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कंपनियां कोयला खदानों में दूसरे राज्यों से मजदूर लाकर कार्यों में लगा रही, पुलिस वेरिफिकेशन में मनमानी

कोरबा/ कोरबा औद्योगिक जिला होने से कोरबा में बाहरी राज्यों से कमाने-खाने के लिए बड़ी संख्या में लोग आकर बसे हुए हैं। वहीं अब खदानों के साथ प्लाटों के विस्तार कार्यो में कई ठेका कंपनियां नियोजित हो रही हैं। ऐसी कंपनियां स्थानीय मजदूरों के बजाय दूसरे राज्यों से बहुतायत में मजदूर लाकर कार्यों में लगा रही हैं।

शहर में जहां मानिकपुर खदान में कलिंगा समेत कई अन्य कंपनियां नियोजित है, उनके द्वारा अधिकारी से लेकर मजदूर तक दूसरों राज्यों से लाकर लगाया गया है। सिटी कोतवाली में जानकारी लेने पर पता चला िक वहां से ज्यादातर मजदूरों का पुलिस वेरिफिकेशन ही नहीं कराया गया है। इसी तरह कुसमुंडा समेत गेवरा व दीपका खदान में भी नियोजित ठेका कंपनियों द्वारा बाहर से लाए गए मजदूरों के पुलिस वेरिफिकेशन में लापरवाही बरती जा रही है।

बालको में भी बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों से मजदूरों को लाया गया है। पुलिस ने भी सालभर से अधिक समय से ऐसे मजदूरों के वेरिफिकेशन के लिए जांच अभियान नहीं चलाया है। इसका फायदा ठेका कंपनी के अधिकारी उठा रहे हैं। शहर में कालोनी व बस्तियों में ठहरे बाहरी प्रदेश के लोगों की जानकारी पुलिस को देनी जरूरी है लेकिन मकान मालिक भी कोताही बरत रहे हैं। बाहरी लोगों के पुलिस वेरिफिकेशन में लापरवाही जनसुरक्षा के लिए भारी पड़ सकती है। क्योंकि पूर्व में इसी तरह मजदूरों की आड़ में बाहरी प्रदेशों से पहुंचे बदमाशों द्वारा कई वारदात किए जा चुके हैं। ऐसे बदमाशों के भागने के बाद कोई रिकार्ड नहीं होने से पुलिस के लिए पकड़ना भी मुश्किल हो जाता है। कोयला खदान में नियोजित कंपनी के मजदूर। कोयला खदानों में मजदूरों की गतिविधि संदिग्ध कोयला खदान क्षेत्र में ठेका कंपनियों द्वारा ओवर बर्डन, प्रोडक्शन, मेंटेनेंस में बाहरी राज्यों से पहुंचे मजदूरों को लगाया है। खदानों के कामगार ऐसे ज्यादातर मजदूरों की गतिविधियां संदिग्ध होना बता रहे हैं।

खदान से डीजल चोरी, सब स्टेशन व अन्य जगहों से उपकरण व बैटरी की चोरी की घटनाओं के बढ़ने के पीछे बाहरी लोगों के हाथ होने की चर्चा खदानों में हो रही है। पुलिस वेरिफिकेशन कराना जरूरी, ली जाएगी जानकारी सिटी कोतवाली टीआई निरीक्षक अभिनवकांत सिंह के मुताबिक बाहरी राज्यों व दीगर जिलों से काम व व्यवसाय के सिलसिले में आने वालों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य है। कोतवाली अंतर्गत औद्योगिक उपक्रम व अन्य क्षेत्र में नियोजित ठेका कंपनियों से इस संबंध में जानकारी ली जाएगी। वेरिफिकेशन में लापरवाही सामने आने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऊर्जानगरी में कई गंभीर अपराधों में संलिप्त रहे बाहरी राज्य के बदमाश ऊर्जानगरी कोरबा में कई दशक से मेहनतकश मजदूरों की आड़ में दूसरे राज्यों के बदमाशों ने आकर पनाह लिया। पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराने से फर्जी पहचान के जरिए रहने वाले बदमाश पकड़ में नहीं आते। पूर्व में आईसीआईसीआई बैंक में लूट का प्रयास में बाहरी राज्यों से आकर ठहरे बदमाश शामिल रहे। इसी तरह सुनालिया ज्वेलर्स में लूट के प्रयास के दौरान गोली कांड में भी बाहरी राज्य से आकर ठहरे बदमाश शामिल थे। बालकोनगर के भदरापारा में कट्‌टा समेत बाहरी राज्य के बदमाश पकड़े गए थे। बाहरी राज्यों से मजदूरों के रूप में आए लोग नियोजित कंपनियों के कैंप या आसपास कालोनी या बस्ती में किराए पर रहते हैं।

करीब 1 साल पहले तत्कालिन एसपी संतोष सिंह ने पुलिसिंग में कसावट लाने के लिए काम करने या व्यवसाय करने के लिए बाहरी राज्यों से आकर ठहरे लोगों का रिकार्ड तैयार करने का निर्देश पुलिस को दिया था। तब पुलिस टीम मजदूरों के कैंप व घर घर पहुंचकर बाहर से आकर ठहरे लोगों की जानकारी जुटा रही थी। लेकिन उनके तबादले के बाद से फिल्ड पर पहुंचकर रिकार्ड तैयार करने का अभियान बंद हो गया। पूर्व में भी इसी तरह से कुछ दिन अभियान चलाने के बाद भुला दिया गया।

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