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आंखों में जलन या खुजली हो तो इग्नोर ना करें, धूल के कण, छोटे कीड़े चले जाने से हो सकता है नुकसान

कई बार बाइक या स्कूटी चलाते समय आंख में धूल के कण, छोटे कीड़े चले जाते हैं। जिन्हें अक्सर हम इग्नोर करते हैं। बाद में इससे आंखों में जलन और खुजली तो होती ही है, साथ ही आंखों पर बुरा असर भी पड़ता है।

आंखों में जलन या खुजली हो तो इग्नोर ना करें, धूल के कण, छोटे कीड़े चले जाने से हो सकता है नुकसान


एक्सपर्ट:
    भोपाल स्थित अपोलो सेज हॉस्पिटल के आई स्पेशलिस्ट, कंसल्टेंट, कॉर्निया सुपरस्पेशलिस्ट डॉ. सिद्धार्थ मलैया
    गुडगांव स्थित पारस हॉस्पिटल के आफ्थैल्मालजी के हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट डॉ. संजय वर्मा

सवाल: तेज धूप, आंधी और बारिश से आंखों पर किस तरह का असर होता है?
जवाब: दरअसल, गर्मियों की तेज धूप में अल्ट्रावायलेट रेडिएशन तीन गुना ज्यादा होता है, जिसका असर आंखों पर काफी ज्यादा पड़ता है। तेज धूप में यूवी किरणों से आंखों के ऊपर बनी टीयर सेल यानी आंसुओं की परत टूटने या डैमेज होने लगती है।

यह सिचुएशन कॉर्निया के लिए हार्मफुल हो सकती है। आंधी या तेज हवा में बाहर उड़ने वाली धूल आंखों में एलर्जी पैदा करती है। इसकी गर्मी से टीयर्स, यानी आंसू सूख जाते हैं, जिससे लोगों को आंखों में ड्राइनेस की सबसे ज्यादा परेशानी होने लगती है। वहीं बारिश के मौसम में आंखों में इन्फेक्शन होने की संभावना सबसे ज्यादा होती है। जैसे- आई फ्लू।

सवाल: कई बार बाहर से आने पर आंख लाल हो जाती हैं, तो क्या करें?
जवाब: आंखों को ठंडे पानी से एक दो बार धो सकते हैं। इससे आंखों को आराम मिलेगा।

सवाल: ड्राइव करते समय आंख में कुछ चला जाए तो कैसे बाहर निकालें?
जवाब: आंख में जब भी कुछ जाए, तो जहां भी आप हो वहीं आंखों को जल्दी-जल्दी झपकाएं। ऐसा करने से आंख में जो भी गया है वो आंख के अंदर वाले कोने से बाहर आने की कोशिश करेगा।

इसके आलावा आप आंखों को बार-बार पानी से धोएं, तो जहां तक संभावना है, निकल जाएगा। मुंह की भाप से हथेली गरम करके आंख की सिकाई करें।

ध्यान रखें- आप आंखों को रगड़ें या मसलें नहीं और पकड़ के निकलने की कोशिश न करें। ऐसे में घाव बन सकते है और ज्यादा नुकसान हो सकता है। ज्यादा परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

सवाल: अक्सर आंख से लगातार पानी बहता है, ये क्यों होता है और इसे कैसे ठीक करें?
जवाब: लगातार पानी आने का मतलब है आपकी आंखों में नैसोलैक्रिमल डक्ट का ब्लॉकेज हो गया है। ये वो नली है जो आंख में बनते पानी को नाक में ले जाती है।

इसके अलावा आंखों में एलर्जी से और आंख में कोई कचरा फसे होने से भी आंख में लगातार पानी आ सकता है।

सवाल: आंख में चोट लगने पर फर्स्ट ऐड के तौर पर क्या करें?
जवाब: आंख में चोट लगने पर सीधा डॉक्टर को ही दिखाना चाहिए। आंख पर कोई चश्मा लगा लें, ताकि गलती से हाथ न लगे। कुछ परेशानी न होने पर भी आंख में अंदरूनी चोट या ब्लीडिंग हो सकती है ये चेकअप के बाद ही पता चलेगा।

सवाल: कई लोग बच्चों की आंखों में भर-भर कर काजल लगा देते हैं, क्या ये सही तरीका है?
जवाब: थोड़ा काजल लगाने में दिक्कत नहीं है लेकिन ज्यादा लगाने से बच्चे को आंख में इरिटेशन हो सकता है और पानी आ सकता है। साथ ही यह ऑयल ग्लैंड्स के छेदों को बंद कर देता है। ये छेद आंसू बनाने में मदद करते हैं।

सवाल: कई बार सोकर उठने के बाद आंखों की पलकें आपस में चिपक जाती हैं, खुलती तक नहीं हैं, ये क्या होता है?
जवाब: दरअसल दिनभर में बार-बार पलक झपकने और आने वाले आंसुओं से गंदगी साफ होती रहती है। यह पलकों के किनारों पर ही जमा होने लगती है। जोकि सोते समय आंखों के किनारे से बाहर आ जाती है।

पलकें आपस में म्यूकस की वजह से चिपक जाती हैं। जब आंखों की इम्युनिटी कमजोर हो जाती है और उस समय म्यूकस के हार्मफुल बैक्टीरिया आंखों में इन्फेक्शन पैदा कर देते हैं।

जिससे आंखों में जलन, लगातार पानी निकलना और धुंधला दिखने जैसी समस्याएं होने लगती हैं।

इसे अलावा अगर आप कान्टेक्ट लेंस लगाते हैं और आपकी आंखों में जरूरत से ज्यादा गंदगी इकठ्ठी होने लगती है। इसलिए लेंस का यूज रेगुलर तौर पर न करें।

सवाल: घंटों तक लैपटॉप पर काम करने, पढ़ाई करने से आंखें थकी-थकी लगती हैं, इससे बचने का क्या तरीका है?
जवाब: देर तक लैपटॉप पर काम करते हैं तो इन टिप्स को फॉलो करें।

  •     20-20-20 रूल फॉलो करें। 20 मिनट लगातार स्क्रीन का इस्तेमाल करने के बाद ब्रेक लें। इसके बाद 20 सेकेंड के लिए 20 फीट की दूरी पर देखें।
  •     जहां स्क्रीन का इस्तेमाल कर रहे हैं वहां अच्छी लाइटिंग होनी चाहिए। अंधेरे में स्मार्टफोन यूज करने से बचें।
  •     डॉक्टर से समय-समय पर आंख का चेकअप कराते रहें।
  •     अगर चश्मा पहनते हैं तो एंटी-ग्लेयर चश्मा इस्तेमाल करें।
  •     अगर लंबे समय के लिए स्क्रीन का इस्तेमाल करते हैं तो ब्लू लाइट कम करने वाला चश्मा पहनें।
  •     रात में स्क्रीन पर समय बिता रहें हों तो कोशिश करें कि कमरे की लाइट जलती रहे।
  •     रात में फोन यूज करने पर उसका नाइट मोड ऑन कर लें।

नोट: परेशानी बनी रहे तो तत्काल डॉक्टर की सलाह लें।

सवाल: आंख की अच्छे से देखभाल करने के लिए क्या करें?
जवाब: पॉइंट्स से समझते हैं।

रोज अपनी आंखें धोएं: रेगुलर आंखें धोने से धूल और गंदगी को हटाने में मदद मिलेगी। सुबह-शाम या सोकर उठने के बाद आंखों पर साफ पानी के छींटें मारें।

आंखों को एक्टिव रखें: इसमें आपको मुंह में पानी भरना है और आंखों पर साफ पानी के छींटे डालने हैं। आपके मुंह में भरा पानी दबाव डालता है और आंखों की मसल्स को एक्टिव करने में मदद करता है।

आई साइट अच्छी करने वाली एक्सरसाइज करें: इसमें आईबॉल्स को लेफ्ट से राइट फिर ऊपर और नीचे घुमाना होता है। इसे दिन में कम से कम एक बार दोहराएं।

डाइट मेंटेन करें: अपनी डाइट में नट्स, खट्टे फल, गाजर, शकरकंद, बीफ, फलियां और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें।

धूप में जाते समय धूप का चश्मा पहनें: धूप का चश्मा हमारी आंखों को हानिकारक यूवीए और यूवीबी किरणों से बचाता है। इन किरणों के सम्पर्क में आने से मोतियाबिंद जैसी बीमारियों का खतरा होता है।

गंदे हाथ से आंखों को छूने से बचें: बार-बार गंदे हाथों से आंखों को छूने से इन्फेक्शन हो जाता है। ऐसे में आंखों को छूने से पहले अपने हाथों को साफ करें। अपनी आंखों को जोर से न रगड़ें।

अच्छी नींद लें: आंखों को पूरे दिन ठीक से काम करने के लिए 8 घंटे की नींद बहुत जरूरी है। नींद पूरी न होने से आंखों में तनाव और दर्द होता है।

सवाल: AC में ज्यादातर रहने पर आंखों पर किस तरह का असर होता है?
जवाब: AC में ज्यादा देर बैठने से आंखों में सूखापन आ जाता है।कम टेम्प्रेचर में लंबे समय तक रहने से आंखों से पानी नहीं निकल पाता है। साथ ही आंखों की मसल्स सिकुड़ने से उसमें खुजली होने लगती है। इससे आंखों में सूखापन, लालपन, खुजली, जलन, दाग-धब्बों, सिरदर्द और कमजोर नजरों की परेशानी होती है।

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