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जल जीवन मिशन के कार्यों में घोटाला ही घोटाला है

फर्जी दस्तावेज लगाकर टेंडर लेने का मामला, भारत कोकिंग कोल में पहले से ब्लैकलिस्टेड थी कंपनी 

रायपुर/ जल जीवन मिशन में एक और फर्जी दस्तावेज लगाने वाली बड़ी कंपनी पर कार्रवाई की गई है। मल्टी विलेज स्कीम के तहत मिशन ने एक ऐसी कंपनी को काम आवंटित होने से पहले पकड़ लिया जो भारत कोकिंग कोल में पहले से ब्लैकलिस्टेड थी।

पटना की एनएनटी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड ने मल्टी विलेज सिस्टम में 8 टेंडर में भाग लिया था। इसमें 102 करोड़ के काम में यह कंपनी एल-1 आई थी। इसे काम आवंटन होने वाला ही था कि इसके पहले इसका फर्जीवाड़ा सामने आ गया। 


पहले से धनबाद में भारत कोकिंग कोल में ब्लैकलिस्टेड है, उसके बावजूद उसने फर्जी दस्तावेज लगाकर मिशन में टेंडर लिया।

फर्जीवाड़ा पकड़ में आने के बाद मिशन संचालक आलोक कटियार ने कंपनी को दो साल के लिए ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। साथ ही बाकी 6 टेंडर में भी उसे अपात्र घोषित कर दिया गया है। बता दें कि इसके पहले मेसर्स बंसल इंफ्रास्ट्रक्चर, रायपुर को तीन साल के लिए और मेसर्स केके नायर को दो साल के लिए ब्लैक लिस्ट किया जा चुका है।

ऐसे पकड़ में आया फर्जीवाड़ा

पटना की एनएनटी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड ने मल्टी विलेज सिस्टम के टेंडर में हिस्सा लिया। इस कंपनी को सबसे कम दर होने की वजह से टेंडर में एल-1 माना गया। इस बीच दावा आपत्ति के दौरान कंपनी की शिकायत मिली कि वह भारत कोकिंग कोल लिमिटेड धनबाद से दो साल के लिए ब्लैकलिस्टेड है। कंपनी से इसकी सफाई मांगी गई तो उसने एक ई-मेल का जवाब ​लगाया जिसमें उसका दावा था कि ये मेल कोकिंग कोल का है।

इसमें लिखा था कि टेंडर प्रक्रिया के पहले उसको ब्लैकलिस्टेड से हटा दिया गया है। जब कोकिंग कोल में जल जीवन मिशन ने संपर्क किया तो कहानी फर्जी निकली। कोकिंग कोल के जीएम नंद किशोर भारती ने बताया कि कंपनी को 4 सितंबर 2024 तक ब्लैक लिस्टेड किया गया है। यह बात पकड़ में आने के बाद कंपनी को तत्काल प्रभाव से जल जीवन मिशन छत्तीसगढ़ में ब्लैकलिस्टेड कर दिया गया।

जल जीवन मिशन में अब तक हो चुकी कार्रवाई

  • 1084 ठेकेदारों को जारी किया जा चुका है नोटिस।
  • 122 अनुबंध किये जा चुके हैं निरस्त।
  • 15 ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड किया गया।
  • 110 टंकी के अमानक बने कार्यों को तोड़ा गया।
  • 1634 नल के अमानक बने चबूतरे तोड़े गए।
  • 12 बाउंड्रीवाल पम्प हाउस कार्य भी तोड़े गए।
  • 9234 मीटर अमानक लगीं पाईपों को उखाड़ कर बदला गया।

छह दूसरे टेंडर में भी कंपनी को कर दिया गया है अपात्र

एनएनटी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड ने कूटरचित दस्तावेजों से टेंडर लेने की कोशिश की थी। उनका फर्जीवाड़ा काम आवंटन के पहले ही पकड़ लिया गया। कंपनी को दो साल के लिए ब्लैकलिस्टेड कर दिया गया है। इसके अलावा कंपनी ने छह दूसर टेंडर में हिस्सा ले रखा था वहां भी उन्हें अपात्र घोषित कर दिया गया है।

आलोक कटियार, मिशन संचालक, जल जीवन मिशन

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