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सेवानिवृत्ति के दिन ही एक शिक्षक की मौत हो गई, खुशियां बदल गई मातम में

झुंझुनू/ सेवानिवृत्ति की खुशियां बदली मातम में, रात में भरभरा कर गिरा मकान, मलबे में दबने से सेवानिवृत्त शिक्षक की मौत, घर में जागरण के दौरान लघुशंका के लिए जा रहे थे सेवानिवृत्त शिक्षक

खेतड़ी के शिमला गांव के घर में सेवानिवृत्ति की खुशियां चंद पलों में मातम में बदल गई। बीती रात को गांव में शिक्षक रामभरोसे की सेवानिवृत्ति पर घर में जागरण का आयोजन किया गया। इस दौरान रामभरोसे लघुशंका के लिए जा रहे थे कि अचानक घर के पास बना पुराना मकान भरभरा कर उनपर आ गिरा। परिजन ने उन्हें मलबे से निकाला और खेतड़ी के राजकीय अजित अस्पताल लेकर आए। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय दलोता में संस्कृत शिक्षक के रूप में कार्यरत रामभरोसे सोमवार को सेवानिवृत्त हुए। दिन में विद्यालय से उन्हें धूमधाम से विदा किया गया।गांव पहुंचने पर ग्रामीणों व समाज के लोगों ने उनका माला पहनाकर व साफा पहनाकर अभिनंदन किया। दिन भर गांव वालों व रिश्तेदारों के लिए भोजन का आयोजन किया गया। रात्रि में जागरण में दर्जनों रिश्तेदारों , परिवारजन व ग्रामीण शामिल हुए।

रामभरोस के चचेरे भाई बजरंग लाल शर्मा ने मेहाड़ा थाने में रिपोर्ट दी कि रात को भजनों का कार्यक्रम चल रहा था। लगभग 10.30 बजे रामभरोसे घर से बाहर लघुशंका के लिए आए। तभी पास का लगभग 100 वर्ष पुराना दो मंजिला भवन भरभराकर गिर गया। उसके मलबे में रामभरोसे दब गए। जेसीबी की सहायता से उन्हें मलबे से बाहर निकाला गया। मेहाड़ा पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंपा।

पांच बच्चों के पिता

मृतक रामभरोसे के चार पुत्रियां और एक पुत्र हैं। इनमें चारों पुत्रियों की शादी हो चुकी है। बेटा अभी पढ़ाई कर रहा है।

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