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7 हजार करोड़ के घोटाले में 29 अफसर पर लोकपाल की सिफारिश पर एकतरफा कार्रवाई

भिलाई/ सेल में कथित 7 हजार करोड़ के घोटाले के मामले में निलंबित 29 अफसरों ने निलंबन वापस लिए जाने की मांग की है। उन्होंने कार्रवाई के पहले की प्रक्रिया का पालन किए बिना निलंबित किए जाने की बात कही है। इसके लिए सेफी ने प्रबंधन और इस्पात मंत्रालय को एक महीने का समय दिया है। निलंबन वापस नहीं लिए जाने की स्थिति में उन्होंने कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है।

निलंबित अफसरों ने कहा कि किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आने के बाद कंपनी की ओर से प्राथमिकी जांच कराई जाती है। इसके आधार पर जिम्मेदारों को चार्जशीट जारी की जाती है। इसका जवाब मिलने के बाद ही कार्रवाई की जाती है, लेकिन इस मामले में लोकपाल की रिपोर्ट जारी होते ही सेल प्रबंधन ने उनसे बिना स्पष्टीकरण मांगे निलंबन कार्रवाई की।

बता दें कि देश में राष्ट्र हित से जुड़ी परियोजना में सेल इस्पात का इस्तेमाल किए जाने का प्रावधान है। इसके लिए सेल प्रबंधन कम दाम में उत्पाद उपलब्ध कराती है। इसी प्रावधान का फायदा उठाते हुए दो कंपनियों ने राष्ट्र हित की परियोजना के नाम पर रियायती दर पर सेल से उत्पाद खरीदे और खुले मार्केट में बेच दिया। इससे कंपनी को करोड़ों का आर्थिक नुकसान हुआ और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाली कंपनियों ने करोड़ों का मुनाफा कमाया। शिकायत की जांच बाद लोकपाल ने मामले की जांच के लिए सीबीआई को आदेशित किया है।

कार्रवाई के बाद बीएसपी के अफसरों में भी खौफ सेल प्रबंधन की कार्रवाई का व्यापक असर कंपनी में देखने को मिल रहा है। बीएसपी सहित ज्यादातर इकाइयों के अफसर खौफजदा हैं। अब वे किसी भी फाइल पर हस्ताक्षर करने के पहले बारीकी से उसका अध्ययन कर रहे हैं। हालांकि उसका असर विभागीय कामकाज की गति पर पड़ रहा है। कई जरुरी फाइल को भी एप्रूवल के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।

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