"चार हाथ वाली लक्ष्मी कैसे पैदा हो सकती है, घरवाली की पूजा व सम्मान करें" - सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य
लखनऊ/ सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने दीपावली पर मां लक्ष्मी को लेकर विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा- चार हाथ, आठ हाथ, बीस हाथ वाला बच्चा आज तक पैदा नहीं हुआ। ऐसे में चार हाथ वाली लक्ष्मी कैसे पैदा हो सकती है.
दीपावली पर मौर्य ने अपनी पत्नी की पूजा की। इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया X पर पोस्ट करते हुए लिखा-पूरे विश्व के प्रत्येक धर्म, जाति, नस्ल, रंग व देश में पैदा होने वाले बच्चे के दो हाथ, दो पैर, दो कान, दो आंख, दो छिद्रों वाली नाक के साथ एक सिर, पेट व पीठ ही होती है। चार हाथ, आठ हाथ, दस हाथ, बीस हाथ व हजार हाथ वाला बच्चा आज तक पैदा ही नहीं हुआ। तो चार हाथ वाली लक्ष्मी कैसे पैदा हो सकती है?
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| सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य |
यदि आप लक्ष्मी देवी की पूजा करना ही चाहते हैं तो अपने घरवाली की पूजा व सम्मान करें। जो सही मायने में देवी है। क्योंकि आपके घर परिवार का पालन-पोषण, सुख-समृद्धि, खान-पान व देखभाल की जिम्मेदारी बहुत ही निष्ठा के साथ निभाती है।'
सपा नेता ने X पर पत्नी की फोटो शेयर करते लिखा- आप लक्ष्मी देवी की पूजा करना ही चाहते हैं तो अपने घरवाली की पूजा व सम्मान करें
रामचरित मानस बकवास, बैन लगना चाहिए
सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने इसी साल 22 जनवरी को रामचरित मानस को लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा- कई करोड़ लोग रामचरित मानस को नहीं पढ़ते। यह तुलसीदास ने अपनी खुशी के लिए लिखा है। सरकार को रामचरित मानस के आपत्तिजनक अंश हटाना चाहिए या इस पूरी पुस्तक को ही बैन कर देना चाहिए।
'रामराज में काटा गया था शम्बूक का सिर'
सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने अब रामराज को लेकर सवाल खड़ा किया था। उन्होंने अपने X पर लिखा था- एक रामराज में शम्बूक का सिर काटा गया था, अब आरक्षण खत्म किया जा रहा है’ तो कभी एकलव्य का अंगूठा और अब दलितों, आदिवासियों पिछड़ों का आरक्षण काटा जा रहा है, यानी संविधान प्रदत्त आरक्षण खत्म किया जा रहा है। जागो सावधान हो जाओ. रामराज हटाओ-आरक्षण बचाओ.
हिंदू कोई धर्म नहीं, बल्कि धोखा
सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने ब्राह्मण समाज और हिंदू धर्म को लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने अपने X पर लिखा था- ब्राह्मणवाद की जड़ें बहुत गहरी हैं और सारी विषमता का कारण भी ब्राह्मणवाद ही है। हिंदू नाम का कोई धर्म है ही नहीं। हिंदू धर्म केवल धोखा है।
सही मायने में जो ब्राह्मण धर्म है, उसी ब्राह्मण धर्म को हिंदू धर्म कहकर के इस देश के दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों को अपने धर्म के मकड़जाल में फंसाने की एक साजिश है। अगर हिंदू धर्म होता तो आदिवासियों का भी सम्मान होता। दलितों का भी सम्मान होता, पिछड़ों का भी सम्मान होता। लेकिन क्या विडंबना है..."
स्वामी प्रसाद के बयान पर राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास ने नाराजगी जताई।
स्वामी के बयान पर सत्येंद्र दास ने नाराजगी जताई
स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान पर राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य महामूर्ख है। कोर्ट से भी उसे फटकार लग चुकी है, इसके बावजूद भी वह सुधरने का नाम नहीं ले रहा है।
सत्येंद्र दास ने कहा कि स्वामी प्रसाद को पता लगाना चाहिए कि उनका शरीर जानवर जैसा कैसे हो गया। उनका मुंह जानवर जैसा है, जबकि आंख नेवले जैसी हैं। सत्येंद्र दास ने आगे कहा कि स्वामी प्रसाद ने देश की माताओं और बहनों का अपमान किया है। माताओं, बहनों को अब दुर्गा बनने की जरूरत है। जिससे कि ऐसे स्वामी प्रसाद जैसे दुस्साहसी को सबक सिखाया जा सके।
अखिलेश ने स्वामी को हिंदू धर्म के अपमान का एजेंडा सौंपा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने स्वामी प्रसाद मौर्य के लक्ष्मी पर दिए बयान पर नाराजगी जताई है। स्वामी के बयान को लेकर अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव ने ही जानबूझकर स्वामी प्रसाद मौर्य को राष्ट्रीय महासचिव बनाकर सनातन हिंदू धर्म के अपमान का एजेंडा उनको सौंप दिया है।
ये भी साबित हो गया है कि सपा प्रमुख का खुद को हिंदू बताना, विष्णु जी और परशुराम जी का मंदिर बनवाने की घोषणा और अपने पूजा पाठ का प्रचार कराना सब ढोंग है। सपा प्रमुख तुष्टीकरण की राजनीति के कारण हिंदू धर्म का अपमान कराने से बाज नहीं आने वाले हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य तो मानसिक रूप से दिवालिया हो गए।वास्तव में उनके बयानों में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ही की सोच है। सपा प्रमुख हिंदू धर्म और देवी देवताओं को अपमानित कराना बंद करे।
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