29 सितम्बर को वर्ल्ड हार्ट डे मनाया जाता है, सभी ले मन में डर है की कल क्या होगा, हार्ट अटैक के लगातार सामने आ रहे मामलों से लोगों के मन में हर समय डर सा बना रहता है। 21 सितंबर को UP की राजधानी लखनऊ में सिटी मॉन्टेसरी स्कूल में 9वीं का छात्र क्लास में अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। उसे हार्टअटैक हुआ था। CPR देने के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। ऐसे ही 25 सितंबर को गुजरात के जामनगर में गरबा प्रैक्टिस के दौरान 24 साल के विनीत कुंवारिया की हार्ट अटैक से मौत हो गई।
हार्ट अटैक की बीमारी अब उम्र का लिहाज भी नहीं कर रही है। छोटे बच्चे से लेकर नौजवान तक कोई भी इसकी चपेट में आ सकता है।
ऐसे में अपने दिल की सेहत को लेकर सजग रहना बहुत जरूरी है।
डॉ. नागेन्द्र सिंह चौहान, सीनियर डायरेक्टर, इंटरवेंशनल कॉर्डियोलॉजी हार्ट इंस्टीट्यूट, मेदांता हॉस्पिटल, गुरुग्राम से जानते हैं कुछ सवालों के जवाब.
सवाल: किन लक्षणों से पता चलता है कि आपका दिल बीमार है?
जवाब: दिल की सेहत के बारे में जानने के लिए कई लक्षण हैं। लेकिन ये लक्षण बहुत देर से दिखाई देते हैं।
सवाल: किन कारणों से दिल कमजोर होता है, और कम उम्र में भी हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ता है?
जवाब: सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बात यह है कि पहले हार्ट अटैक की एवरेज एज 60 साल थी। लेकिन आज हार्ट अटैक किसी भी उम्र के लोगों को हो रहा है। यही सबसे ज्यादा चिंता की बात है। इसके कुछ प्रमुख कारणों पर रौशनी डालते हैं-
खराब लाइफस्टाइल: हेल्दी डाइट और घर के खाने की बजाय फास्ट फूड और बाहर का खाना रेगुलर तौर पर खाना।
स्ट्रेस लेना: हार्ट का सबसे बड़ा दुश्मन स्ट्रेस है। ये कई तरह से होता है, जैसे फाइनेंशियल, फैमिली प्रेशर-टेंशन, करियर, जॉब का लोड।
नींद पूरी न लेना: हेल्दी रहने के लिए 6-8 घंटे की नींद बहुत जरूरी है। रात में देर तक मोबाइल चलाना इसकी सबसे बड़ी वजह है।
जेनेटिक: फैमिली में अगर किसी व्यक्ति की हार्ट अटैक से मौत हुई या कोई हार्ट पेशेंट है तो उन्हें ज्यादा अलर्ट रहने की जरूरत है।
ओवर एक्सरसाइज करना: बीते मामलों में जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज करने वाले भी हार्ट अटैक का शिकार हुए हैं। याद रखें कि अति किसी भी चीज की बुरी होती है।
सवाल : हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए दिल का ख्याल कैसे रखें?
जवाब: मेडिकली दिल का ध्यान रखने के लिए 5 मेडिकल फैक्टर्स को कंट्रोल करना होगा।
वजन: BMI यानी बॉडी मास इंडेक्स के हिसाब से वेट कंट्रोल करें।
बीपी: ब्लड प्रेशर 120/80 होना चाहिए।
हार्ट रेट: 55 से 90 बीट प्रति मिनट होनी चाहिए।
कोलेस्ट्रॉल: बैड कोलेस्ट्रॉल 100 mg/dl से कम, गुड कोलेस्ट्रॉल 60 mg/dl से ज्यादा होना चाहिए।
शुगर: शरीर में फास्टिंग ब्लड शुगर 126 mg/dL से ज्यादा और पोस्ट मील शुगर लेवल 160 mg/dL से ज्यादा खतरनाक है।
सवाल: क्या कार्डिएक अरेस्ट और हार्ट अटैक एक ही होता है?
जवाब: नहीं, दोनों अलग-अलग मेडिकल टर्म हैं। बहुत से लोगों को लगता है कि ये एक ही होता है। पॉइंट्स से इसे ऐसे समझते हैं-
जब हार्ट में ब्लड नहीं पहुंच पाता, तब हार्ट अटैक होता है। लेकिन कार्डिएक अरेस्ट में दिल अचानक ही काम करना बंद कर देता है।
आर्टिरीज में ब्लड फ्लो रुकता है तो ऑक्सीजन की कमी से दिल का कुछ हिस्सा डेड होने लगता है। वहीं, कार्डिएक में हार्ट बीट अचानक ही बंद हो जाती है।
कार्डिएक अरेस्ट हार्ट अटैक से भी ज्यादा डेंजरस
हार्ट अटैक और कार्डिएक अरेस्ट में सबसे ज्यादा रिस्क कार्डिएक अरेस्ट का होता है। इसमें लक्षण नहीं दिखाई देते हैं।
जबकि हार्ट अटैक में 48 घंटे से लेकर 24 घंटे पहले ही संकेत मिल जाते हैं। हार्ट अटैक में मरीज अपनी जान बचा सकता है, लेकिन कार्डिएक में ऐसा कोई मौका नहीं मिलता है।
सवाल: कैसे पहचानें कि किसी व्यक्ति को हार्ट अटैक आया है या कार्डियक अरेस्ट?
जवाब: पॉइंट्स से समझते हैं-
कार्डिएक अरेस्ट अचानक होता है। इसमें लक्षण नहीं दिखते हैं।
पेशेंट अगर अचानक गिरता है तो इसका मतलब कि उसे कार्डिएक अरेस्ट हुआ है।
पेशेंट के गिरने पर कोई उसकी पीठ और कंधों को थपथपाता है तो भी उसमें कोई रिएक्शन नहीं होता है।
दिल की धड़कन अचानक से तेज हो जाती है और पेशेंट नॉर्मल सांस भी नहीं ले पाता है।
पल्स और ब्लड प्रेशर रुक जाता है।
इस कंडीशन में ब्रेन और बाकी हिस्सों में खून नहीं पहुंच पाता है।
सवाल: बीते दिनों कई केसेस आएं हैं, जिनमें डीजे पर डांस करते समय लोगों की अचानक मृत्यु हो गई। ऐसे में क्या तेज आवाज और डीजे से भी दिल को कोई बुरा असर होता है?
जवाब: हां बिल्कुल होता है। 50 डेसीबल से ज्यादा के साउंड में रहने से हार्ट पर स्ट्रेस पड़ता है।
सवाल: किस उम्र से दिल यानी हार्ट का ख्याल रखना शुरू कर देना चाहिए?
जवाब: वैसे तो शरीर के किसी भी अंग या पूरे शरीर का ख्याल रखने की कोई उम्र नहीं होती है। हमेशा ही ख्याल रखना चाहिए, लेकिन अगर आपकी फैमिली में किसी को हार्ट अटैक आया है तो आपको ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
इसके अलावा 30 की उम्र में सभी को कोलेस्ट्रॉल चेक कराना चाहिए। अगर ज्यादा है तो उसे कंट्रोल करें। इससे फ्यूचर में रिस्क कम हो जाता है।
शरीर में हार्ट अटैक का मामूली सा संकेत भी मिलते ही तुरंत ये कदम उठाएं-
सीपीआर दें
सबसे पहले मरीज को सीपीआर दें। तुरंत किसी करीबी, रिश्तेदार, दोस्त और एंबुलेंस को बुलाकर डॉक्टर के पास जाएं।
एस्पिरिन टेबलेट
हार्ट अटैक आने के 30 मिनट के अंदर आप जीभ के नीचे सॉर्बिट्रेट एस्पिरिन की टैबलेट दबाकर रखें। यह एस्पिरिन खून के थक्के बनने से रोकता है। इससे नसें भी ब्लॉक नहीं होती है।
पैरों के नीचे तकिया रखें
हार्ट अटैक आने पर या दिल में दर्द होने पर डॉक्टर के आने तक आप मरीज को आराम से लिटाएं और उसके पैरों के नीचे तकिया दबा दें। कमरे की खिड़कियां खोल दें और पंखे-एसी को ऑन करें। मरीज को धीमी सांस लेने के लिए कहें।


टिप्पणियाँ