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रेत घाटों पर कार्रवाई करने के बजाए रेत परिवहन करने वाले ट्रैक्टरों को पकड़कर कार्रवाई की खानापूर्ति कर रहा खनिज विभाग

दर्जनों रेत घाटों से निकल रही सैकड़ों ट्रिप रेत

चंपा/ अवैध रेत घाटों से रेत उत्खनन का कार्य धड़ल्ले से चल रही है। ऐसे में रेत खदान संचालकों के हौसले बुलंद है। सूत्रों की माने तो रेत घाट संचालन करने वालों के साथ खनिज अफसरों की चोली दामन का साथ है। यही वजह है कि अब तक रेत घाटों तक खनिज विभाग के अफसर नहीं पहुंच पाते। उन्हें बख्सा जाता है। जबकि केवल परिवहन करते वाले रेत से भरी ट्रैक्टर संचालकों पर कार्रवाई की जाती है। आज भी पीथमपुर, केवा भादा, कुदरी, बरबसपुर जैसे दर्जनों रेत घाट आबाद है। इससे राजस्व विभाग को बड़ा नुकसान हो रहा है। सूत्रों की माने तो प्रत्येक रेत घाटों में हर रोज 5 से 10 लाख रुपए की रेत निकल रही है। जिसका हिस्सा बाकायदा खनिज अफसरों को पहुंच रहा है। यही वजह है कि खनिज अफसर रेत घाटों से मुंह फेर लेते हैं। सूत्रों का आरोप है कि प्रत्येक अवैध रेत घाटों से खनिज विभाग के अफसरों का हफ्ता बंधा हुआ है। इसके चलते केवल परिवहन करते ट्रैक्टर को पकड़ा जाता है। जबकि रेत घाटों तक खनिज अफसर नहीं पहुंच पाते और बाहर की बाहर सड़कों में ट्रैक्टर को पकडऩे का काम किया जाता है। आज खनिज विभाग के फाइल को खंगालें तो माह में केवल एक दो रेत घाटों पर कार्रवाई की गई है। हद तो तब हो जाती है जब कार्रवाई के दूसरे दिन वही रेत घाट फिर खुल जाते हैं और अपना कारोबारी शुरू कर देते हैं।

बिना लाइसेंस धड़ल्ले से कारोबार

आपको बता दें कि किसी भी रेत घाट को खनिज विभाग से लाइसेंस जारी नहीं किया गया है,बावजूद उनका कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। बताया जा रहा है कि जिले में केवल एक रेत घाट बोरसी को पर्यावरणीय अनुमति मिली है शेष सभी अवैध तरीके से रेत का उत्खनन कर रहे हैं। इन सभी बातों की जानकारी खनिज अफसरों को है बावजूद खनिज अफसर ऐसे अवैध रेत घाटों तक नहीं पहुंच पा रही है।

खनिज विभाग के दावों को लेकर पत्रिका ने हकीकत जानने कुछ रेत घाटों का दौरा किया। जिसमें बरबसपुर रेत घाट, पीथमपुर रेत घाट, सोंठी रेत घाट, जैसे दर्जनों रेत घाटों से महानदी की सीना चीरने का काम किया जा रहा है। इन रेत घाटों से सैकड़ों ट्रिप रेत निकाली जा रही है। बाकायदा रेत घाट संचालकों द्वारा प्रत्येक ट्रिप में 600 से 1000 रुपए प्रति ट्रैक्टर लिया जा रहा है। वहीं प्रत्येक हाइवा के पीछे 2000 तक वसूल किया जा रहा है। ऐसे कारोबारी में बाकायदा सरपंचों की भूमिका संदिग्ध है। विडंबना यह है कि गांव के पंडों को इसके लिए लगाया गया है ताकि कोई बाल बांका न कर सके।

-अवैध रेत घाटों पर कार्रवाई की गई है। माह में एक से दो रेत घाट संचालकों पर कार्रवाई कर जुर्माना वसूल किया गया है। जब जब शिकायत मिलती है तब तब कार्रवाई की जाती है।

- हेमंत चेरपा, जिला खनिज अधिकारी

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