दरअसल सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर कैंसर स्टेज-2 की मरीज हैं। उनका मोहाली के प्राइवेट अस्पताल में 23 अप्रैल को कैंसर का ऑपरेशन हुआ था। उसके बाद से उनकी कीमोथेरेपी चल रही है।
कीमोथेरेपी को लेकर कई तरह का कंफ्यूजन लोगों में हैं।
एक्सपर्ट: डॉ. सुनीत लोकवानी, कंसल्टेंट, मेडिकल ऑन्कोलॉजी और हेमेटोलॉजी, कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल, इंदौर।
सवाल: कीमोथेरेपी क्या है?
जवाब: कैंसर के इलाज के लिए दी जाने वाली एंटी कैंसर ड्रग्स को Chemotherapy कहा जाता है।
कीमोथेरेपी शब्द का यूज उन दवाओं के लिए किया जाता है, जो कैंसर सेल्स को बढ़ने और टूटने से रोकती हैं।
सवाल: कीमोथेरेपी से किस तरह से कैंसर का इलाज होता है?
जवाब: कीमोथेरेपी का यूज कैंसर के सेल्स को खत्म करने के लिए किया जाता है। यह उन्हें फैलने से रोकती है।
कीमोथेरेपी के दौरान कैंसर को खत्म करने वाली दवाओं का यूज किया जाता है। इन दवाओं के वजह से कैंसर ट्यूमर सिकुड़ जाते हैं और फैलते नहीं हैं।
सवाल: कीमोथेरेपी कब और कितने दिन तक चलती है?
जवाब: कीमोथेरेपी के लिए ये कह पाना मुश्किल है कि कितने दिन तक चलेगी। क्योंकि किसी कैंसर पेशेंट को दी जाने वाली दवाएं, उसकी डोज और इलाज का तरीका कई बातों पर निर्भर करता है। आमतौर पर कीमोथेरेपी 6 या 8 साइकिल में दी जाती हैI
सवाल: कैंसर सर्वाइवर महिला क्या मां बन सकती है?
जवाब: हां मां बन सकती है। ऐसे केस में कैंसर के पूरे इलाज के कुछ महीनों के बाद, अपने ऑन्कोलॉजिस्ट और गायनोलॉजिस्ट से कॉन्टेक्ट करके ये तय कर सकते हैं कि बेबी कंसीव करने का सही समय कब रहेगा या आप प्रग्नेंट होने के योग्य कब तक हो पाएंगे।
इसके लिए इलाज शुरू होने से पहले अपने ऑन्कोलॉजिस्ट डॉक्टर से सही सलाह ले लें, तो ठीक रहता है।
कुछ कैंसर के इलाज में परमानेंट बांझपन हो सकता है।
सवाल: ब्रेस्टफीडिंग मां को कैंसर है तो क्या वह बच्चे को दूध पिला सकती है?
जवाब: अगर ब्रेस्टफीडिंग मां को कैंसर है। उन्हें कीमोथेरेपी देने की जरूरत पड़ती है तो उस समय के लिए ब्रेस्टफीडिंग बंद की जाती है, क्योंकि कीमोथेरेपी की दवा का कुछ हिस्सा मां के दूध के जरिये बच्चे में जा सकता है।
सवाल: कम उम्र में अगर किसी अनमैरिड लड़के या लड़की को कैंसर हो जाता है, तो क्या वह शादी के बाद नॉर्मल लाइफ जी सकता है?
जवाब: बिल्कुल नॉर्मल लाइफ जी सकते हैं। इलाज के बाद का जीवन कैसा रहेगा यह कैंसर की स्टेज, इलाज के प्रोसेस और कैंसर के साथ अन्य कोई रोग तो नहीं है इस बात पर डिपेन्ड करेगा।
सवाल: कीमोथेरेपी के दौरान हेल्थ पर क्या इफेक्ट पड़ते हैं?
जवाब: कीमोथेरेपी शरीर में अन्य सेल्स को नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे कई साइड इफेक्ट हो सकते हैं। इसकी डिटेल नीचे क्रिएटिव में दी जा रही है।
सवाल: क्या कीमोथेरेपी के साइड इफेक्ट को कंट्रोल किया जा सकता है?
जवाब: बिल्कुल, लाइफस्टाइल में थोड़ा चेंज कर इसके साइड इफेक्ट्स को कंट्रोल कर सकते हैं।
- तला-भुना, ज्यादा मसालेदार न खाएं।
- रेगुलर एक्सरसाइज करें।
- बालों में ड्रायर और कलर का यूज न करें।
- स्मोकिंग न करें।
सवाल: क्या कीमोथेरेपी कराने वाले सभी के बाल झड़ते हैं?
जवाब: नहीं। सबके साथ ऐसा हो, ये जरूरी नहीं है। सभी कीमोथेरेपी दवाओं के कारण तेजी से बाल नहीं झड़ते हैं। कई तरह की दवाओं के लिए बालों के झड़ने की डिग्री अलग-अलग होती है। जैसे- ब्रेस्ट कैंसर के उपचार में कीमोथेरेपी के दौरान बाल जरूर झड़ते हैं।
लेकिन कैंसर ट्रीटमेंट के दौरान अधिकांश लोगों को बाल झड़ने की समस्या होने लगती है। इसका मुख्य कारण कीमोथेरेपी होता है।
ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि कीमो तेजी से बढ़ने वाली कोशिकाओं को टारगेट करती है, जो बालों की जड़ों को नुकसान पहुंचाती है और बाल झड़ने लगते हैं।
सवाल: कैंसर दोबारा क्यों पनपने लगता है?
जवाब: कीमोथेरेपी या किसी भी प्रकार के कैंसर के इलाज के बाद कैंसर वापस आ सकता है। कुछ समय तक इनएक्टिव रहने के बाद मैलिग्नेंट सेल्स दोबारा बढ़ने लगती हैं। कैंसर वाली सेल्स शरीर के अन्य भागों में फैल सकती हैं। जिससे कैंसर दोबारा होने के चांसेस होते हैं।
सवाल: कैंसर के इलाज या कीमोथेरेपी के दौरान पेशेंट को मानसिक तनाव हो जाता है, पेशेंट को उससे बाहर निकालने के लिए घर-परिवार वाले को कैसे डील करना चाहिए?
जवाब: पॉइंट्स से समझते हैं-
- बार-बार उसकी बीमारी का जिक्र न करें।
- मानसिक व शारीरिक शांति देने के लिए पेशेंट को कहीं न कहीं घूमाने ले जाएं।
- पेशेंट को अकेला महसूस न होने दें। पॉजिटिव फील कराएं।
- सपोर्ट ग्रुप जॉइन करा सकते हैं।
- किसी मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट से थेरेपी सेशन दिलवा सकते हैं।
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