बचपन में कचरे से खाना उठाकर पेट पालती थीं जोसफिन बैकर, फिर सबसे अमीर ब्लैक वुमन बनी, अपने पालतू चीते को भी हीरे जड़े वाला पट्टा पहनती थीं, 12 बच्चो को गोद लेने के बाद हो गई थी कंगाल
स्टेज पर अगर सबसे एनर्जेटिक आर्टिस्ट की बात होती है, तो उसमें जोसफिन बैकर पहले नंबर पर आती हैं। जोसफिन अपने जमाने में सबसे अमीर ब्लैक वुमन थीं। इतनी अमीर की उन्होंने अपने विला में चीता पाला था, जिसे वो हीरे जड़े पट्टे से बांधती थीं। इसी चीते को लेकर वो सारे स्टैज परफॉर्मेंस देती थीं। जितनी देर वो मंच पर रहतीं, उतनी देर चीता भी रहता।
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| जोसफिन बैकर अपने पालतू चीते के साथ |
अमेरिका में पैदा हुईं बेकर को अपने देश में पहचान तो दूर कभी बराबरी का दर्जा तक नहीं मिला, लेकिन फ्रांस में इन्हें वो प्यार मिला कि ये आज भी यहां कि सबसे पसंदीदा कलाकारों में शामिल हैं। जोसफिन उस दौर में जन्मीं जब ब्लैक लोगों को गोरे लोग देखना भी पसंद नहीं करते थे। भयंकर गरीबी में जन्मीं जोसफिन नाजायज संतान थीं। सड़क किनारे टूटे घर में रहतीं और कभी भीख मांगकर, तो कभी सड़क पर फेंके गए खाने को बीनकर पेट भरती थीं।
समय ने करवट ली तो जोसफिन के गाने के हुनर ने उन्हें स्टार बना दिया। अमेरिका में उन्हें मारने की कोशिश हुई तो वो फ्रांस आ गईं। दूसरे विश्वयुद्ध में उन्होंने फ्रांस के लिए जासूसी भी की। रंगभेद की शिकार बैकर ने हमेशा इसके खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने अलग-अलग देशों के 12 बच्चे गोद लिए, जिनके धर्म, रंग और कल्चर तीनों अलग थे। वो साबित करना चाहती थीं कि धर्म, रंग और कल्चर अलग होने पर भी लोग भाई-बहन की तरह एक साथ रह सकते हैं।
सड़क पर हुआ जन्म
US में रंगभेद का वो आलम था कि व्हाइट लोग द्वारा अफ्रीकी- अमेरिकी ब्लैक (अश्वेत) लोगों को सड़कों पर सरेआम मारा जा रहा था। जो कुछ ब्लैक लोग US में थे वो भी प्रताड़ित थे। इस दौर में ही 3 जून 1906 को सेंट लूइस, US में जोसफिन बैकर (फ्रेडा जोसफिन मैकडोनल) का जन्म 212 टार्जी स्ट्रीट पर हुआ।
मां अनाथ थीं, जिन्हें अफ्रीकी गुलामों ने गोद लिया था। जोसफिन नाजायज थीं और उनके असली पिता की कहीं कोई जानकारी नहीं मिलती। बायोग्राफी जोसफिनः द हंग्री हार्ट में दावा किया गया है कि जोसफिन के पिता एक रईस व्हाइट अमेरिकन थे, जिनसे उनकी मां के कभी संबंध थे।
सड़क किनारे था घर, सड़कों से उठाकर खाना खाती थीं
गरीबी इस कदर थी कि सड़क किनारे ही कुछ टूटे-फूटे सामान से जोसफिन के परिवार ने अपना ठिकाना बना लिया। पूरा परिवार सड़कों पर घूमकर भीख मांगता और कचरे के ढेर से उठाकर खाना खाता। कुछ दिनों बाद मां को एक रईस परिवार में कपड़े धोने का काम मिल गया और कमाई होने लगी।
काम करते हुए मां ने आर्थर मार्टिन से शादी कर ली। दूसरी शादी से मां को 1 बेटा और 2 बेटियां हुईं। मां का ध्यान नए परिवार के शुरू होते ही जोसफिन से हट चुका था। जब वो 8 साल की हुईं तो मां ने उन्हें भी एक घर में नौकरानी की जगह दिला दी।
गलती होने पर हाथ जलाया
जोसफिन गोरे लोगों के घर काम करती थीं, जहां उन्हें रोज किसी न किसी बात पर मालकिन की गालियां पड़ती थीं। 8 साल की जोसफिन से एक बार कपड़ों में डिटर्जेंट ज्यादा लग गया तो मालकिन ने उनका हाथ जला दिया। इस दर्दनाक माहौल में भी जोसफिन उनके घर काम करती रहीं, क्योंकि गरीबी बहुत थी।
एक दिन जोसफिन घर में काम कर रही थीं कि उन्होंने अचानक लोगों की चीखें सुनीं। झांककर देखा तो कई सारे गोरे लोग अश्वेत लोगों को बेरहमी से मार रहे थे। सड़कों पर ब्लैक लोगों की लाश देखकर 11 साल की जोसफिन डर गईं। जब उन्होंने देखा कि भीड़ उन्हें मारने आ रही है तो वो जान बचाकर भाग निकलीं। छिपते-छिपाते वो सुरक्षित अपनी मां के पास पहुंच गईं।
चंद महीनों में टूटी पहली शादी
पैसों की जरूरत थी तो जोसफिन एक क्लब में वेट्रेस बन गईं, जहां उनकी मुलाकात विली वेल्स से हुई। दोनों ने शादी कर ली, लेकिन जैसे ही वो एक परफॉर्मेर ग्रुप जोन्स फैमिली बैंड के साथ जुड़ीं तो उनका पति उन्हें छोड़ गया।
वो लगातार अपने बैंड के साथ परफॉर्म करने लगीं। ये वो दौर था जब अश्वेत लोगों को किसी प्ले में सिर्फ हंसाने के लिए रखा जाता था। जोसफिन भी ये समझ चुकी थीं, ऐसे में वो पूरी एनर्जी के साथ लोगों को अपने फनी मूव्स से खूब हंसाती थीं। उनका काम पसंद किया गया और उन्हें लगातार काम मिलने लगा।
सिंगिंग के लिए तोड़ ली शादी
15 साल की उम्र में जोसफिन ने विलियम हावर्ड बैकर से शादी की थी। जोसफिन और उनकी मां के संबंध कभी ठीक नहीं थे। जैसे ही जोसफिन ने सड़कों पर परफॉर्म करना शुरू किया, तो मां ने उनसे बात करना बंद कर दी। वो चाहती थीं कि जोसफिन गाना छोड़कर अपनी शादीशुदा जिंदगी पर ध्यान दें।
1925 में 19 साल की उम्र में उन्हें अपने ग्रुप के साथ न्यूयॉर्क में परफॉर्म करने का मौका मिला। वो इस नए अवसर से खुश थीं, लेकिन मां अड़ गईं कि गाना छोड़कर वो अपने परिवार पर ध्यान दें, पति भी उनसे सहमत था। ऐसे में 1925 में ही जोसफिन ने विलियम से तलाक ले लिया और अपना पूरा समय परफॉर्मेंस में लगाने लगीं। जैसे ही जोसफिन अमेरिका गईं तो लगातार रंगभेद के चलते उनका शोषण किया जाने लगा। भरे शो में उनका अपमान किया जाता तो कहीं लोग भद्दे कमेंट्स करते।
न्यूयॉर्क में जबरदस्त परफॉर्मेंस देने के बाद जोसफिन 19 साल की उम्र में ही पेरिस आकर बस गईं। उनकी बेहतरीन सिंगिंग और डांसिंग परफॉर्मेंस भीड़ इकट्ठा कर लिया करती थी। पेरिस की एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में जोसफिन की चर्चा होने लगी। कई अखबारों में खबर आती कि आज तक किसी डांसर में वो एनर्जी नहीं थी जो जोसफिन की परफॉर्मेंस में थी।
परफॉर्मेंस से कमाई कर घरवालों को भेजती थीं कीमती तोहफे
कामयाबी मिलती गई और घर की आर्थिक स्थिति भी सुधरने लगी। जोसफिन अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा और महंगे तोहफे अपने घर भिजवाती थीं। उन्हें खुद भी कीमती चीजों और लग्जरी लाइफस्टाइल का शौक था। इसके अलावा जोसफिन अपने हर शो से होने वाली कमाई का कुछ हिस्सा उस शहर के गरीब बच्चों में बांटती थीं। उन्होंने 30 के दशक के आखिर में एक आलीशान विला खरीदा था, जहां लग्जरी का हर सामान था। वो उस समय सबसे रईस ब्लैक वुमन कही जाती थीं।
न्यूड फोटो बनी सेंसेशन
जोसफिन अपनी परफॉर्मेंस के साथ अपने फैशन से भी लोगों का ध्यान खींचती थीं। उनका फेशन एक्सपेरिमेंट हाईक्लास लोगों को काफी पसंद आता था। 1927 में जोसफिन आर्टिफिशियल केलों का स्कर्ट और माला पहनकर पेरिस में सेंसेशन बन गई थीं।
चीता लेकर स्टेज पर गाने पहुंचती थीं जोसफिन
रईसी आते ही जोसफिन ने एक चीता पाल लिया, जिसका नाम चिकिटा था। वो अपनी हर परफॉर्मेंस में चिकिटा को हीरों से बनी कॉलर पहनाकर साथ ले जाती थीं। परफॉर्मेंस के बीच ही कई बार चिकिटा ऑर्केस्ट्रा और म्यूजीशियन्स के पास चला जाता था। कई लोगों में इसकी दहशत थी, तो वहीं हाईक्लास लोग इसे एडवेंचर समझकर बड़ी संख्या में उनका शो देखने पहुंचते थे। फ्रांस के अलावा सर्बिया, क्रोशिया जैसे तमाम देशों में उनके सभी शोज हाउसफुल रहते थे।
फ्रेंच फिल्मों में आईं नजर
1927 में जोसफिन ने फ्रेंच साइलेंट फिल्म ला सिएरेने देस त्रोपिक्स से फिल्मों में जगह बनाई। प्रिंसेस तम तम और जोजो उनकी सबसे चर्चित फिल्में रहीं। उनकी आखिरी फिल्म 1955 की करोसेलो डेल वैरिटा थी।
रंगभेद से डरकर अपनी बहन की मौत पर भी नहीं पहुंचीं जोसफिन
जब जोसफिन की बहन की मौत हुई तो रंगभेद से इस कदर डरी हुई थीं कि वो अमेरिका नहीं लौटीं। उनके मैनेजर ने उन्हें लौटने का दबाव डाला। कुछ समय बाद तैयारी के साथ जोसफिन अमेरिका लौटीं।
भीड़ ने उनका स्वागत किया, लेकिन जैसे ही वो होटल पहुंची तो उन्हें उस होटल की लॉबी इस्तेमाल करने से मना कर दिया गया। उनका कहना था कि इस होटल में कुछ व्हाइट लोग हैं, ऐसे में वो अश्वेतों को लॉबी में बैठने की इजाजत नहीं देते। जोसफिन फिर टूट गईं। उसी शाम जब उन्होंने ब्रॉडवे में परफॉर्मेंस दी तो लोगों ने उन्हें देखते ही शो छोड़ दिया। अगले टाइम अखबार ने छापा- एक नीग्रो लड़की जो कहीं भी फेमस हो सकती है, लेकिन अमेरिका में नहीं।
कुछ लोगों ने कहा कि उनकी आवाज बेहद पलती और ऐसी है जैसे कोई बोना गाना गा रहा हो। अमेरिकन लोगों का अपने प्रति ऐसा रवैया देखकर जोसफिन बुरी तरह टूट गईं और फ्रांस लौटते ही उन्होंने अमेरिकन नागरिकता छोड़कर फ्रांस की नागरिकता ले ली।
वर्ल्ड वॉर 2 में जर्मनी के खिलाफ बनीं फ्रांस की सीक्रेट एजेंट
जब सितंबर 1939 में पोलैंड ने फ्रांस पर हमला किया तो फ्रांस ने भी जवाब में जर्मनी में युद्ध की घोषणा कर दी। जोसफिन बेहद पॉपुलर थीं, तो फ्रांस की सीक्रेट एजेंसी ड्यूक्सिएम ने उन्हें अपना सीक्रेट मैसेंजर बना लिया। जोसफिन अपनी पॉपुलैरिटी के दम पर बिना रोक-टोक जर्मनी और दूसरे शहरों में जाती थीं और वहां के हाई रैंक जापानी, इटालियन अफसरों और ब्यूरोकेट्स से दोस्ती बढ़ाकर उनसे खुफिया जानकारी निकलवाती थीं।
वो एक ट्रांसपेरेंट इंक से अपने म्यूजिकल नोट पेपर पर सारी जानकारियां लिखती थीं और उन्हें अपने अंडरगार्मेंट्स में छिपाकर रखती थीं। जब जर्मनी ने फ्रांस पर हमला किया तो वो अपने घर में फ्री फ्रांस मूवमेंट का समर्थन करने वाले लोगों को जगह देती थीं।
शरीर पर फैल गया इन्फेक्शन
जिस समय जोसफिन सीक्रेट मिशन पर थीं, तब उनका 1941 में मिसकैरेज हो गया। समय रहते सही इलाज नहीं मिल सका और इन्फेक्शन पूरे शरीर पर फैल गया। इन्फेक्शन रोकने के लिए जोसफिन का यूट्रस निकालना पड़ा। वो बुरी तरह टूट गईं, लेकिन उन्होंने मिशन जारी रखी। हालत सुधरने के बाद वो मुफ्त में फ्रांस सैनिकों के मनोरंजन के लिए शो किया करती थीं। यहीं उनकी मुलाकात कंपोजर जो बाइलियन से हुई और दोनों ने शादी कर ली।
रंगभेद के चलते नहीं थी गोरों के बीच होटल में ठहरने की इजाजत
1950 में जब जोसफिन पति जो के साथ न्यूयॉर्क पहुंचीं तो उन्हे किसी होटल में गोरों के साथ ठहरने के लिए रिजर्वेशन नहीं मिला। उन्होंने 39 होटल के चक्कर काटे, लेकिन उन्हें कईं ठहरने नहीं दिया गया। इसी बीच उन्हें US के मियामी क्लब में परफॉर्म करने के लिए 10 हजार डॉलर ऑफर हुए, लेकिन उन्होंने गोरों के लिए गाने से इनकार कर दिया।
क्लब ने कर दिया था खाना देने से इनकार
1951 में जोसफिन बेकर मैनहैटन के स्टोर्क क्लब गई थीं। वहां वेटर्स ने उन्हें खाना सर्व करने से इनकार कर दिया। इस बात से नाराज होकर जोसफिन ने उस होटल के मालिक शर्मन बिलिंग्सले के खिलाफ रेसिज्म का केस कर दिया।
कई बार मिलती थी जान से मारने की धमकी
जोसफिन हमेशा से ही अपने गानों के जरिए रंगभेद के खिलाफ आवाज उठाती थीं, जिसके लिए उन्हें अमेरिकन एक्टिविस्ट और राइट विंगर्स की तरफ से धमकी भरे कॉल आते थे। इसके बावजूद उन्होंने कभी आवाज उठाना बंद नहीं किया।
अलग- अलग देशों के 12 बच्चे लिए गोद
वर्ल्ड वॉर 2 खत्म होने के बाद बेकर ने रंगभेद और सोशल मुद्दों के खिलाफ आवाज बुलंद की और सिविल राइट्स मूवमेंट का हिस्सा बनीं। इसी समय उन्होंने अलग-अलग देशों और धर्म वाले बच्चे गोद लिए। वो ये साबित करना चाहती थीं कि अलग-अलग धर्म और रंग के बच्चे भाई-बहन बनकर साथ रह सकते हैं। वो अपने विला में टिकट प्राइज लेकर विटिजर्स को बुलाती थीं, जहां विजिटर्स उनके 12 बच्चों को एक साथ खेलते देखते थे। वो अपने बच्चों को रेन ट्राइब कहती थीं।
सिंगिंग छोड़कर कर्जे में डूबी जोसफिन
11 बच्चों को गोद लेने के बाद जोसफिन अपना सारा समय उन्हीं के साथ बिताने लगीं और उनके सिंगिंग करियर को विराम लग गया। चौथी शादी के 14 साल बाद 1961 में उन्होंने चौथे पति जो बायलियन से भी तलाक हो गया। जब कर्जा बढ़ने से जोसफिन का विला जब्त कर लिया गया, तो फ्रांस की प्रिंसेस और एक्ट्रेस ग्रेस कैली ने उन्हें अपना मोरक्को के पास स्थित विला गिफ्ट कर दिया।
1963 में मार्टिन लूथर किंग जूनियर की एक रैली में जोसफिन इकलौती महिला स्पीकर थीं। रंगभेद के खिलाफ हुए इस मार्ट में ढाई लाख लोग शामिल हुए थे। जोसफिन ने अपनी स्पीच में रंगभेद के खिलाफ कहा था, 'मैं राजाओं के महलों से लेकर प्रेसिडेंट्स के घर तक में रही हूं, लेकिन मैं अमेरिका के एक होटल में जाकर एक कप कॉफी तक नहीं पी सकती। जब मैं इस ख्याल से पागल होती हूं, तो बोलती हूं। और जब मैं बोलती हूं तो पूरी दुनिया सुनती है।
मार्टिन लूथर किंग जूनियर की मौत के बाद जोसफिन को सिविल राइट मूवमेंट का लीडर बनाया जा रहा था, हालांकि उन्होंने अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए ऐसा करने से इनकार कर दिया।
आखिरी परफॉर्मेंस में शामिल हुई थीं नामी हस्तियां, 1968 में जोसफिन ने पेरिस के ऑलंपिया थिएटर में गाना गाकर सिंगिंग कमबैक किया, लेकिन तब तक उनका चार्म कम हो चुका था। इसके बाद उन्होंने 1973 में कार्नेजी हॉल में परफॉर्म किया।
1975 में जोसफिन ने अपना सिंगिंग करियर पूरा होने पर उन्होंने एक शो में अभिनय किया। इस शो में सोफी लॉरेन, मिक जैगर, शर्ली बासे, डायना रॉस और लीडा मिनेली जैसी बड़ी हस्तियां शामिल हुईं। इस शो की डिमांड इस कदर थी कि दर्शकों की डिमांड पर एक्स्ट्रा सीट्स लगाई गई थीं। ये शो जबरदस्त हिट रहा और जोसफिन फिर चर्चा में आ गईं।
इस परफॉर्मेंस के 4 दिनों बाद जोसफिन अपने कमरे में बेसुध पाई गईं। उनके चारो तरफ उनकी परफॉर्मेंस की तारीफों से भरे अखबार बिखरे हुए थे। उन्हें अस्पताल ले जाया गया। वो सेरेब्रल हेमरेज से कोमा में थीं। कुछ दिनों बाद 12 अप्रैल 1975 को 68 साल की उम्र में उनका निधन हो गया।
जोसफिन की मौत के बाद पेरिस की मोंटपारनेसेस की रोड को उनका नाम दिया गया है। मोरक्को के जिस विला में जोसफिन अपने बच्चों के साथ रहती थीं, उसे एक म्यूजियम में तब्दील किया गया है। वहां उनका सामान, उनकी परफॉर्मेंस कॉस्ट्यूम और उनका बेडरूम, सब कुछ पहले ही तरह ही रखा हुआ है, जिसे देखने रोजाना सेकड़ो टूरिस्ट आते हैं। मशहूर सिंगर बेयोंस और एंजेलिना जोली भी जोसफिन बैकर से प्रेरित हैं।
22 नवंबर 2018 को जोसफिन बैकर की जिंदगी पर डॉक्यूमेंट्री 'जोसफिन बैकरः द स्टोरी ऑफ अन अवेकनिंग' रिलीज हुई थी। इसके अलावा उन पर बायोपिक 'द जोसफिन बैकर स्टोरी' बन चुकी है।

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