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मंत्री टंकराम वर्मा ने गंगाजल से शुद्ध किया बंगला, कहा- बंगले में अकबर की जगह राम भक्त आए हैं

रायपुर/ छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा सोमवार को सरकारी बंगले में शिफ्ट हो गए। उन्होंने पूजा-पाठ करने के साथ ही बंगले को गंगाजल से शुद्ध किया। इस दौरान मंत्री टंकराम ने कहा कि, बंगले में अकबर की जगह राम भक्त आए हैं।

इसके बाद कांग्रेस ने मंत्री पर निशाना साधा है। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि, कौन-किसका भक्त है, भाजपा को प्रमाणपत्र देने की आदत हो गई। गंगाजल को भी यह राम मंदिर से जोड़ने का काम कर रहे हैं। गंगाजल सबके लिए पवित्र है। छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा पूर्व मंत्री मो. अकबर के बंगले में शिफ्ट हो गए हैं। इससे पहले उन्होंने पूजा-पाठ कर गंगाजल से बंगले को शुद्ध किया।

सनातनी परंपरा अनुसार 

मंत्री टनकराम ने कहा कि, हम भगवान राम के अनुयायी हैं। राम हमारे आदर्श हैं। सनातनी परंपरा है कि नए घर, नए कार्यालय में प्रवेश करने पर पूजा-पाठ कर गंगाजल से शुद्ध किया जाता है। मैंने भी वही किया है। दरअसल, यह बंगला पहले पूर्व मंत्री मो. अकबर को अलॉट था।

राम नवमी पर हो राम मंदिर का अनुष्ठान

दीपक बैज ने कहा कि न्याय यात्रा गरीब, युवा, पीड़ित और बेरोजगारों को न्याय दिलाने के लिए है। राहुल गांधी सबके बीच पहुंचें और उनकी बातों को सुन सकें। हम नए एजेंडे के साथ लोकसभा चुनाव में जा सकें।

उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर कहा कि लगातार शंकराचार्य इसका विरोध कर रहे हैं, मंदिर अभी अधूरा है। उन्होंने कहा कि, राम नवमी में इसका शुभारंभ करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि, मोदी अच्छा काम करते तो रोजगार महंगाई बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर जाते, लेकिन उनके पास कोई मुद्दा नहीं है। इसलिए मंदिर के नाम से प्रोपेगैंडा देश की जनता की भावनाओं से खेल कर चुनाव लड़ना चाहते हैं। न्याय यात्रा ऐतिहासिक और सफल रहेगी।

केंद्रीय मंत्री द्वारा भ्रष्टाचार की जांच किए जाने वाले बयान को लेकर पीसीसी चीफ ने कहा कि अभी उनकी सरकार है, उनको कौन रोका है। यह हमारी सरकार को ED-IT के माध्यम से बदनाम करने के लिए है।

यात्रा से नए बदलाव

दीपक बैज ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा के दूसरे पार्ट न्याय यात्रा की शुरुआत हुई है। देशभर के नेता और छत्तीसगढ़ के नेता उसमें शामिल हुए। ऐतिहासिक शुरुआत मणिपुर इंफाल से हुई है। मुंबई तक 6700 किलोमीटर गुजरेगी। 20 मार्च को समापन होगा। दराहुल गांधी के इस यात्रा से देश में नए बदलाव का संकेत मिलेगा।


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