कोर्ट रूम से अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट बेंच के जस्टिस देव बोले- आत्मसम्मान के खिलाफ काम नहीं कर सकता
नागपुर/ बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस रोहित बी देव ने अपने पद से 4 अगस्त को इस्तीफा दे दिया। जस्टिस रोहित हाईकोर्ट की नागपुर बेंच में बैठते थे। उन्होंने कोर्ट रूम से अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए माफी भी मांगी। वे 4 दिसंबर 2025 को रिटायर होने वाले थे।
जस्टिस रोहित बोले- किसी का दिल दुखाया हो तो माफ करें
कोर्ट रूम में मौजूद वकीलों के मुताबिक, जस्टिस रोहित देव ने कहा कि मेरी किसी के खिलाफ कोई दुर्भावना नहीं है। मैंने अदालत में कई बार सख्त तेवर अपनाए। इसलिए कि आप लोग (वकील) मेहनत करें। अगर मैंने किसी का दिल दुखाया हो तो माफ करें। आत्मसम्मान के खिलाफ काम नहीं कर सकता। हालांकि, उनके इस्तीफे के पीछे का कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।
पिछले साल जी एन साईंबाबा को क्लीन चिट दी थी
जस्टिस रोहित देव ने 14 अक्टूबर 2022 को दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रो. जीएन साईंबाबा को माओवादियों से संबंध रखने के मामले में क्लीन चिट दी थी। इसमें पता चला था कि पुलिस ने उच्चाधिकारियों से मंजूरी लिए बिना गैर-कानूनी गतिविधि रोकधाम अधिनियम (यूएपीए) लगा दिया। हालांकि, सरकार की अपील पर अप्रैल 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस देव के अगुवाई वाली बेंच का आदेश रद्द कर दिया था। साथ ही हाईकोर्ट की दूसरी बेंच में सुनवाई के लिए भेजा था। इसकी सुनवाई 10 अगस्त से सुनवाई होनी है।
हाल में नागपुर-मुंबई समृद्धि एक्सप्रेस वे पर अवैध खनन करने वाले कॉन्ट्रैक्टर पर करोड़ों का जुर्माना लगाया गया था। महाराष्ट्र सरकार इसे रद्द करने के लिए प्रस्ताव लाई थी। जस्टिस देव ने पिछले हफ्ते इसे स्थगित कर दिया था।
पत्रकारिता भी कर चुके हैं
जस्टिस देव असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल और महाराष्ट्र के एडवोकेट जनरल रह चुके हैं। उन्हें अप्रैल 2017 में नागपुर बेंच में जज बनाया गया था। नागपुर जिला कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की थी। जब वे स्टूडेंट थे तो पत्रकारिता भी की। अखबार में सब एडिटर भी रहे। विदर्भ से जुड़े मुद्दों पर नितिन गडकरी और देवेंद्र फडणवीस इनसे सलाह लेते रहे हैं।
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