यूट्यूब देखकर शराब बनाना सिख गया इंजीनियरिंग छात्र, अंबिकापुर फॉरेस्ट गेस्टहाउस में बनाया अवैध शराब फैक्ट्री
सरगुजा/ छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में एक इंजीनियरिंग छात्र अवैध शराब फैक्ट्री का संचालन कर रहा था। छात्र ने बाकायदा यूट्यूब से शराब बनाना सीखा और फिर अपने गांव के कुछ लोगों को बुलाकर काम पर रखा था। पुलिस ने आरोपी छात्र सहित 3 लोगों को पकड़ा है।
पकड़ा गया छात्र बतौली निवासी कमल सिंह सकालो फॉरेस्ट गेस्ट हाउस में गार्ड है। ग्रामीण मंगलवार को एक चोर का पीछा करते हुए गेस्ट हाउस पहुंचे तो मामले का खुलासा हुआ। गेस्ट हाउस से सटी झोपड़ी में शराब बनती देख ग्रामीणों ने गांधी नगर थाना पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने मौके से 460 लीटर महुआ शराब, 300 किलो महुआ पास, 800 लीटर गुड़ पास, शराब बनाने में इस्तेमाल हो रही 9 डेकची सहित अन्य सामान और 20 हजार रुपए जब्त किए हैं। बड़ी मात्रा में कोयला भी बरामद किया गया हैं। उसके संबंध में जांच की जा रही है।
यूट्यूब से सीखा शराब कैसे बनाते हैं
पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपी कमल सिंह (28) वन विभाग के गेस्ट हाउस में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी था। उसने यू-ट्यूब से महुआ, गुड़ और सौंफ का उपयोग कर गंधहीन शराब बनाना सीखा। पहले खुद के इस्तेमाल के लिए बनाई, फिर छोटी फैक्ट्री लगा ली।
गांव से बुला कर काम में लगाया अन्य को भी
कमल सिंह ने शराब बनाने के लिए गांव से मोहित सिंह उर्फ भगत (26) और एक लड़के को बुला लिया। दोनों शराब बनाने में उसका सहयोग करते थे। कमल शनिवार और रविवार को शराब बनाता था। वे अलग-अलग किस्म की शराब बनाते। इसके अलावा डिमांड आने पर शराब का रॉ मटेरियल रखते।
थोक में सप्लाई
पिछले करीब छह माह से आरोपी शराब शहर के आसपास के ठिकानों में नर्सरी में काम करने वाली एक महिला के माध्यम से खपा रहा था। वह प्रतिमाह 50 से 60 हजार रुपए बचा लेता था। पुलिस जांच से बचने के लिए कमल सिंह सकालो एवं आसपास शराब नहीं बेचता था।
आरोपी को जेल भेज दिया गया है
पुलिस ने दो आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। वहीं नाबालिग को न्यायिक अभिरक्षा में बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। कार्रवाई में थाना प्रभारी गांधीनगर जॉन प्रदीप लकड़ा, एएसआई अनिल पांडेय, विनय सिंह की टीम सक्रिय रही।


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