सीएमएचओ ने ड्रग विभाग से कार्रवाई का रिपोर्ट माँगा, एक साल के अंदर 30 फर्मों के खिलाफ सस्पेंशन की कार्रवाई हुई
दुर्ग/ दुर्ग जिले के सीएमएचओ जेपी मेश्राम ने औषधि नियंत्रक, निरीक्षक व खाद्य सुरक्षा अधिकारियों से पिछले साल की गई कार्रवाई का ब्यौरा मांगा है। इसमें पता चला कि ड्रग विभाग ने एक साल के अंदर जहां 30 फर्मों के खिलाफ सस्पेंशन की कार्रवाई की तो वहीं 53 फर्मो को नोटिस जारी किया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जेपी मेश्राम ने बताया कि उन्होंने सहायक औषधि नियंत्रक, औषधि निरीक्षक व खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की समीक्षा बैठक बुलाई थी। उसमें उन्होंने सभी अधिकारियों से अप्रेल 2023 से दिसम्बर 2023 तक की गई कुल कार्रवाईयों का व्यौरा मांगा था।
इसमें उन्हें जानकारी दी गई कि अब तक उनके द्वारा कुल 1058 फर्मों का निरीक्षण किया गया जिसमें से 53 फर्मों को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया। वहीं 30 फर्मों के खिलाफ निलंबन की कार्यवाही की गई है। 2 फर्मों का लाइसेंस निरस्त किया गया है। इस दौरान औषधि निरीक्षकों ने 10 ब्लॅड सेंटर व 9 ब्लॅड स्टोरेज सेंटरों का भी निरीक्षण किया है। इसमें 2 ब्लॅड सेंटर में अनियमितता पाए जाने पर उनकी आगे की गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है।
लिए गए सैंपल में 10 के नमूने फेल
सीएमएचओ ने बताया कि औषधि निरीक्षकों ने एक साल में 16 दवाओं के सैंपल लेकर टेस्ट के लिए भेजे थे। इसके साथ ही इससे पहले भेजे गए सैंपल में से 70 रिपोर्ट प्राप्त आई, जिसमें 60 औषधियों के नमूने राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, कालीबाड़ी रायपुर छत्तीसगढ़ द्वारा मानक स्तर की पाई गई। साथ ही 10 नमूनों की रिपोर्ट अमानक घोषित घोषित की गई है।
135 पानठेलों के खिलाफ हुई कार्रवाई
कोटपा एक्ट के तहत स्कूलों कालेजों के पास व अन्य सार्वजनिक स्थानों में संचालित 135 पानठेलों के खिलाफ चालानी कार्यवाही की गई है। इससे 22 हजार 770 रुपये की वसूली की गई। निरीक्षण के दौरान औषधि निरीक्षकों द्वारा 28 डीपीसीओ के नमूने संकलित किये गए। उक्त समायावधि में औषधि निरीक्षकों द्वारा पुलिस विभाग के साथ संयुक्त टीम बनाकर एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत कुल 14 कार्यवाही की गई।
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