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भर्ती के सभी नियमों की अनदेखी कर ओपन यूनिवर्सिटी में 8 पदों की भर्ती की जांच कर रहा उच्च शिक्षाविभाग

बिलासपुर/ ओयू की भर्ती में गड़बड़ीकी शिकायत पीएमओ,राज्यपाल, मुख्यमंत्री और उच्चशिक्षा विभाग में की गई। शिकायत में बताया गया किपदों के सृजन के विवि वित्तसमिति एवं कार्यपरिषद की स्वीकृति ली जानी थी, जो नहींली गई। उक्त पदों केऔचित्य, आवश्यकता, उनमेंहोने वाले व्यय की भी स्वीकृतिकार्यपरिषद से नहीं ली गई। विज्ञापन में अभ्यर्थियों केलिये अधिकतम आयु सीमाका बंधन नहीं रखा गया। विज्ञापन में प्रतियोगी परीक्षाके लिए कोई सिलेबस जारी नहीं किया गया था। लिखित परीक्षा के परिणाम बिना घोषित किए ही कुछलोगो को इंटरव्यू के लिएबुलाया गया। परीक्षा के बाद मॉडल आंसर25 मार्च 2023 को जारीकिया गया और 31 मार्च2023 तक दावा आपत्ति मंगाईगई, बहुत से अभ्यर्थियों नेदावा आपत्ति प्रस्तुत की।विश्वविद्यालय ने इन दावाआपत्तियों पर क्या कार्रवाई की,इसकी कोई सूचना अभ्यर्थियोंको नहीं दी गई। जिन 6 पदों पर नियुक्ति केलिए विज्ञापन जारी कर भर्तीप्रक्रिया पूरी की जा रही है, उनपदों के लिये अभी सेवा नियमही तैयार नहीं किए गए हैं। विवि में कार्य कर चुकेअभ्यर्थियों को अनुभव काअतिरिक्त अंक दिया जारहा है। ई-मेल से सभी अभ्यर्थियोंको इंटरव्यू कॉल लेटर प्रेषितकिया गया, जबकि कॉल लेटरको स्पीड पोस्ट-डाक से प्रेषितकिया जाना था।

ओपन यूनिवर्सिटी का भर्ती को सही बताने के लिए 80 पेज का स्पष्टीकरण

ओपन यूनिवर्सिटी ने कार्यपरिषद के सदस्यों को भर्ती को सही बताने के लिए 80 पेज का स्पष्टीकरण लिखा और लिफाफा खोलने कहा था, परकार्यपरिषद के सदस्य इस पर तैयार नहीं हुए थे। भर्ती के संबंध में कुलपतिडॉ. बंशगोपाल सिंह ने पत्रवार्ता में कहा था कि जिसका सबसे ज्यादा नंबरहै, जरूरी नहीं की उसी की भर्ती हो, तीन नामों का पैनल होता है, इसमें सेकिसी का भी चयन किया जा सकता है। ये भी कहा था कि शासन का जैसा निर्देश होगा, उस हिसाब से भर्ती प्रक्रिया में आगे कार्रवाई की जाएगी।

ओपन यूनिवर्सिटी में 8 पदों के लिए जारी हुआ था विज्ञापन

पं. सुंदरलाल शर्मा ओपन यूनिवर्सिटी में चलरही 8 पदों की भर्ती पर राज्यपाल ने रोकलगा दी है। दरअसल, भर्ती में हो रहीगड़बड़ियों को लेकर राज्यपाल से शिकायतकी गई है, इस पर कार्रवाई करते हुए राज्यपालने भर्ती प्रक्रिया फिलहाल स्थगित करने कोकहा है। शिकायत में आरोप लगाया गया हैकि डॉ. दीपक पाण्डेय, गोमेंद कुमार पाठकऔर शांतनु पटेल का पहले से नाम तय है।राज्यपाल की अवर सचिव सरोज उइके नेओपन यूनिवर्सिटी को पत्र जारी किया है।इसमें उन्होंने कहा कि ओयू द्वारा जारीविज्ञापन क्रमांक 9/2023 दिनांक 22 फरवरी2023 अशैक्षणिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया कोतत्काल प्रभाव से स्थगित की जाए। साथ हीइस पर की गई कार्रवाई से अवगत कराएं।इसके पहले भी उच्च शिक्षा िवभाग ने 23जनवरी को भर्ती की प्रक्रिया जांच तक रोकनेकहा था। पिछले 11 महीने से चल रही भर्तीप्रक्रिया स्थगित कर दी गई है।ओपन यूनिवर्सिटी ने 22 फरवरी 2023को विज्ञापन जारी किया था। आवेदन कीप्रक्रिया पूरी करने के बाद बिना सिलेबस केलिखित परीक्षा हुई, फिर बिना रिजल्टनिकाले यूनिवर्सिटी ने 15-15 उम्मीदवारोंको साक्षात्कार के लिए बुलाया। इस बीचसंभावित चयनित उम्मीदवारों के नामसार्वजनिक हो गए। हर स्टेप में हुई गड़बड़ीको लेकर पीएमओ, राज्यपाल, मुख्यमंत्री,उच्च शिक्षा विभाग में शिकायत हुई। सभीजांच अधिकारियों को कुलपति हाई कोर्ट मेंमामला होने का हवाला देते रहे और भर्ती कीप्रक्रिया आगे बढ़ाते रहे। मामला ​कार्यपरिषदमें लिफाफा खोलने का आ गया। 8 दिसंबर2023 को हुई कार्य​परिषद की बैठक मेंसदस्यों ने ​गड़बड़ी और कुलसचिव के नहींहोने का कारण बताकर लिफाफा नहीं खोलाथा। साथ ही कार्यपरिषद के सदस्यों ने जोउस बैठक में कहा था, वो भी एजेंडे सेगायब हो गया था। इसके बाद शासनकार्यपरिषद सदस्य ने 26 दिसंबर कोयूनिवर्सिटी को पत्र लिखकर इस पर आपत्तिजताई थी। इसके बाद भी ओयू के अधिकारीलिफाफा खोलने का प्रयास करते रहे और13 जनवरी 2024 को फिर कार्यपरिषद कीबैठक रख दी। इसमें भी कार्यपरिषद नेलिफाफा खोलने से मना कर दिया। अब इसभर्ती को राज्यपाल ने स्थगित कर दिया है।

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