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अवैध खनिज परिवहन में कम जुर्माना लगाके १० करोड़ का नुकसान पहुँचाया अधिकारीयों ने

  • कैग की रिपोर्ट में कई बड़ी अनियमितताएं उजागर, ८२ प्रतिशत खदानों में सीमा स्तम्भ/सीमांकन नहीं 

रायपुर/छत्तीसगढ़ में रेत-मुरूम समेत गौण खनिजों के अवैध खनन व परिवहन के मामले बढ़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ में गौण खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन व भंडारण के नए पंजीकृत मामले वर्ष 2015-16 में 3756 थे, जो बढ़कर 2020-21 के दौरान 5410 हो गए। भारत के नियंत्रक-महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट में यह ख्ुलासा हुआ है।

भारत के नियंत्रक-महालेखा परीक्षक (कैग) का अवैध-खनन ्रतिविधियों पर बल देते हुए गौण खनिजों के खनन पर छत्तीसगढ़ शासन का निष्पादन लेखा परीक्षा प्रतिवेदन 31 मार्च 2021 को समाप्त वर्ष के लिए छत्तीसगढ़ विधानसभा के पटल पर रखा गया था। रिपोर्ट अनुसार छत्तीसगढ़ में 37 प्रकार के गौण खनिज पाए जाते हैं। एक अप्रैल 2021 तक राज्य में कुल 1957 गौण खनिज पट्टे स्वीकृत किए गए थे। खनिज विभाग के प्रशासकीय प्रतिवेदन के अनुसार खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन व भंडारण के नए पंजीकृत मामलों की संख्या वर्ष 2015-16 के दौरान 3756 से बढ़कर 2020-21 के दौरान 3756 से बढ़कर 2020-21 के दौरान 5410 हो गए। लेखा परीक्षा ने खनन विभाग के अधिकारियेां-कर्मचारियेां के साथ चयनित जिलों में स्थित 40 उत्खनन पट्टों से संयुक्त भौतिक सत्यापन किया। इस दौरान यह पाया गया कि चयनित 40 गौण खनिज खदानों में से 33 खदानों (82.5 प्रतिशत) में खदान सीमा सतंभ/सीमांकन मौजूद नहीं थे। यह उत्खनन पट्टा विलेख की शर्तों का उल्लंघन था, जो सीमा चिन्हों को अच्छी अवस्था में बनाए रखने और सभी कोने के खंभों पर निर्देंशांकों को चिन्हित करने का प्रावधान करता है। लेखा परीक्षा ने देखा कि किसी भी चयनित जिले में ऐसे व्यक्तियों, कंपनाी, फर्मों आदि द्वारा गौण खनिजों के उपार्जन और उपयोग पर तिमाही रिपोर्ट जिला खनि प्राधिकारियों को प्रस्तुत नहीं की गई, जैसा कि नियम में निर्धारित किया गया है। रिपोर्ट व आवश्यक विवरण के अभाव में निजी संस्थाओं द्वारा उपार्जित व निर्माण कार्य में उपयोग किए जा रहे गौण खनिजों के स्त्रोत को खनिज अधिकारियेां द्वारा सत्यापित नहीं किया गया था। 

जांच चैकियों में तौल-कांटा नहीं

लेखा नरीक्षा ने पाया कि 9 चयनित जिलों में से तीन जिले मुंगेली, कवर्धा व बलौदाबाजार में कोई चेक पोस्ट स्थापित नहीं किया गया था। कवर्धा जिले में एक चेक पोस्ट स्थापित नहीं किया गया थां कवर्धा जिले में एक चेक पोस्ट वर्ष 2017-18 तक चालू था, लेकिन जनशक्ति की कमी के कारण इसे बंद कर दिया गया था। शेष छह जिलों में 18 जांच चैकियों स्थापित थीं, जिनमें से किसी में भी तौल कांटा की सुविधा नहीं थी।

लेखा परीक्षा ने देखा कि वर्ष 2015-16 से 2020-21 के दौरान चयनित जिलों/केंद्रीय उड़नदस्ते में खनन अधिकारियेां द्वारा अवैध निकासों के कुल 1,651 मामले व अवैध परिवहन के 13 हजार 049 मामले दर्ज किए गए थे और 23.27 करोड़ की शास्ति अरोपित की गई थी। अवैध निकासी के 729 प्रकरणों व अवैध परिवहन के 2744 प्रकरणों में नियमों के अनुसार अर्थदंड की राशि आरोपित नहीं की गई। इसके फलस्वरूप 2015.16 से 2020-2021 (जून 2020) तक की अवधि के दौरान 10.51 करोड़ की शास्ति का कम आरोपण हुआ। 


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