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आर्थिक अनियमिमता:- दिल्ली मार्थोमा पब्लिक स्कूल में आरटीई के तहत कागजों में दर्ज संख्या और ड्राप आउट हो चुके विद्यार्थियों के नाम पर नियम विरुद्ध निकाली गई फीस की राशि नोटिस तो शासन के खाते में हुई जमा

जांजगीर चंपा/ पामगढ़ ब्लॉक के कुटराबोड़ में संचालित दिल्ली मार्थोमा पब्लिक स्कूल के द्वारा आखिरकार आरटीई के तहत कागजों में दर्ज संख्या और ड्राप आउट हो चुके विद्यार्थियों के नाम पर नियम विरुद्ध निकाली गई फीस की राशि2 लाख 5 हजार 500 रुपए की राशि शासन के खाते में जमा करा दी है। मामले में जांजगीर डीईओ के द्वारा जांच कराने में इस तरह की आर्थिक अनियमिमता सामने आई थी। जिस पर संबंधित संस्था के प्राचार्य को रिकवरी नोटिस जारी किया था।

     गौरतलब है कि दिल्ली मार्थोमा पब्लिक स्कूल कुटराबोड़ स्कूल में आरटीई के तहत आर्थिक अनियमिमता की शिकायत मिलने पर तीन सदस्यीय जांच टीम से मामले की जांच कराई गई। जिसमें बड़ी आर्थिक अनियमितता सामने आई। आरटीई के तहत वर्ष २०२०-२१ से लेकर २२-२३ तक टीसी निकलवा चुके १२ बच्चों का नाम विलोपित नहीं करते हुए शासन ने उन बच्चों की भी फीस की राशि निकाल ली गई। इतना ही नहीं आरटीई के तहत सीट संख्या में हेरफेर करते हुए १४ बच्चों को अतिरिक्त प्रवेश देकर ७५०० रुपए प्रति छात्र की दर से १ लाख ५ हजार रुपए ज्यादा फीस भी निकाल ली। इस तरह कुल २७ बच्चों के नाम से स्कूल प्रबंधन के द्वारा शासन को धोखे में रखकर कुल २ लाख ५ हजार ५०० रुपए ज्यादा फीस आरहण करना पाया गया।

स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कुछ कार्रवाई क्यों नहीं......

बता दें, आरटीई के तहत प्रवेशित बच्चों की फीस शासन जमा करती है। ऐसे में यह आर्थिक अनियमितता का गंभीर मामला भी बनता है। क्योंकि मांगपत्र में गलत जानकारी और शासन को धोखे में रखकर ज्यादा फीस निकाली गई है। अब गलती पकड़ में आने के बाद भले ही स्कूल प्रबंधन ने राशि जमा करा दी गई लेकिन सरकारी राशि में आर्थिक अनियमितता के तहत स्कूल प्रबंधन भी किसी तरह कार्रवाई नहीं हो रही। नियमानुसार एफआईआर या स्कूल की मान्यता समाप्त करने कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसा नहीं होने पर आरटीई के तहत दूसरे स्कूल भी इस तरह से फर्जीवाड़ा करने से नहीं बिल्कुल नहीं डरेंगे। क्योंकि पकड़े गए तो पैसा जमा कर साफ बच जाएंगे और अगर गड़बड़ी पकड़ में नहीं आएगी तो लाखों की कमाई हो जाएगी। जबकि जिले में ही बलौदा के मयूरा कान्वेंट स्कूल में इसी तरह का मामला सामने आने पर न केवल शासन को पूरी राशि रिकवरी कराई गई थी बल्कि संचालक के ऊपर एफआईआर भी हुई थी।

दिल्ली मार्थोमा पब्लिक स्कूल कुटराबोड़ के द्वारा शासन के खाते में आरटीई के तहत रिकवरी राशि २ लाख ५ हजार ५०० रुपए जमा करा दिए गए हैं। पहली प्राथमिकता रिकवरी होती है। स्कूल प्रबंधन के खिलाफ आगे किस तरह की कार्रवाई करना है, शासन से मार्गदर्शन मांगेगे। उस आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।

एचआर सोम, डीईओ जांजगीर-चांपा

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