50 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर में चढ़ कर बिलासपुर में सड़क नहीं बनने को लेकर आत्महत्या करने की चेतावनी देते हुए घंटों हंगामा मचाया पंच ने
बिलासपुर/ छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सड़क नहीं बनने को लेकर एक पंच ने शुक्रवार की शाम 50 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर में चढ़ गया और आत्महत्या करने की चेतावनी देते हुए घंटों हंगामा मचाया। पुलिस ने देर शाम उसे समझाइश देकर नीचे उतारा। पंच का कहना है कि विधायक और संसदीय सचिव ने गांव में सड़क बनाने का वादा किया था और पैसा पास होने की बात कही थी। लेकिन, अब तक कोई काम शुरू नहीं किया गया।
देवरीखुर्द निवासी जयशंकर चौबे वार्ड क्रमांक 9 का पंच है। वो शुक्रवार को गांव में बेजा कब्जा हटाने की मांग को लेकर तखतपुर गया था। इसके बाद जब गांव लौटा तो वह शाम को करीब पांच बजे मोबाइल टॉवर में चढ़ गया। उसे टावर में चढ़कर चिल्लाते देखकर लोगों को पहले कुछ समझ नहीं आया। बाद में उसकी हरकतों और सुसाइड करने की आवाज सुनकर आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। वह टावर से कूद कर सुसाइड करने की बात कह रहा था। गांव वालों ने उसके सुसाइड करने का कारण पूछा, तब वह गांव और वार्ड की समस्याएं दूर नहीं करने के कारण सुसाइड करने की बात कहने लगा। इसके बाद लोगों ने इस घटना की जानकारी पुलिस को दी।
समझाते रहे लोग पर अफसरों को बुलाने की जिद पर अड़ा रहा
सरपंच ने युवक के वार्ड में सीसी रोड पास होने की जानकारी गांव वालों को दी। तब गांव वाले उसे रोड बनवाने की बात कहकर नीचे उतरने के लिए कहते रहे। थाना प्रभारी एसआर साहू सहित पुलिसकर्मियों ने उसे समझाइश देने का प्रयास किया। लेकिन, युवक समस्याएं दूर करने के बाद ही अपना फैसला बदलने की चेतावनी देने लगा। करीब एक घंटे तक पुलिसकर्मियों ने उसे समझाइश दी और मांगे पूरी होने और सरपंच के द्वारा सीसी रोड पास कराने की जानकारी दी। काफी समझाने के बाद युवक टॉवर से नीचे आया, तब पुलिस ने राहत की सांस ली।
पंच बोला- सभी देते हैं गाली, क्षेत्रीय विधायक हैं दोषी
गांव के पंच जयशंकर चौबे ने कहा कि समस्याओं को लेकर गांव के बच्चे से लेकर बूढ़े सरपंच और पंच को गाली देते हैं और बोलते हैं कि कोई काम नहीं करते। कुछ दिन पहले विधायक रश्मि सिंह से मिले थे, तब सीसी रोड के लिए आठ लाख रुपए पास किया गया था, जिसके बाद गांव में काम कराने के लिए सेटअप लगाया गया था, जिसे उठाकर ले गए। पंचायत में कोई फंड नहीं है और कोई मद नहीं है।
हम लोग गांव के लोगों को काम कराने का वादा किया था, जिसके बाद पंच और सरपंच बने। लेकिन, वादा नहीं निभा पा रहे हैं, तो हमारे पास आत्महत्या के सिवाय कोई रास्ता नहीं है। कम से कम यह तो नहीं बोलेंगे कि पंच पैसा खाता है, काम नहीं करता है। उसने कहा कि काम नहीं कराने के लिए क्षेत्रीय विधायक ही दोषी हैं, जो वादा करने के बाद भी काम नहीं करा रही हैं। ऐसे में अब उन्हें हम लोग वोट नहीं देंगे।

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