आखिरी स्थायी DGP मुकुल गोयल थे, जिन्हें शासन ने 11 मई 2022 को पद से हटा दिया था। इसके बाद, 12 मई 2022 को देवेंद्र सिंह चौहान को कार्यवाहक डीजीपी ​​​​​​का ​जिम्मा सौंपा। वह 11 महीने इस पद पर रहे। इसके बाद डॉ. आरके विश्वकर्मा को कार्यवाहक DGP बनाया गया था। वह 2 महीने ही पद रहे। 8 महीने पहले IPS विजय कुमार को कार्यवाहक DGP बनाया गया था।

यूपी के पास दुनिया की सबसे बड़ी पुलिस फोर्स है। इसमें 3 लाख से अधिक कर्मचारी हैं। लेकिन, पिछले 20 महीने से कार्यवाहक DGP के नेतृत्व में काम हो रहा है।

बिहार के हैं प्रशांत कुमार

उनका जन्म बिहार के सीवान में हुआ था। IPS अफसर बनने से पहले प्रशांत कुमार ने MSc, MPhil और MBA भी किया था। बतौर IPS प्रशांत कुमार का जब चयन हुआ था, तो उन्हें तमिलनाडु कैडर मिला था। हालांकि, 1994 में यूपी कैडर की IAS डिंपल वर्मा से उन्होंने शादी की। इसके बाद प्रशांत कुमार ने यूपी कैडर में ट्रांसफर ले लिया।

मिला था गैलेंट्री अवॉर्ड

25 जनवरी को प्रशांत कुमार गैलेंट्री अवॉर्ड से सम्मानित किया था। दरअसल, 6 जुलाई 2017 को दिल्ली के प्रीत विहार के मेट्रो हार्ट एवं कैंसर हास्पिटल के डॉक्टर श्रीकांत गौड़ का अपहरण हो गया था। बदमाशों ने 5 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी। उस वक्त प्रशांत मेरठ जोन के ADG थे। तब प्रशांत कुमार और SSP मंजिल सैनी ने बेहद होशियारी से बदमाशों की घेराबंदी करते हुए डॉक्टर को सही सलामत बचाया था।

इसके अलावा प्रशांत कुमार पुलिस पदक, कुंभ मेला पदक, पराक्रम पदक, उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्मानित हो चुके हैं। प्रशांत कुमार को अब तक 109 कमंडेशन/प्रशस्ति पत्र से मिल चुके हैं। प्रशांत कुमार ने 5 लाख के इनामी उदयभान यादव को मार गिराया था। इसके लिए सीएम योगी ने उन्हें 3 लाख रुपए और एक पिस्टल अवॉर्ड देकर सम्मानित किया था।

अखिलेश यादव ने साधा निशाना

सपा प्रमुख अखिलेश ने X पर लिखा- लगता है एक बार फिर यूपी को कार्यवाहक DGP मिलने वाला है। जनता पूछ रही है कि हर बार कार्यवाहक DGP बनाने का खेल दिल्ली-लखनऊ के झगड़े की वजह से हो रहा है या फिर अपराधियों के संग सत्ता की सांठ-गांठ के कारण।

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