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हलाल ब्यूटी प्रोडक्ट की बढ़ रही मांग, क्या है हलाल ब्यूटी प्रोडक्ट्स

नई दिल्ली/ हलाल… ये शब्द आपके कानों से जरूर टकराया होगा। ब्यूटी इंडस्ट्री में भी ये शब्द काफी पॉपुलर हो चुका है। यह इंडस्ट्री महिलाओं की जरूरतों को समझते हुए हलाल ब्यूटी प्रोडक्ट्स भी अब बनाने लगी है। साल 2013 से हलाल मेकअप प्रोडक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है।

हलाल अरबी शब्द है। इसका मतलब होता है जायज़ या जिसकी अनुमति हो। हलाल शब्द का अर्थ ऐसी हर उस बात या चीज़ से है जो इस्लामिक सिद्धांतों के तहत कानूनी या स्वीकार्य है। हलाल इस्लाम धर्म के मानने वालों के लिए जीवन जीने का एक तरीका है।
 

हलाल ब्यूटी प्रोडक्ट की बढ़ रही मांग

हलाल ब्यूटी प्रोडक्ट्स की खासियत
हलाल कॉस्मेटिक ब्यूटी और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स बनाने के लिए उन खास इंग्रेडिएंट्स का इस्तेमाल करते हैं, जिनकी इस्लामी शरिया कानून में इजाजत है। हलाल ब्यूटी प्रोडक्ट्स बनाने में ब्लड, जानवरों और सुअर की चर्बी, ह्यूमन बॉडी पार्ट्स, शिकार करके पेट भरने वाले जानवर, रेप्टाइल्स, कीड़े और शराब इस्तेमाल नहीं होती। इस्लाम में इन्हें गैर-हलाल माना जाता है।

ब्यूटी प्रोडक्ट्स में इस्लामी सिद्धांत के मुताबिक हलाल जानवरों के ही बॉडी पार्ट्स इस्तेमाल में लाए जाते हैं। हलाल ब्यूटी में जेनेटिकली मोडिफाइड (GMO) प्रोडक्ट्स भी इस्तेमाल नहीं होते क्योंकि इस्लाम में इन्हें अशुद्ध माना जाता है।

हलाल ब्यूटी प्रोडक्ट्स सिर्फ मेकअप तक ही सीमित नहीं

ज्यादातर हलाल ब्यूटी का कॉन्सेप्ट क्रुआल्टी फ्री और वीगन कॉस्मेटिक के जैसा ही है। हलाल सर्टिफाइड के अंदर सिर्फ चेहरे पर लगाने वाले मेकअप प्रोडक्ट ही शामिल नहीं है। इसमें सिर से लेकर पैर तक के ब्यूटी प्रोडक्ट्स शामिल हैं। इसमें हेयर केयर, स्किन केयर, नेलपेंट, मेकअप किट, मेकअप ब्रश और परफ्यूम तक का ध्यान रखा जाता है।

हर्बल ब्यूटी एक्सपर्ट और बिजनेसवुमन शाहनाज हुसैन बताती हैं कि इन सारे प्रोडक्ट्स में ऑर्गेनिक या प्लांट बेस्ट इंग्रेडियंटस शामिल होते हैं। शाहनाज़ के ब्यूटी प्रोडक्ट्स भी हलाल सर्टिफाइड हैं। इनमें शुद्ध जड़ी-बूटियां, फूल और फलों का अर्क, प्लांट बेस्ड ऑयल, हाई क्वालिटी मिनरल्स और मोती शामिल होते हैं। शाहनाज कहती हैं कि उनके ब्यूटी प्रोडक्ट्स मिडिल ईस्ट, मलेशिया और कई देशों के ग्लोबल हलाल ब्यूटी प्रोडक्ट्स एग्जीबिशन में देखने को मिलते हैं।

हलाल सर्टिफिकेट देने के लिए अलग-अलग एजेंसियां

बड़ी मुस्लिम आबादी वाले देशों में इस्लामिक रिलीजियस काउंसिल ऑफ सिंगापुर (MUIS), डिपार्टमेंट ऑफ इस्लामिक डेवलपमेंट मलेशिया (JAKIM) और इंडोनेशिया काउंसिल ऑफ उल्लेमा (MUI) जैसे संस्थान ब्यूटी प्रोडक्ट्स को हलाल सर्टिफिकेट देते हैं।

भारत में भी कई संस्थाएं हलाल सर्टिफिकेशन जारी करती हैं। इनमें से कुछ हलाल सर्टिफिकेशन बॉडीज भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त हैं, जबकि कईयों के पास कोई मान्यता नहीं है। गर्वमेंट अप्रूव्ड हलाल सर्टिफिकेशन बॉडीज से सर्टिफिकेट लेने से प्रोडक्ट्स को नेशनल और इंटरनेशनल मार्केट में फायदा मिलता है।

हलाल कॉस्मेटिक कलरफुल पैकेजिंग न होने से महिला कस्टमर रहतीं दूर

Style.com/Arabia की कंट्रीब्यूटर और मिडिल ईस्टर्न मेकअप आर्टिस्ट फ़िज़ा अली कहती हैं- ‘मिडिल ईस्ट में महिलाएं असल में इस बात पर फोकस नहीं करती हैं कि उनके मेकअप में कौन से इंग्रेडिएंट्स हैं और वो कहां से आते हैं। उनका फोकस बस अच्छा दिखने पर होता है। जबकि यह जानना ज्यादा जरूरी है कि आप अपनी स्किन पर क्या लगा रही हैं?

मिडिल ईस्ट में कॉस्मेटिक्स के अट्रैक्टिव, लग्जुरियस पैकेजिंग महिलाओं को प्रोडक्ट खरीदने के लिए मोटिवेट करती है। वही, पैकेजिंग और मैन्युफैक्चरिंग पर रोक के कारण ज्यादातर हलाल ब्यूटी प्रोडक्ट्स की पैकेजिंग कलरफुल नहीं होती। शायद इस वजह से हलाल स्टंप और सभी नैचुरल इंग्रेडिएंट्स के बावजूद भी ये ब्यूटी प्रोडक्ट्स महिलाओं को अपनी तरफ खींचने में पीछे रह जाते हैं।

दुनिया की आबादी का पांचवां हिस्सा मुस्लिम आबादी

प्यू रिसर्च सेंटर की रिपोर्ट के मुताबिक, मुस्लिम कंज्यूमर ग्लोबल पॉपुलेशन का 23% से ज्यादा है। यानी कि पूरी ह्यूमन पॉपुलेशन का पांचवां हिस्सा है। और इसे 23 फीसदी में 1.8 बिलियन यानी 180 करोड़ लोग आते हैं। इस लिहाज से हलाल ब्यूटी इंडस्ट्री कोई छोटी इंडस्ट्री नहीं है। वर्ल्डवाइड साल 2020 तक हलाल कॉस्मेटिक का मार्केट लगभग 2.4 लाख करोड़ रुपए था। इसमें लगातार बढ़ोतरी ही हो रही है। साल 2027 तक दुनिया भर में इस ब्यूटी इंडस्ट्री में 20 फीसदी की ग्रोथ की संभावना है। तब तक यह इसका मार्केट 80 (6.65 लाख करोड़) बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा।

बढ़ रही डिमांड, कंपनियां ले रहीं हलाल सर्टिफिकेट

हलाल ब्यूटी प्रोडक्ट्स धार्मिक मान्यताओं को सूट करते हैं। साथ ही यह ब्यूटी प्रोडक्ट्स जानवरों को नुकसान पहुंचाए बिना तैयार होते हैं, इस वजह से कस्टमर्स में इसकी लोकप्रियता बढ़ रही है।

डिमांड बढ़ने की वजह से अब कई कपंनियां हलाल सर्टिफिकेशन लेना चाह रही हैं। बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कई दूसरे ब्रांड ने तो हलाल फैक्ट्री लगाना शुरू कर दी हैं। सिंगापुर के ओरल केयर ब्रांड, पर्ली व्हाइट ने जून 2022 में हलाल सर्टिफिकेशन लिया। कंपनी अब सिंगापुर में एक हलाल सर्टिफाइड ओरल केयर मैनिफैक्चरिंग यूनिट शुरू की है। यह कंपनी अपने ग्राहकों को लगभग 20 हलाल सर्टिफाइड ओरल केयर प्रोडक्ट्स बेच रही है।

वीगन ब्यूटी में पौधों का इस्तेमाल

वीगन यानी शाकाहारी। वीगनिज्म को मानने वाले लोग डेयरी या एनिमल प्रोडक्ट्स इस्तेमाल नहीं करते और इसी सोच के आधार पर ब्यूटी प्रोडक्ट्स भी बनाए जा रहे हैं। वीगन ब्यूटी प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनियां एनिमल टेस्टिंग, क्रुआल्टी फ्री, डेयरी प्रोडक्ट के अलावा, मोम, शहद, लैनोलिन, केराटिन, कोलेजन, जिलेटिन, कैरमाइन, कोलेस्ट्रॉल, कस्तूरी, मोती, Tallow (एनिमल फैट) जैसी चीजें भी इस्तेमाल नहीं करतीं। कंपनियां सिर्फ प्लांट बेस्ट सामग्री ही इस्तेमाल में लाती हैं।

ब्यूटी प्रोडक्ट्स टेस्टिंग के लिए निशाने पर चूहे-खरगोश

ब्यूटी प्रोडक्ट्स और मेकअप कंपनियों का हमेशा से ये दावा रहा है कि वह लोगों को सुंदर बनाती हैं। कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स का टेस्टिंग करती हैं जिनकी प्रक्रिया बहुत क्रूरता से भरी होती है। प्रोडक्ट्स की सेफ्टी को जांचने के लिए जानवारों पर टेस्ट करते हैं। दुनिया भर में कंपनियां ब्यूटी प्रोडक्ट्स टेस्टिंग के लिए खरगोश, गिनी पिग, हैम्स्टर, मेल-फीमेल चूहे को चुनते हैं। जबकि कुत्तों और बंदरों का उपयोग अन्य तरह के केमिकल टेस्टिंग लिए किया जाता है।

अपनी मानकों की वजह से साउथ ईस्ट एशिया में मशहूर

ब्यूटी एक्सपर्ट और बिजनेसवुमन शाहनाज हुसैन बताती हैं कि हलाल कॉस्मेटिक में एनिमल टेस्टिंग भी नहीं होती। साथ ही लोग अब स्किन केयर को लेकर अवेयर हो रहे हैं। ऐसे में वीगन, केमिकल फ्री के साथ हलाल ब्यूटी लोगों को लुभा रही है। यूरोमॉनिटर इंटरनेशनल के वॉयस ऑफ द कंज्यूमर के ब्यूटी सर्वे के अनुसार, साउथ ईस्ट एशिया में 19% ऑनलाइन कस्टमर कलर कॉस्मेटिक और स्किन केयर के लिए ऐसे प्रोडक्ट पसंद करते हैं जिनका जानवरों पर ट्रायल न किया गया हो और जो क्रुआल्टी फ्री या 100 फीसदी वीगन हैं। इन सभी मानकों को हलाल ब्यूटी में इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसकी वजह से भी कंज्यूमर के बीच फेमस हो रहा है।

एक्सपर्ट बताते हैं कि कई मुस्लिम कंट्रीज में ब्यूटी प्रोडक्ट्स एग्जीबिशन के दौरान हलाल के नियमों का पालन नहीं करने वाली कंपनियां भाग नहीं ले सकती।

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