हेबुली फिल्म स्टार किच्चा सुदीप की तरह हेयरस्टाइल करा रहे थे बच्चे; हेडमास्टर ने सैलून मालिकों को लिखा लेटर, कहा- "बच्चों के हीरो जैसे बाल न काटें; इससे पढ़ाई पर होता है असर", सेलून वालों ने बात मानी
बेंगलुरू/ कर्नाटक के एक सरकारी स्कूल में हेडमास्टर ने सैलून मालिकों से अपील की है, कि स्कूली बच्चों के हीरो जैसे बाल न काटें। उनकी इस सलाह को सैलून वालों ने मान भी लिया है। हेडमास्टर का कहना है, इससे बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ता है। वह फिल्मों की तरफ अट्रैक्ट होते हैं। नतीजन उनका एग्जॉम रिजल्ट खराब आता है।
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| हेबुली फिल्म स्टार किच्चा सुदीप की तरह हेयरस्टाइल करा रहे थे बच्चे |
- बच्चे हेबुली स्टार सुदीप जैसी हेयरस्टाइल करवा रहे थे
यह मामला बागलकोट जिले के जमाखंडी के कुलहल्ली का है। यहां एक सरकारी हाई स्कूल के हेडमास्टर शिवाजी नाइक ने स्कूली बच्चों को हेबुली फिल्म स्टार किच्चा सुदीप जैसे बाल कटवाते हुए देखा।
उन्होंने गांव में सैलून के मालिक को लेटर लिखा और अनुरोध किया कि बच्चों के हीरो जैसे बाल न काटें। हैरानी की बात यह है कि एक सैलून के मालिक चन्नप्पा सिद्धारमप्पा ने नाइक की इस सलाह को मान लिया और बच्चों के बाल काटना बंद कर दिया।
- हेडमास्टर ने यह लिखा लेटर में....
नाइक ने सैलून के मालिक को लिखे अपने लेटर में बताया, हमारे स्कूल के कई छात्र हेबुली फिल्म जैसे बाल कटवा रहे हैं। फैशन के चलते उनका पढ़ाई में मन नहीं लग रहा। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप हमारे छात्रों के अनुशासित तरीके से बाल काटें। यदि कोई छात्र फिल्मी स्टाईल में बाल कटवाने की मांग करता है, तो कृपया ऐसे छात्रों की सूचना उनके माता-पिता या स्कूल को दें।
- लेटर लिखने की वजह- लड़कों के नंबर आ रहे कम
नाइक ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा, उन्होंने इसके बारे में स्कूल डेवलेपमेंट एंड मॉनिटरिंग कमेटी, पैरेंट्स और शिक्षाविदों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करने के बाद सैलून मालिक को लेटर लिखा था।
नाइक ने आगे कहा, पिछले कुछ सालों में लड़कियों का पासिंग परसेंटेज काफी बढ़ गया है लेकिन लड़कों का परसेंट कम हो रहा है। जब हमने रिव्यू किया तो पाया कि कई बच्चे सीरियल्स और फिल्म से ज्यादा प्रभावित थे। उन्हें अनुशासन सिखाने और पढ़ाई पर फोकस रखने के लिए यह डिसीजन लिया गया है।


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