नई दिल्ली/रसोई में कितना भी सावधानी साथ काम कर लिया जाए। सब्जी काटते वक्त अक्सर चाकू से उंगली या हाथ कट ही जाता है। गैस चूल्हे पर खाना बनाते समय भी हाथ जलने के चांस रहते हैं।
ऐसे में कई बार छोटे-मोटे घाव को नजरअंदाज कर दिया जाता है जो कभी-कभी कुछ दिन बाद सेप्टिक या बड़े घाव का रूप ले सकता है। जलने पर स्किन लाल हो जाती है, उसमें जलन होती है और फफोले भी पड़ सकते हैं। बाद में त्वचा धीरे-धीरे काली हो जाती है।
ऐसे में अगर किचन में मौजूद कुछ चीजों का इस्तेमाल कर लिया जाए तो दर्द व जलन से राहत के अलावा जल्द रिलीफ मिलने की उम्मीद रहती है।
1. जली हुई स्किन को बर्फ या ठंडे पानी से करें साफ
अगर आप गर्म चाय, कॉफी या फिर सब्जी, दाल जैसे किसी लिक्विड से जले हैं तो कभी भी जले हुए हिस्से को कपड़े से साफ नहीं करना चाहिए। आप सबसे पहले जले हुए स्थान पर ठंडा पानी डालें या फिर बर्फ लगाएं। इससे आपको जलन में काफी राहत मिलेगी।
2. टूथपेस्ट का इस्तेमाल जलन में कारगर
अगर काम करते वक्त बॉडी का कोई पार्ट जल जाए तो सबसे पहले टूथपेस्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे काफी राहत मिलेगी। जलने से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है तो ठीक है। लेकिन यदि आप ज्यादा जल गए हैं तो जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी डॉक्टर को दिखाएं।
3. जलने पर घी का इस्तेमाल इंफेक्शन रोकता
आयुर्वेदाचार्य डॉ. अतर सिंह आर्य के मुताबिक, घाव की जलन और दर्द को कम करने में घी और शहद बेहद कारगर हैं। घाव को साफ पानी से धोकर सुखा लें और उसके बाद घी लगाएं। घी में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण घाव के इन्फेक्शन को रोकने में मदद कर सकते हैं और जलन को कम कर सकते हैं।
4. शहद भी घाव फैलने नहीं देगा
इसी तरह शहद को साफ और सूखे हाथ से घाव पर लगाएं। शहद में एंटीसेप्टिक क्वालिटी होती है जिससे कटी हुई जगह पर इन्फेक्शन रोकने में मदद मिलती है। इसके अलावा शहद एंटीइंफेक्शन एंटीइन्फ्लेमेटरी होता है जिसके लगाने से घाव जल्दी भर जाता है।
5. एलोवेरा का रस देता ठंडक और आराम
आयुर्वेदाचार्य यह भी बताते हैं कि एलोवेरा के पत्तों से निकले जेल को घाव पर लगाने से जलन को कम किया जा सकता है और जख्म जल्दी ठीक हो जाते हैं।
6. प्याज के रस में एंटीसेप्टिक क्वालिटी
इसी तरह प्याज के रस में एंटीसेप्टिक क्वालिटी होती है जो घाव के संक्रमण को रोकने में मदद कर सकते हैं। प्याज के रस को घाव पर लगाएं और फिर उसे पट्टी से बांध लें।
7. कच्चा आलू काटकर जले हिस्से पर लगाएं, तुरंत मिलेगा आराम
किचन में काम करते वक्त अचानक जलने की स्थिति में कच्चा आलू काटकर तुरंत लगाने से फायदा मिलता है। आलू को बीच से काट कर हल्के हाथों से स्किन पर रब करें।
जलने वाली जगह पर आलू का रस भी लगा सकते हैं। इससे जलन तो कम होगी ही साथ ही फफोले पड़ने से भी बचाव होगा।
8. नारियल तेल और हल्दी का लेप खत्म कर देगा जलने के निशान
अगर आपकी स्किन पर कहीं भी जले का निशान पड़ गया है तो नारियल तेल से ऐसा निशान खत्म किया जा सकता है। बस करना यह होगा कि उस जगह पर रेगुलर नारियल का तेल लगाएं। इससे दाग हल्का पड़ जाएगा और आराम मिलेगा। जले के निशान को हटाने में शहद और हल्दी का लेप भी बेहद कारगर है।
9. चोट, घाव और दर्द में राहत देता है कपूर
मल्टी डिसिप्लिनरी डिजिटल पब्लिशिंग इंस्टीट्यूट (एमडीपीआई) द्वारा किए गए एक शोध में इस बात का जिक्र मिलता है कि कपूर में एंटीबैक्टीरियल व एंटी माइक्रोबियल दोनों ही प्रभाव पाए जाते हैं जिससे कपूर का इस्तेमाल पेन रिलीफ के तौर पर भी किया जा सकता है।
किसी घाव या चोट पर कपूर लगाने से दर्द से राहत मिल सकती है। सिर्फ इतना ही नहीं, मांसपेशियों और जोड़ों में होने वाले दर्द से भी यह राहत दिलाता है। दर्द या चोट वाली जगह पर कपूर को पानी में अच्छे से मिलाकर लगाएं। इससे दर्द तो कम होगा ही और घाव भी जल्दी भर जाएगा।
10. कटने, जलने और खरोंच में हल्दी सबसे इफेक्टिव
नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (एनसीबीआई) की एक रिपोर्ट बताती है कि हल्दी में पाए जाने वाले यौगिक को करक्यूमिनोइड्स के नाम से जाना जाता है। यह हल्दी का सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। इसका शक्तिशाली एंटी इन्फ्लेमेट्री इफेक्ट है और यह एक बहुत मजबूत एंटीऑक्सीडेंट है। दरअसल हल्दी में एंटी बैक्टिरिया और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो त्वचा के लिए एक प्राकृतिक क्लींजर के तौर पर काम करता है।
चोट लग जाने पर आयुर्वेद में हल्दी के माध्यम से घाव की सफाई और उपचार किया जाता है। इसके अलावा हल्दी वाला दूध पीने से भी घाव जल्दी भरने में मदद मिलती है। हल्दी के एंटी बैक्टीरिया और एंटीसेप्टिक गुणों की वजह से यह जले-कटे, खरोंच और यहां तक कि मधुमेह के घावों को साफ करने और ठीक करने के लिए बेहतर होती है।

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