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तीसरी क्लास में पढने वाली अर्शिया ने 8 साल की उम्र में 62 किलो वजन उठाने का रिकॉर्ड बनाया, शिल्पा शेट्टी बोलीं-अपने से 20 गुना वजन उठाने वाली चींटी, शिल्पा शेट्टी बोलीं-अपने से 20 गुना वजन उठाने वाली चींटी

नई दिल्ली/ मैं अर्शिया गोस्वामी, हरियाणा के पंचकूला की रहने वाली हूं। आठ साल की हूं, तीसरे क्लास में पढ़ती हूं। जब पांच साल की थी तब दूसरे बच्चे गुड्‌डे-गुड़ियों से खेलते, लेकिन मुझे वजन उठाने और एक्सरसाइज करने में मजा आता।


घंटों जिम में पसीना बहाना, वेट लिफ्टिंग करना, पॉवर लिफ्टिंग करना मेरा शगल है। लोग बोलते हैं कि तुम गॉड गिफ्टेड हो, दूसरी लड़कियों से अलग हो। लेकिन मैं ऐसा नहीं मानती। मुझे भी कार्टून देखना पंसद है, फिल्में देखती हूं। बस वेटलिफ्टिंग के प्रति मेरे पैशन ने मुझे यहां पहुंचाया है।

कोविड के दौरान मम्मी-पापा को देख एक्सरसाइज करना शुरू किया. मेरे पापा अवनीश गोस्वामी जिम चलाते हैं। कोविड के समय जब जिम बंद हो गया तो पापा घर में ही एक्सरसाइज करते। मम्मी भी प्लैंक करती। तब मेरी उम्र पांच साल थी। पेरेंट्स को देखकर मैं भी एक्सरसाइज करती।

एक्सरसाइज के दौरान जब म्यूजिक बजता, तो मैं डांस करने लगती। पापा पुशअप करते या स्क्वैट करते तो मैं भी उनकी नकल करती। मम्मी जब 2 मिनट तक प्लैंक करती तो मैं 3 मिनट तक करके दिखाती। फिर पूरे घर को बताती कि मैंने इतनी देर तक प्लैंक किया है, इतने स्क्वैट्स किए, ये क्रंचेज किए।

अर्शिया अपनी पढ़ाई के साथ हर दिन सात घंटे तक जिम में वर्कआउट करती हैं। शुरू में उनके पिता ने उन्हें ट्रेनिंग दी, अभी चंडीगढ़ के कोच उन्हें वेटलिफ्टिंग के गुर सिखा रहे।

जिम में वर्कआउट, पापा ने खुद से बनाए वेट्स

जब लॉकडाउन हट गया तो पापा मुझे जिम ले आए। शुरुआत में मैं घंटेभर ही प्रैक्टिस करती। जिम में जितने भी वेट्स थे, सब बड़े लोगों के लिए थे। तब पापा ने हल्के वेट्स बनाए। टायर का पंक्चर बनाने वाले से लोहे की रॉड खरीद कर ले आए ताकि उसे मैं उठा सकूं।

कम वजन वाले वेट्स मार्केट में भी नहीं थे। जिम में 20 किलो के बारबेल थे जो मेरे लिए भारी थे।

तब पापा ने जर्मन मेड पांच किलो का रॉड भी मंगाया, इसमें काफी पैसे खर्च करने पड़े। मसल्स पर किसी तरह का जोर न पड़े इसलिए आधा और एक किलो के प्लेट्स भी खरीदे। इस तरह पांच साल की उम्र से थोड़े-थोड़े वेट्स के साथ-साथ वेटलिफ्टिंग शुरू किया।

सगे-संबंधी, पड़ोसी कहते-हाईट रुक जाएगी

जब मैं जिम में घंटों प्रैक्टिस करती, पसीना बहाती तो मेरे दादा-दादी, पड़ोसी और यहां तक कि जिम में ही लोग कहते कि इस उम्र में इतनी एक्सरसाइज और वेट उठाना ठीक नहीं है। हाईट रुक जाएगी। लड़की के अंदरूनी अंगों पर भी बुरा असर पड़ सकता है। जब भी मुझे कभी बुखार लगता, सिर दर्द होता या पेट दर्द तो सभी ये कहते कि वेट उठाने से ऐसा हो रहा है।

तब पापा ने इस पर काफी रिसर्च की। वह पता लगाते कि क्या वेटलिफ्टिंग करने का हाईट से क्या संबंध है। उन्होंने इस पर सर्टिफिकेशन कोर्स भी किया। पापा ने इन बातों पर ध्यान नहीं दिया और रेगुलर मेरी एक्सरसाइज पर फोकस किया। हर दिन 7 घंटे प्रैक्टिस, 62 किलो वजन उठाकर बनाया रिकॉर्ड

सुबह तीन घंटे और शाम में चार घंटे प्रैक्टिस करती हूं। हालांकि प्रैक्टिस के बीच में ब्रेक भी लेती हूं ताकि शरीर पर बुरा असर न पडे़। पहले पापा कोच के रूप में मुझे ट्रेन करते रहे लेकिन अब चंडीगढ़ के रहनेवाले कोच गुरमिल सर मुझे ट्रेनिंग दे रहे। जब मैं 6 साल 11 महीने की थी तब मैंने 45 किलो उजन उठाया। इस उम्र में सबसे कम उम्र की मैं डेडलिफ्टर बनी। यह रिकॉर्ड इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है।

62 किलो वजन उठाकर मैंने रिकॉर्ड बनाया है। इसके पहले 60 किलो का वजन उठाकर एशियाई रिकॉर्ड बनाया है।

क्लीन एंड जर्क में 30 किलो और स्नैच में 25 किलो का रिकॉर्ड है।

पिछले साल डिस्ट्रिक्ट वेटलिफ्टिंग कॉम्पिटिशन में मैं फर्स्ट रही थी जबकि स्टेट चैंपियनशिप में तीसरे स्थान पर रही थी। ये दोनों टूर्नामेंट मैंने अंडर 40 किलो केटेगरी में खेला। जबकि इसमें सारे बच्चे मुझसे पांच से छह साल उम्र में बड़े थे। एक पॉवर लिफ्टिंग में, दो वेटलिफ्टिंग में टूर्नामेंट में अब तक भाग लिया है।

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने के लिए इंडियाज गॉट टैलेंट में जुलाई फर्स्ट वीक में मैंने परफॉर्म किया है। 30 सेकेंड्स में पहले 16 क्लींस थे, जिसे मैंने 17 क्लींस किया जो गिनीज बुक में दर्ज किया गया है .एक्ट्रेस शिल्पा शेट्‌टी और बादशाह मुझे वजन उठाता देख अचरज में पड़ गए। आज ही टीवी पर इसे कल ही टेलीकास्ट किया गया है। शिल्पा शेट्‌टी ने कहा कि तुम एक चींटी की तरह हो जो अपने से 20 गुना ज्यादा वजन उठाती है।

हर दिन एक लीटर दूध, डाइट का रखती हूं ध्यान

मलाई, मक्खन, घी, पनीर और दूसरे डेयरी प्रोडक्टस लेती हूं। हर दिन एक लीटर दूध पीती हूं। चिकन और उबले हुए अंडे भी खाती हूं। बाकी घर में जो कुछ बनता है वो भी खाती हूं। कभी चॉकलेट नहीं खाती और न ही जंक फूड। जब कोई रिलेटिव चॉकलेट लाकर देता है तो उसे भी फ्रिज में लाकर रख देती हूं, लेकिन खाती नहीं।

स्कूल से मिला स्पेशल परमिशन, मेरे लिए विशेष टीचर, मैं पंचकूला के ब्राइट स्कूल में पढ़ती हूं। लेकिन वेटलिफ्टिंग के चलते स्कूल ने मेरे लिए विशेष व्यवस्था की है। मैं सुबह 11.30 बजे स्कूल जाती हूं और दोपहर 1.30 बजे छुट्‌टी हो जाती है। ये दो घंटे मुझे स्पेशल टीचर पढ़ाती हैं।

दोपहर 2 से लेकर 6 बजे तक मैं फिर जिम में ट्रेनिंग करने जाती हूं। 6.30 से लेकर 9 बजे तक ट्यूशन के लिए जाती हूं जहां मैं सारे कोर्सेज पूरे कर पाती हूं। टीचर्स और सारे फ्रेंड्स कहते हैं कि अर्शिया इसी तरह प्रैक्टिस करो, हमें तुम पर गर्व है। इंस्टाग्राम पर चार लाख से अधिक फॉलोअर, दो कंपनियों से स्पांसरशिप

मेरे इंस्टाग्राम पर चार लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं। अकाउंट पापा ने बनाया और हर दिन मेरे प्रैक्टिस की वीडियो डालते। धीरे-धीरे व्यूज और लाइक्स बढ़ते चले गए।

अब तो सोशल मीडिया पर मुझे वंडर गर्ल कहा जाता है। लोग मेरे वेटलिफ्टिंग को देखकर दांतों तले उंगलियां दबाते हैं। मुझे मसलबेज और जेराई फिटनेस ब्रांड से स्पांसरशिप मिली है। यशराज फिल्म की ओर से एक मूवी के लिए ऑडिशन भी दिया है।

चीन और कोरिया से मुझे कोचिंग देने का ऑफर हुआ है। लेकिन मैं अपने देश में ही रहकर ट्रेनिंग लेना चाहती हूं।

ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीतना मेरा सपना, मीरा बाई चानू जैसा बनूंगी

मेरा सपना है कि ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीत कर लाऊं। सबसे कम उम्र की ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट बनकर दिखाऊंगी। मुझे मीरा बाई चानू जैसा वेटलिफ्टर बनना है और देश का नाम रौशन करना है।

मैं ताईक्वांडो भी सीखती हूं। इंटर स्कूल कॉम्पिटिशन में 5 मेडल भी जीत चुकी हूं।

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