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मत्स्य संपदा योजना के तहत मछली पालक किसान को 2 लाख रुपए तक का लोन मिलेगा, भुगतान में विलंब पर भी नहीं होगी समस्या

मछलीपालक किसानों के लिए सरकार की ओर से मत्स्य संपदा योजना शुरू की गई है। इसके तहत किसानों को मछली पालन करने के लिए सब्सिडी दी जाती है। वहीं इन किसानों को क्रेडिट कार्ड से भी जोड़ा जा रहा है ताकि इन्हें ऋण लेने में आसानी हो। बता दें कि क्रेडिट कार्ड के जरिये मछली पालक किसान 2 लाख रुपए तक का लोन बैंक से प्राप्त कर सकते हैं।
इसी क्रम में हरियाणा सरकार की ओर से मछली पालक किसानों के लाभार्थ एक बहुत ही महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। किसानों को मत्स्य संपदा योजना के तहत जो अनुदान (सब्सिडी) इन्हें दी जाती है, यदि उसके भुगतान में विलंब होता है तो राज्य सरकार एडवांस में किसानों के खाते में सब्सिडी का पैसा ट्रांसफर करेगी। इसके अलावा यदि कोई मछली पालक किसान अपने प्लॉट मेें सोलर पंप लगवाना चाहता है तो उसे 2 लाख रुपए तक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। हरियाणा सरकार के इस कदम से राज्य के मछली पालक किसानों को लाभ होगा।


सोलर पंप लगवाने पर मिलेगी 2 लाख रुपए की सब्सिडी

मुख्यमंत्री ने कहा कि मछली पालन में बिजली खपत बहुत बड़ा विषय है। फिलहाल सरकार जिन किसानों की खपत 20 किलोवाट है, उन्हें 4.75 प्रति यूनिट दर पर बिजली उपलब्ध करवा रही है। बिजली की खपत कम हो इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए मछली पालक अपने प्लॉट पर सोलर प्लांट भी लगा सकते हैं। इसके लिए उन्हें प्रति हार्स पावर 20 हजार रुपए की सब्सिडी दी जा रही है। जो अधिकतम 2 लाख रुपये तक हो सकती है।

मछली पालन से संबंधित टेस्टिंग लैब की होगी स्थापना
मुख्यमंत्री ने सिरसा जिले के मछली पालकों के लिए सिरसा में ही मछलीपालन से संबंधित टेस्टिंग लैब स्थापित करने की घोषणा की है। इससे यहां के झींगा मछली पालकों को सीधे लाभ होगा। मुख्यमंत्री सिरसा जिले के चोरमार खेड़ा गांव में आयोजित झींगा किसानों की कार्यशाला में बोले की इससे पहले यहां के मछली पालकों को रोहतक जाकर लैब टेस्टिंग की सुविधा लेनी पड़ती थी।
मछली पालकों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं क्रेडिट कार्ड

इसके अलावा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मछली की खरीद व बिक्री के लिए झज्जर या गुरुग्राम में से किसी एक जिले में थोक मछली मार्केट स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को आर्थिक रूप से लाभ होगा। किसानों को बैंक से आसानी से ऋण मिल सके। इसके लिए मछली पालक किसानों को क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराए जा रहे है। सरकार मछली पालन में बीमा करने के लिए भी बैंक व बीमा कंपनियों से कर रही है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि भिवानी जिले के गरवा गांव में 30 करोड़ रुपए की लागत से एक्वापार्क बनाया जाएगा। यह एक्वापार्क 25 एकड़ में फैला होगा। इसमें मछली पालन से जुड़े नए-नए शोध, मछली पालन की नई किस्म, बीज पर शोध किया जाएगा। इससे मछली पालकों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से मिलने वाला लाभ अगले तीन वर्ष तक दिया जाएगा।
हरियाणा में झींगा मछली पालन को मिलेगा और बढ़ावा

राज्य सरकार की प्रदेश में झींगा मछली को बढ़ाने का प्रयास कर रही है। इसके लिए सरकार की ओर से मछलीपालकों को झींगा मछली पालन से सबंधित योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है। यहां से झींगा मछलियों का निर्यात किया जाता है। हरियाणा में 4 हजार एमटी तक झींगा का उत्पादन लक्ष्य रखा गया है। बता दें कि वर्ष 2014-15 में झींगा पालन का क्षेत्र 70 एकड़ था और कुल उत्पादन 140 मीट्रिक टन था, जो 2021-22 में बढक़र 1250 एकड़ व 2900 मीट्रिक टन हो गया। सरकार ने इस वर्ष का लक्ष्य 1250 एकड़ से बढ़ाकर 2500 एकड़ करने तथा उत्पादन 2900 मीट्रिक टन से 4 हजार मीट्रिक टन रखा है।
सेम की भूमि पर झींगा पालन से होगा किसानों को मुनाफा

केंद्र सरकार की ओर से नीली क्रांति को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके तहत सिरसा जिले में झींगा मछली पालन करके उसका उत्पादन बढ़ाने पर काम किया जा रहा है। किसान सेम की भूमि या लवणीय भूमि जिसमें पानी खारा होता है, वहां झींगा मछली की खेती आसानी से की जा सकती है। जिले के किसान खारे पानी में झींगा मछली का उत्पादन बढ़ाकर अपनी आय में बढ़ोतरी कर सकते हैं। बता दें कि झींगा पालन के लिए लवणीय पानी की अवश्यकता होती है। इस दृष्टि से सेम की भूमि मछली पालन के लिए बेहतर विकल्प है।
किसान खेती के साथ मछली पालन करके बढ़ाएं आमदनी

किसान खेती के साथ मछली पालन करके अपनी आमदनी में इजाफा कर सकते हैं। किसान परंपरागत फसलों के साथ मछली पालन से काफी लाभ कमा सकते हैं। बता दें कि झींगा मछली पालन में जिला सिरसा प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। आज सिरसा में करीब 1200 एकड़ क्षेत्र में झींगा मछली पालन की खेती हो रही है, जबकि पूरे प्रदेश में यह आंकड़ा करीब 1800 एकड़ क्षेत्र में ही है।
किसान पंचायती भूमि पट्टे पर लेकर भी कर सकते हैं झींगा मछली पालन

जिला मत्स्य अधिकारी के अनुसार झींगा मछली पालन के लिए खारे पानी की आवश्यकता रहती है और सिरसा जिले के कई हिस्सों में खारा पानी आसानी से उपलब्ध है। इसलिए झींगा मछलियों की खेती काफी फायदे का सौंदा है। किसान पंचायती जमीन को 8 साल तक के पट्टे पर लेकर भी झींगा मछली पालन की खेती कर सकते है। इससे किसानों की आमदनी के साथ पंचायत का राजस्व भी बढ़ेगा। 

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