चीन की मिलिट्री ने एनर्जी वेपन टेक्नोलॉजी में बड़ी अचीवमेंट हासिल करने का दावा किया है। न्यूज वेबसाइट साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक चीन ने दावा किया है कि उसके पास एक ऐसी तकनीक है, जिसके जरिए वो स्पेस से लेजर का इस्तेमाल कर दूसरी सैटेलाइट और जमीन पर मौजूद टारगेट पर हमला करने में सक्षम है। चीनी मिलिट्री ने दावा किया है कि उसने लेजर गन से लंबे समय तक फायरिंग के लिए कूलिंग सिस्टम बनाया है।
नया कूलिंग सिस्टम हाई एनर्जी लेजर को खुद की गर्म किरणों से बचाएगा। इससे लेजर हथियार में इस्तेमाल की जाने वाली हाई एनर्जी बीम को और ज्यादा बढ़ाया जा सकेगा। इसके अलावा लेजर हथियार खुद की गर्मी से जल्दी खराब भी नहीं होगा। इस कामयाबी के बाद स्पेस से जंग लड़ने में चीन को दूसरे देशों के मुकाबले ज्यादा बढ़त मिलेगी।
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| फाइल फोटो |
लेजर बीम में हीटिंग की काफी समय से समस्या रही है। अब इसका समाधान निकलने के बाद ये खतरनाक हथियार साबित हो सकती हैं।
हथियारों की नई दौड़ शुरू होने का डर
चीन ने एक जर्नल एक्टा ओपटिका सिनिका की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने भी लेजर गन जैसी टेक्नोलॉजी को एक्सपलोर करने की कोशिश की हैं। हालांकि, उनके ज्यादा कारगर नहीं होने के चलते अभी तक उनका ज्यादा इस्तेमाल नहीं हो रहा है। अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने पिछले साल दावा किया था कि उसने डिफेंस डिपार्टमेंट को 300 किलोवॉट की लेजर डिलीवर की है।
एक पूर्व ब्रिटिश मिलिट्री के अधिकारी स्टीव वीवर के मुताबिक लेजर गन के इस्तेमाल के लिए कूलिंग टेक्नोलॉजी डेवलेप करने के चीन के दावे हकीकत हैं। इससे लेजर गन जैसे हथियार डेवलेप करने में वो अमेरिका को मात दे चुका है। इससे नए हथियार बनाने की होड़ पूरी दुनिया में शुरू होगी। दूसरे देशों को अपनी सुरक्षा के लिए ऐसे हथियार बनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
सैटेलाइट को गिराने में इस्तेमाल होंगी लेजर गन
मिलिट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक ये लेजर गन मिसाइल सिस्टम का विकल्प हो सकती हैं। इनमें अलग से किसी तरह के हथियारों की जरूरत नहीं पड़ेगी। लेजर गन में एलन मस्क के स्टारलिंक सिस्टम की सैटेलाइट को इंटरसेप्ट करने की क्षमता होगी।
बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के मुताबिक ये हथियार दुनिया में जंग लड़ने के तरीकों को बदल सकती हैं। ये स्पीड ऑफ लाइट की रफ्तार से ट्रैवल करती हैं। इनमें इतनी ताकत है कि ये स्टील को भी पिघला सकती हैं।
अमेरिका की सेना ने स्ट्राइकर बख्तरबंद वाहनों में 50 किलोवॉट की लेजर बीम लगाई हैं। वहीं, अमेरिकी नेवी ने युद्धपोत USS पोर्टलैंड के लिए 150 किलोवॉट की लेजर बीम की टेस्टिंग की गई है। अमेरिका ने अपनी वायुसेना को भी हाई एनर्जी वाले लेजर पॉड्स दिए हैं।

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