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चेहरे में होने वाले मुहांसों को समझ कर, इस समस्या से निजात मिल सकती हैं; पहले वजह जानें, फिर घरेलू उपाय करें

नई दिल्ली/ पिंपल्स त्वचा की सबसे आम समस्याओं में से एक है। ऑयली स्किन पर पिंपल्स होने की संभावना ज्यादा होती है। इसलिए ऑयली स्किन की देखभाल में लापरवाही नहीं करनी चाहिए, खासकर अगर उस पर ब्लैकहेड्स होने का खतरा हो। ब्यूटी एक्सपर्ट शहनाज हुसैन बता रही हैं होंठों के आसपास और ठुड्डी पर होने वाले पिंपल्स की वजह और घरेलू उपाय।

ब्लैकहेड्स से बचें

ब्लैकहेड्स को नजरअंदाज करने से बचें। ये स्किन पर दाग और गड्ढे छोड़ जाते हैं। इनकी वजह से कई बार त्वचा में सूजन तक हो जाती है। ब्लैकहेड्स पिंपल्स के लिए स्टेज तैयार करते हैं है और धीरे-धीरे मुंहासों की स्थिति पैदा कर देते हैं।

डैंड्रफ भी है एक वजह

एक्ने, ब्लैकहेड्स, पिंपल्स न हों इसके लिए बहुत जरूरी है कि स्किन के साथ साथ बाल और स्कैल्प भी साफ रहे। अगर सिर की स्किन ऑयली है या रूसी की समस्या है तो इससे भी पिंपल्स हो सकते हैं।

ऑयली और कॉम्बिनेशन स्किन पर पिंपल्स होने का खतरा ज्यादा रहता होता है। ऑयली स्किन में तेल पैदा करने वाली ग्रंथियां अत्यधिक सक्रिय होती हैं। गर्मियों और ह्यूमिडिटी वाले मौसम में एक्ने, ब्लैकहेड्स, दाग-धब्बे, ओपन पोर्स, पिंपल्स की समस्या बढ़ने की संभावना ज्यादा रहती है।

होंठों के आसपास इसलिए होते हैं मुंहासे

कॉम्बिनेशन स्किन में, टी-ज़ोन ऑयली होता है, जबकि चेहरे का बाकी हिस्सा साफ हो सकता है। टी-ज़ोन में माथा, नाक और ठुड्डी शामिल हैं। इसलिए, ठुड्डी पर दाने होने का खतरा हो सकता है, जो मुंह के आसपास भी फैल सकता है। तैलीय त्वचा में भी माथा, ठोड़ी और नाक अधिक ऑयली होता है इसलिए मुहांसे होने की संभावना अधिक होती है। दाने ठुड्डी से लेकर मुंह के आसपास और ऊपरी होंठ के ऊपर तक फैल सकते हैं।

स्किन की जरूरतों को समझें

पिंपल्स की रोकथाम और इलाज के लिए स्किन की जरूरतों को समझना और उसके अनुसार इलाज करना जरूरी है। दिन में दो बार औषधीय क्लींजर या साबुन से चेहरा धोना अपने डेली रूटीन में शामिल कर लें।

यदि ब्लैकहेड्स हैं, तो फेशियल स्क्रब और क्लींजिंग ग्रेन्स का उपयोग करके रोमछिद्रों की गहराई से सफाई करें।

मुंहासे त्वचा के ज्यादा ऑयली होने के कारण होते हैं, तेल कठोर हो जाता है और छिद्रों को अवरुद्ध कर देता है, जिससे संक्रमण हो सकता है। रोमछिद्रों की गहरी सफाई बाहरी परत की डेड सेल्स को हटाने में मदद करती है और रोमछिद्रों को तेल से मुक्त रखती है। ब्लैकहेड्स भी निकल जाते हैं।

ब्लैकहेड्स कम नहीं हो रहे तो एक्सपर्ट से इनका इलाज कराएं, वरना स्किन पर दाग-धब्बे, ओपन पोर्स, पिंपल्स की समस्या बढ़ सकती है।

ब्लैकहेड्स को पिंच करने या घर पर उन्हें हटाने की कोशिश करने से संक्रमण और निशान हो सकते हैं।

अगर आपको पहले से ही पिंपल्स हैं, तो उन पर स्क्रब का इस्तेमाल करने से बचें।

बार-बार साबुन और पानी से चेहरा धोने से बचें। दिन में दो बार से ज्यादा चेहरे को साबुन से नहीं धोना चाहिए। हां, चेहरे को दिन में कई बार सादे पानी से धोया जा सकता है।

चेहरे को धोने और पोंछने के बाद चंदन युक्त सुरक्षात्मक क्रीम लगानी चाहिए।

पिंपल्स पर एंटी-पिंपल लोशन का इस्तेमाल करें। इसे रात में लगाना और छोड़ देना सबसे अच्छा है।

बालों और स्कैल्प की सफाई का खास ध्यान रखें। टीनेज के दौरान रूसी और अन्य समस्याएं भी दिखाई देती हैं, यहां तक ​​कि चेहरे, पीठ और ऊपरी बांहों पर त्वचा संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं।

पिंपल्स से बचने के उपाय

घरेलू उपाय के तौर पर कुचले हुए पुदीने और नीम की पत्तियों को गर्म पानी में भिगो दें। इसे 2 घंटे तक ऐसे ही रहने दें. फिर छान लें और उस पानी का इस्तेमाल चेहरा धोने के लिए करें। आप पिंपल्स पर चंदन का पेस्ट भी लगा सकते हैं।

दालचीनी पाउडर और मेथी के बीज के पाउडर को थोड़े से नींबू के रस और शहद की कुछ बूंदों के साथ मिलाकर चिपचिपा पेस्ट बना लें। इसे रोजाना केवल मुंहासों पर लगाएं और एक या दो घंटे के लिए छोड़ दें।

ज्यादा पिंपल्स होने पर रोजाना तकिए के कवर और तौलिये को गर्म साबुन वाले पानी में 2 चम्मच एंटीसेप्टिक घोल मिलाकर धोएं।

रोजाना 6 से 8 गिलास पानी पियें। एक गिलास गर्म पानी में एक नींबू का रस मिलाएं और सुबह सबसे पहले इसका सेवन करें।

डेली डाइट में फल, सलाद, अंकुरित अनाज, साबुत अनाज और दही शामिल करें।

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