गौरेला-पेंड्रा-मरवाही/ छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा में बंदरों की दोस्ती की अनूठी तस्वीर देखने को मिली है। एक मृत बंदर का शव दफनाने के दौरान उसे देखने बंदरों की पूरी टोली पहुंच गई। बंदर एक जर्जर मकान के छत से साथी बंदर के शव को दफनाने की प्रक्रिया को देखते नजर आए।
दरअसल, सामाजिक संगठनों को सूचना मिली थी कि कोटा के डाक बंगला चौक में स्थित न्यू जया इंटरप्राइजेज के सामने हाई वोल्टेज तार की चपेट में आने से एक बंदर की मौत हो गई है। इसके बाद हिन्दू संगठनों की ओर से बंदर के शव को दफनाने का काम किया जा रहा था। इसी दौरान अपने साथी की अंतिम झलक पाने के लिए बंदरों का झुंड जमा हो गया।
छत पर देखते ही देखते जमा हो गए बंदर
देखते ही देखते मौके पर जर्जन मकान के छत पर बंदरों का झुंड जमा हो गया। सारे बंदर अपने साथी को अंतिम विदाई देने शव दफनाने तक बैठे रहे। इस दौरान नजारा भावुक करने वाला था। लोगों का कहना है ऐसा रिश्ता हमने कभी नहीं देखा। वीडियो सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो रहा है।
बंदरों की संवेदनशीलता
इससे पहले भी बंदरों की संवेदनशीलता का नजारा अमरकंटक के कपिलधारा में देखने को मिला था। वहां खेल रहे बंदरों के एक समूह से एक बंदर की पेड़ से गिरकर मौत हो गई थी। इसके बाद वहां मौजूद तमाम बंदरों के रोने-बिलखने का मंजर देखकर लोग भी भावुक हो गए थे।
बंदर की मौत पर बना था हनुमान मंदिर
ऐसी ही एक अन्य घटना में गौरेला के पावर हाउस में एक बंदर की गिरकर मौत हो गई थी। इसके बाद वहां लोगों ने हनुमान मंदिर का निर्माण कराया था।
बंदर की करंट की चपेट में आकर मौत हो गई।
इतना ही नहीं अमरकंटक में जब एक बंदर पेड़ से गिरकर घायल हुआ था। उस समय वहां पश्चिम बंगाल से पहुंचे परिवार ने उपचार कराने बंदर को अपने साथ अस्पताल ले गए थे।


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