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अपनी लाइफ में फिल्मों के हीरो की तरह सोच कर जिएं, जिंदगी में सब ख़त्म हो गया, अब कुछ भी नहीं हो सकता ऐसा महसूस होना हो जायेगा बंद; समस्याओं के डट कर करेंगे मुकाबला

वॉशिंगटन/जिंदगी में हरा हुआ महसूस कर रहे तो जर्नल ऑफ पर्सनैलिटी एंड सोशल साइकोलॉजी की स्टडी कहती है- ऐसे में खुद को एक बहादुरी भरे काम के मुख्य पात्र के रूप में कल्पना करने से मदद मिल सकती है।

स्टडी के लेखक बेंजामिन रोजर्स कहते हैं, अपनी जिंदगी को फिल्म की तरह देखिए और खुद को उसका हीरो। ऐसा करने से मनोवैज्ञानिक फायदा होता है। संतुष्टि के साथ अवसाद में कमी आने लगती है। इसके बाद जिस तरह लोग लाइफ स्टोरी बताते हैं उससे पता चलता है कि उनकी जिंदगी कितनी सार्थक है। इसके लिए नायक वाली जिंदगी जीना या बहुत साहसी बनना जरूरी नहीं है।

कोई भी शख्स अपनी ‘बहादुरी की कहानी’ दोबारा लिख सकता है, कैसे? 

1. पहचान, व्यक्तित्व व मूल्यों पर बुनें अपनी कहानी

बोस्टन कॉलेज में मैनेजेमेंट एक्सपर्ट रोजर्स कहते हैं- जिंदगी के सफर को परिभाषित करने के लिए पहले यह समझना होगा कि वह कौन सी चीज है जो आपको ‘हीरो’ बना सकती है? अपनी पहचान, व्यक्तित्व और मूल्यों के बारे में सोचें। आपकी कहानी के ये मुख्य आधार हैं। उस बदलाव या अनुभव पर विचार करें जिसने आपको वह बनने के लिए प्रेरित किया जो आज हैं। फिर सफर की चुनौतियों पर विचार करें। अब उन लोगों को कहानी में लाएं, जो संकट की घड़ी में मददगार बने।

2. खुद को निष्पक्ष रूप में देखें, अहमियत पता चलेगी

खुद से पूछिए कि आपके जीवन पर फिल्म बने तो उसमें स्टार का रोल कौन करेगा। मनोवैज्ञानिक नैंसी इरविन कहती हैं, इससे खुद को निष्पक्ष रूप में देख सकते हंै। उस व्यक्ति की कौन सी बात आपको प्रेरित करती है। उदाहरण के लिए, आप उस व्यक्ति के जुनून या प्रतिबद्धता की तारीफ कर सकते हैं।’ इरविन के मुताबिक आपने उन्हें इसलिए चुना क्योंकि आप में भी वैसे ही गुण हैं। इससे आपको अपनी कहानी में खुद को हीरो के रूप में देखने में मदद मिल सकती है।

3. बाधाएं तो आएंगी, संभावनाओं के द्वार खुले रखें

हीरो की यात्रा आमतौर पर एक मिशन से शुरू होती है, जो उसे कुछ नया खोजने के लिए प्रेरित करती है। फैमिली थेरेपिस्ट क्रिस्टल डीसेंटिस बताते हैं,‘यह राह सपाट नहीं है। रास्ते में अप्रत्याशित बाधाएं, मोड़ आते हैं। इसलिए संभावनाओं के द्वार खुले रखें। जैसे किसी की नौकरी चली गई या फिर गंभीर बीमारी हुई है। ऐसी बाधाओं को सीखने के मौके के रूप में देखें। कल्पना करें कि ऐसी स्थिति में फिल्म का हीरो क्या करता। इससे आपको कहानी के हीरो बनने की प्रेरणा मिलेगी।

4. दूसरों की कहानी से प्रोत्साहन लेकर आगे बढ़ें

जब कोई हीरो मिल जाए जिससे आप जुड़ सकें, तो नई चुनौतियों में उनके अनुभव ध्यान में रखें। खुद को फंसा हुआ महसूस करें तो उस कहानी को देखकर समाधान खोज सकते हैं। मनोचिकित्सक लू उर्सा कहते हैं- एक परिचित कहानी का संदर्भ देना आपको यह देखने में मदद कर सकता है कि आगे क्या संभव है, फोकस किधर होना चाहिए। कहानियां ऐसे मैप बन जाती हैं जिन्हें हम हमेशा देख सकते हैं। इन्हें इस भरोसे के रूप देंखे कि आगे नया चैप्टर आपका इंतजार कर रहा है।

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