तोशाखाना के तोहफे बेचने के मामले में 3 साल की सजा काट रहे पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को देसी घी में पकाया गया चिकन और मटन मुहैया कराया जा रहा है, पत्नी बुशरा बीबी ने सुप्रीम कोर्ट में एक अर्जी दायर की "खान साहब की जिंदगी को खतरा है। वो जेल में बहुत कमजोर हो गए हैं"
इस्लामाबाद/ सरकारी खजाने (तोशाखाना) के तोहफे बेचने के मामले में 3 साल की सजा काट रहे पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जेल में कोई तकलीफ नहीं है। अटक जेल के चीफ ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को एक लिस्ट सौंपी। इसमें बताया गया है कि खान को जेल में भी देसी घी में पकाया गया चिकन और मटन मुहैया कराया जा रहा है। इतना ही नहीं, उन्हें शहद भी दी जाती है।
पिछले हफ्ते खान की पत्नी बुशरा बीबी ने जेल में पति से मुलाकात की थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में एक अर्जी दायर की। इसमें इमरान की सजा माफ करने की अपील की गई थी। बुशरा ने कहा था- खान साहब की जिंदगी को खतरा है। वो जेल में बहुत कमजोर हो गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट में अफसर तलब
बुशरा की पिटीशन पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। इस दौरान अटक जेल के सुपरिन्टेंडेंट को तलब किया गया। लोकल एडमिनिस्ट्रेशन के कुछ अफसरों को भी बुलाया गया।
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस उमर अता बंदियाल ने सरकारी वकील से पूछा- इमरान जेल में किस हाल में रह रहे हैं? इस पर अटक जेल के चीफ ने उन्हें एक लंबी फेहरिस्त सौंपते हुए कहा- पूर्व प्रधानमंत्री को जेल मैनुअल की तमाम फैसिलिटीज मुहैया कराई जा रही हैं।
जेल चीफ ने जो रिपोर्ट और फेहरिस्त सुप्रीम कोर्ट को सौंपी, उसकी जानकारी पाकिस्तान के अखबार ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ ने अपनी रिपोर्ट में दी है। इसके मुताबिक खान की मांग के हिसाब से उनका डाइट प्लान बनाया गया है। उन्हें हफ्ते में दो दिन चिकन और एक दिन मटन दिया जाता है। दोनों ही डिश देसी घी में बनाए जाते हैं।
रिपोर्ट में आगे कहा गया- खान को अब 9x11 की बैरक में रखा गया है। उन्हें सुबह-शाम जेल के लॉन में टहलने की इजाजत भी दी गई है। इसके अलावा उन्हें LED TV भी दिया गया है। हर रोज एक कर्मचारी दो घंटे उनकी बैरक और टॉयलेट की सफाई के लिए जाता है। वही उनके कपड़े भी धोता है। पांच डॉक्टरों का एक पैनल उनकी सेहत पर नजर रख रहा है।
शहद और परफ्यूम भी मिलते हैं
इसके पहले, ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट में अफसरों के हवाले से खान को जेल में मिल रही सुविधाओं के जानकारी दी गई थी। इसके मुताबिक रविवार को एक अफसर (IG) ने अटक जेल का दौरा किया। उन्होंने खान को मिल रही सुविधाओं की जानकारी हासिल की।
जेल अफसरों ने बाद में कहा- इमरान की सेल में एक बिस्तर, तकिया, चटाई, कुर्सी, एयर कूलर और टेबल मौजूद हैं। इसके अलावा अलग से उन्हें एक फैन और कुछ धार्मिक किताबें दी गई हैं। खजूर, शहद, टिश्यू पेपर और परफ्यूम भी खान के लिए मौजूद हैं।
बुशरा ने कहा था- जेल में हालात काफी खराब
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के चीफ इमरान खान 5 अगस्त से जेल में हैं। पिछले हफ्ते खान की पत्नी बुशरा पति से मिलने जेल गईं थीं। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में एक पिटीशन दायर की। इसमें कहा- जेल में इमरान की सेहत काफी खराब हो रही है। वहां हालात काफी खराब हैं। उनकी सजा पर रोक लगाई जाए और फौरन जेल से रिहा किया जाए।
तोशाखाना केस दो तरह से चल रहा है। इसमें इमरान की सुनवाई अदालत में हो रही है। इसके अलावा उनकी पत्नी बुशरा बीबी को एंटी करप्शन एजेंसी पूछताछ के लिए बुला रही है, क्योंकि तोशाखाना के करोड़ों रुपए के तोहफे बुशरा ने ही बेचने के लिए दिए थे।
बुशरा बीबी को भी जांच एजेंसी के सामने पेश होना है। अब तक कुल 13 बार बुशरा को जांच एजेंसी ने पेश होने के लिए नोटिस दिया है, लेकिन वो एक भी बार पेश नहीं हुईं। इसके बाद जांच एजेंसी ने अखबारों में एक इश्तिहार निकलवाया और कहा कि अगर बुशरा बीबी पेश नहीं हुईं तो उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया जाएगा।
इसके बाद इमरान ने एक पिटीशन लाहौर हाईकोर्ट में दायर की थी। कहा- मेरी पत्नी घरेलू महिला हैं और उनका सियासत से कोई ताल्लुक नहीं है। लिहाजा, उन्हें पूछताछ से राहत दी जाए। दूसरी तरफ, इसी रिपोर्ट में कहा गया है कि इमरान के खिलाफ बेहद पुख्ता सबूत हैं और यही वजह है कि वो किसी न किसी बहाने से सुनवाई को लंबे वक्त तक लटकाना चाहते हैं।
अब तोशाखाना केस को समझिए
चुनाव आयोग के सामने पिछली सत्ताधारी सरकार पाकिस्तानी डेमोक्रेटिक मूवमेंट (PDM) ने तोशाखाना गिफ्ट मामला उठाया था। कहा था कि इमरान ने अपने कार्यकाल के दौरान विभिन्न देशों से मिले गिफ्ट को बेच दिया था।
इमरान ने चुनाव आयोग को बताया था कि उन्होंने तोशाखाने से इन सभी गिफ्ट्स को 2.15 करोड़ रुपए में खरीदा था, बेचने पर उन्हें 5.8 करोड़ रुपए मिले थे। बाद में खुलासा हुआ कि यह रकम 20 करोड़ से ज्यादा थी।
करीब दो साल पहले अबरार खालिद नाम के एक पाकिस्तानी शख्स ने इन्फॉर्मेशन कमीशन में एक अर्जी दायर की थी। कहा- इमरान को दूसरे देशों से मिले गिफ्ट्स की जानकारी दी जाए। जवाब मिला- गिफ्ट्स की जानकारी नहीं दी जा सकती। खालिद भी जिद्दी निकले। उन्होंने इस्लामाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी।
इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने इमरान से पूछा था- आप तोहफों की जानकारी क्यों नहीं देते? इस पर खान के वकील का जवाब था- इससे मुल्क की सलामती यानी सुरक्षा को खतरा है। दूसरे देशों से रिश्ते खराब हो सकते हैं। इसलिए अवाम को दूसरे देशों से मिले तोहफों की जानकारी नहीं दे सकते।
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