गोंडा/ शिक्षकों और अभिभावकों की यह जिम्मेदारी बनती है। कि वह अपने बच्चों में सवाल करने की आदत डालें। सवाल करने से बच्चों के अंदर छुपी प्रतिभा निखरेगी इससे बच्चों का मानसिक विकास होगा। ऐसे में शिक्षक और अभिभावकों की दोनों की यह जिम्मेदारी बनती है। बच्चों में सवाल करने की आदत डालें।
बच्चों के अंदर छुपी प्रतिभा को विकसित करने के लिए शिक्षक और अभिभावक दोनों मिलकर बच्चों में सवाल करने की आदत डालें। सवाल करने से बच्चों के अंदर की जहां प्रतिभा निखरती है। वही उनका आत्मविश्वास भी प्रबल होता है। ऐसे में बच्चों के अंदर छुपी प्रतिभा को निखारने के लिए उनमें सवाल करने की आदत डालें।
बुनियादी शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए शासन प्रशासन हर संभव उपाय कर रहा है। परिषदीय विद्यालयों में सुविधा बढ़ाने के साथ अब शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए तरह-तरह के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। पढ़ाई में बच्चों की रुचि विकसित करने के लिए अब उन्हें खेल- खेल में शिक्षा देने के लिए समय-समय पर शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बुनियादी शिक्षा की हकीकत को परखने के लिए देवीपाटन मंडल के कमिश्नर योगेश्वर राम मिश्र ने कंपोजिट विद्यालय महादेव का निरीक्षण किया। मण्डलायुक्त ने बच्चों से सवाल पूछ कर विद्यालय की शैक्षिक गुणवत्ता परखी और विद्यालय की अन्य व्यवस्थाओं को देखा। इस दौरान उन्होंने बच्चों से सीधा संवाद किया। तथा उनके शैक्षिक स्तर को देखा। उन्होंने बच्चों से विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे जिनका बच्चों ने जवाब दिया। मण्डलायुक्त ने रसोई की साफ-सफाई आदि की व्यवस्था देखी। भोजन की गुणवत्ता के संबंध में उन्होंने बच्चों से बात की तो बच्चों ने भोजन की गुणवत्ता को अच्छा बताया। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि शिक्षण में रोचक तरीकों को अपनाया जाए। उन्होंने सभी शिक्षकों से कहा कि सभी बच्चों के अंदर सवाल करने की आदत को विकसित किया जाये। बच्चे जितने ज्यादा सवाल पूछेंगे। उतना ही उनका दिमाग विकसित होगा। शिक्षकों का दायित्व है, कि वो बच्चों के अंदर छुपी प्रतिभा को पहचाने और उसका विकास करे। सभी बच्चों को बेहतर इंसान बनाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका शिक्षक की ही होती है।
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