रायपुर/ राजधानी में चल रहे बारों में परोसी जा रही शराब में डंडी मारी जा रही है। शहर के सिर्फ चार बारों ने ही पैमाने का सत्यापन करवाया है। 64 बार बिना पैमाना सत्यापन के ही लोगों को शराब परोस रहे हैं। (cg hindi news) बार संचालकों ने पैमाना नाप तौल विभाग से सत्यापित नहीं करवाया है, जबकि लाइसेंस नियमों के मुताबिक बार में उपयोग किए जाने वाले पैमाने का सत्यापन नाप तौल विभाग से करवाना अनिवार्य है। चौंकाने वाली बात यह है कि आज तक कभी भी नापतौल विभाग ने किसी भी बार की जांच नहीं की है। (cg news in hindi) अधिकांश बारों में हर पैग में 20 से 10 एमएल की चोरी हो रही है।
जिले में 70 से ज्यादा बार चल रहे हैं, लेकिन इनमें से लगभग 30 बारों के फूड लाइसेंस ही अवधि खत्म हो चुकी है। (raipur news today) बार लाइसेंस लेने से पहले या फिर रिनीवल के समय फूड लाइसेंस अनिवार्य है। फूड लाइसेंस एक्सपायरी होने के बाद भी अभी किसी भी विभाग ने कार्रवाई तो दूर जांच तक नहीं की है।
आबकारी विभाग द्वारा बार का लाइसेंस जारी करने से पहले फूड लाइसेंस भी जमा करवाया जाता है। पैमानों के सत्यापन की रिपोर्ट नहीं मांगी जाती। जबकि लाइसेंस शतोर्ं में यह जरूरी है। प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर लाइसेंस जारी नहीं किया जा सकता। इसके बाद भी कैसे 60 से ज्यादा बारों के लाइसेंस जारी व रिनिवल हो गए इसका जवाब विभाग के पास भी नहीं है।
बिना खाद्य लाइसेंस के बार और होटलों को आबकारी द्वारा लाइसेंस नहीं दिया जाता है। ज्यादातर ने इसका लाइसेंस लिया है। जिनके लाइसेंस निरस्त हो गए हैं, उन पर कार्रवाई की जाएगी।
- बिजेंद्र भारती, सहायक आयुक्त, खाद्य एवं औषधि प्रशासन
बार संचालकों को फूड लाइसेंस खाद्य एवं औषधि प्रशासन जारी करता है। वहीं जांच करते हैं। पैमाने के सत्यापन के लिए नाप तौल विभाग के साथ मिलकर अभियान चलाया जाएगा।
- अरविंद पटले, उपायुक्त, आबकारी विभाग
बार संचालक हो या फिर कोई भी मापक का उपयोग करते हैं उन्हें सत्यापन करवाना अनिवार्य है। जिन बार संचालकों द्वारा पैमाने का सत्यापन नहीं करवाया गया है, तो कार्रवाई की जाएगी।
- सुरेश देवांगन, उप नियंत्रक, नाप तौल विभाग, रायपुर

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