हाल ही में 29 जुलाई को वर्ल्ड ORS डे मनाया गया, बारिश के मौसम में बढ़ते उल्टी-दस्त की समस्या में कैसे और कितना फायदेमंद है जानें इसे बनाने का तरीका
ORS, जिसे आमतौर पर लोग लूज मोशन यानी दस्त और शरीर में पानी की कमी हो जाने पर लेते हैं। इन दिनों डिहाइड्रेशन, उल्टी, दस्त की प्रॉब्लम लोगों को ज्यादा होती है। इन सभी बीमारियों से शरीर में हुई पानी की कमी को दूर करने के लिए ORS बहुत हेल्पफुल है।
29 जुलाई को वर्ल्ड ORS डे मनाया जाता है। इस मौके पर आज जरूरत की खबर में जानेंगे कि ORS क्या है, इसे कैसे और कितना पीना चाहिए। साथ ही घर पर इसे बनाने का तरीका क्या है।
एक्सपर्ट:
डॉ. नीलम मोहन, सीनियर डायरेक्टर बाल चिकित्सा गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी और लीवर ट्रांसप्लांट, मेदांता द मेडिसिटी, गुरूग्राम
सवाल: ORS क्या है और इसमें क्या होता है?
जवाब: ORS का फुल फॉर्म ओरल रीहाइड्रेशन सॉल्ट है। इसमें तीन तरह के सॉल्ट, ग्लूकोज और पानी का मिक्सचर होता है। दस्त, उल्टी और ज्यादा पसीना आने की सिचुएशन में ये शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करने के लिए दिया जाता है।
सवाल: ORS में मौजूद सॉल्ट कौन-कौन से हैं, ये किस तरह काम करते हैं?
जवाब: इसमें तीन तरह के सॉल्ट होते हैं-
- सोडियम क्लोराइड या सादा नमक
- ट्रिसोडियम साइट्रेट - डिहाइड्रेट
- पोटैशियम क्लोराइड
इनका मिक्सचर शरीर में पेट से इलेक्ट्रोलाइट और पानी के अब्जॉर्शन को तेज करता है। जिससे उल्टी और दस्त में राहत मिलती है। यह शरीर में पानी और सॉल्ट की कमी को पूरा करता है।
सवाल: ORS कब पीना चाहिए?
जवाब: जब शरीर में लिक्विड पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है और शरीर बुरी तरह से डिहाइड्रेट हो जाता है। तब डिहाइड्रेशन से बचने और शरीर को रीहाइड्रेट करने के लिए ORS पीने की सलाह दी जाती है।
सवाल: डिहाइड्रेशन हो गया है या शरीर में पानी की कमी है, ये कैसे पता चलेगा?
जवाब: शरीर में इन लक्षणों के दिखने पर समझ जाएं कि पानी की कमी या डिहाइड्रेशन हो गया है। पॉइंट्स से समझते हैं-
- खूब पानी पीने के बाद भी बार-बार प्यास लगना।
- ब्लड प्रेशर कम होना।
- सांसें तेज चलना।
- होंठ और जीभ सूखना।
- यूरिन कम पास होना।
- मांसपेशियों में ऐंठन और दर्द होना।
- सिरदर्द और तेज थकान लगना।
सवाल: शरीर में पानी की कमी होने पर किस उम्र में कितना ORS घोल देना चाहिए?
जवाब: ORS के पैकेट पर दिए इंस्ट्रक्शन यानी निर्देश के मुताबिक पानी मिलाकर नीचे लगी क्वांटिटी में ORS दें।
सवाल: ORS पीने से क्या फायदे होते हैं?
जवाब: ORS एक ऐसी चीज है, जो हर घर में उपलब्ध होनी चाहिए। इसकी कीमत कम होने और आसानी से हर जगह मिल जाने से ही करोड़ों लोगों की परेशानी दूर हो जाती है। इसके अलावा इसे पीने से 10 परेशानियां से आराम मिलता है, जिसका जिक्र नीचे लगी क्रिएटिव में किया गया है।
सवाल: ORS घोल बनाते और रखते वक्त किस तरह सावधानियों की जरूरत होती है?
जवाब: नीचे पाइंट में इसका जिक्र कर रहे हैं, ध्यान से पढ़ें और निर्देश फॉलो करें। जैसे-
ORS बनाते समय पैकेट पर दिए इंस्ट्रक्शन को फॉलो करें।
- इसे बनाने से पहले अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह से साफ कर लें।
- इस घोल को घूंट-घूंटकर पीना चाहिए।
- ORS में अलग से चीनी न मिलाएं।
- ORS मिक्सचर को उबले हुए पानी को ठंडा करके या फिल्टर्ड पानी में ही मिलाएं।
- ORS को सिर्फ पानी में मिलाएं। इसके लिए दूध, सूप, जूस, सॉफ्ट ड्रिंक का यूज न करें।
- ORS का घोल गाढ़ा बनाने से बचें और सूखा पाउडर न खाएं।
- इसे बनाकर 24 घंटे से ज्यादा न रखें। उसमें बैक्टीरिया पनपने लग सकते हैं।
- इसे पीने के बाद उल्टी, चक्कर आते हैं तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
सवाल: ORS पाउच वाला कैसे बनाया जाता है?
जवाब: ORS पाउच मेडिकल शॉप पर मिलते हैं। अगर आपके पास पाउच है, तो बस आपको पाउच को काटकर उसके पाउडर को एक लीटर साफ पानी में मिलाना है और अच्छी तरह से मिलाने के बाद धीरे-धीरे घूंट-घूंट कर पिएं।
सवाल: घर पर कैसे बनाएं ORS?
जवाब: अगर आपके पास या घर पर पाउच नहीं है तो घर में भी इसे तैयार कर सकते हैं बस इन चीजों की जरूरत होगी।
बनाने का सामान
- 30 ग्राम या 6 चम्मच चीनी
- 1/2 छोटा चम्मच नमक
- 1 लीटर साफ पानी, उबला हुआ तो बेहतर होगा
विधि
इस पानी के ठंडा होने के बाद इसमें चीनी, नमक मिला लें। इसे मिक्सचर को अच्छे से हिलाते हुए मिक्स कर लें। ये पीने के लिए तैयार है।
ORS के जनक कौन हैं
डिहाइड्रेशन के लिए एक सरल उपाय के रूप में ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन यानी ORS की शुरुआत करने वाले डॉ. दिलीप महलानाबिस का 16 अक्टूबर 2022 में निधन हो गया था।
12 नवंबर, 1934 को पश्चिम बंगाल में जन्मे डॉ महालनोबिस ने कोलकाता और लंदन में स्टडी की। इसके बाद सन् 1960 में कोलकाता में जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी इंटरनेशनल सेंटर फॉर मेडिकल रिसर्च एंड ट्रेनिंग का हिस्सा बने, जहां उन्होंने ओरल रीहाइड्रेशन थेरेपी में रिसर्च की।
- डॉ. महालनोबिस सन् 1971 के बांग्लादेश लिबरेशन वॉर के दौरान शरणार्थी शिविरों में काम करने के दौरान ORS यूज किया गया।
- सन् 1975 से 1979 तक डॉ. महालनोबिस ने अफगानिस्तान, मिस्र और यमन में WHO के लिए हैजा कंट्रोल में काम किया।
- सन् 1980 के मध्य और सन् 1990 की शुरुआत में वह WHO के डायरिया रोग नियंत्रण कार्यक्रम में चिकित्सा अधिकारी थे।
- सन् 1994 में उन्हें रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज का एक विदेशी सदस्य चुना गया।
- सन् 2002 में डॉ. महालनोबिस को ओरल रीहाइड्रेशन थेरेपी की खोज और कार्यान्वयन में उनके योगदान के लिए बाल चिकित्सा अनुसंधान में प्रथम पोलिन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
- वर्ष 2006 में ओरल रीहाइड्रेशन थेरेपी के विकास और अनुप्रयोग में उनकी भूमिका के लिए उन्हें प्रिंस महिदोल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।


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