बैकुंठपुर/ ब्लॉक भरतपुर में ग्राम कुदरा और सेरी को जोड़ने के लिए 5 किमी सड़क का निर्माण पीडब्लूडी द्वारा किया गया था, लेकिन यह सड़क तीन महीना भी नहीं टिक पाई। बारिश की वजह से रिटेनिंग वॉल भी ढह गई है। आए दिन सड़क में बने गड्ढे और उखड़ी हुई गिट्टी की वजह से लोगों को आवाजाही करने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि ग्रामीणों ने गुणवत्ताहीन सड़क का विरोध निर्माण के दौरान ही किया था।
मामले में पीडब्लूडी विभाग की लापरवाही उजागर होने के बाद अफसर सड़क की मरम्मत करवाने की बात कह रहे है। वहीं ग्रामीणों की माने तो निर्माण के दौरान विरोध के समय ही अफसर ध्यान दिए होते, तो पहली की बारिश में ही सड़क खस्ताहाल नहीं हुई होती। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क बनने से दो गांव के करीब 4 हजार लोगांे के साथ अन्य गांव के लोगों को भी लाभ मिलता है। ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण के दौरान बोर्ड भी नहीं लगाया गया था। वहीं ग्रामीण अफसर और ठेकेदार पर सांठगांठ कर गुणवत्ताहीन निर्माण करने का आरोप लगा रहे है। साथ ही फिर से सड़क बनाने की मांग कर रहे है।
बिना सरिया के ही बनाया गया रिटेनिंग वॉल 5 किमी लंबी इस सड़क पर कई जगह पुल और रिटेनिंग वॉल का निर्माण किया गया है, लेकिन बारिश की वजह से रिटेनिंग वॉल में दरारें पड़ गई है। दरअसल रिटेनिंग वॉल में दरार पड़ने से इस बात का भी पता चल रहा है कि इसके निर्माण में सरिया का इस्तेमाल नहीं किया गया है। दिखावे के लिए ईंट गारे से रिटेनिंग वॉल बनाया गया था। इस वजह से हल्की बारिश के कारण दरारे पड़ गई है। ऐसी स्थिति में यदि हैवी वाहन का आवागमन होता है, तो रिटेनिंग वॉल के ढहने से बड़ा हादसा हो सकता है।
गड्ढों में तब्दील हुई सड़क ग्राम पंचायत कुदरा के पटेलपारा, स्कूलपारा से होते हुए सेरी तक बनी सड़क को जोड़ने के लिए पुल बनाया गया। पटेलपारा के पास गिट्टी के उखड़ने से बड़े-बड़े गड्ढे बन गए है। कई ग्रामीण रात के अंधेरे में इस सड़क से आवागमन के दौरान गिरकर चोटिल भी हो चुके है। पहली बारिश में ही सड़क खस्ताहाल हो गई है। जिसके चलते सड़क किनारे जगह-जगह गिट्टी और डामर का मलबा देखा जा सकता है।
मिट्टी फीलिंग कराई जाएगी: इंजीनियर इंजीनियर बिकेश कुमार ने बताया कि सड़क निर्माण का कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है और जहां-जहां सड़क खराब हुई है, वह रिटेनिंग वॉल टूट गई है। उसे ठेकेदार से कहकर सुधरवाया जाएगा। वहीं कुछ जगह पर सड़क लेवल में नहीं है, उसे भी ठीक कराया जाएगा। इसके अलावा जहां से बारिश के पानी में मिट्टी बह गई थी, वहां मिट्टी भी फीलिंग कराई जाएगी।

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