मार्कफेड को १७ करोड़ का नुकसान पहुंचाने वाले लोहरसिंग संग्रहण केंद्र प्रभारी को ट्रंासफर के साल भर बाद भी रिलीव नहीं; उक्त प्रभारी को खाद भंडार गृह का जिम्मा भी दे दिया
रायगढ़/ दो साल में धान के शार्टेज व बारदाना की कमी में मार्कफेड को १७ करोड़ का नुकसान पहुंचाने वाले लोहरसिंग संग्रहण केंद्र प्रभारी को ट्रंासफर के साल भर बाद भी रिलीव नहीं किया गया है। आश्चर्य की बात तो यह संग्रहण केंद्र में काम न होने पर उक्त प्रभारी को खाद भंडार गृह का जिम्मा दे दिया गया।
धान संग्रहण केंद्र लोहरसिंह में पिछले लंबे समय से पदस्थ प्रभारी उत्तम कुमार चंद्रा के खिलाफ वर्ष २०१९-२० और २०२०-२१ में काफी शिकायत हुई थी। शिकायत की जांच में वर्ष २०१९-२० में संग्रहण केंद्र में ५६८७१ क्विंटल धान १४ करोड़ २१ लाख ७८ हजार २५० रुपए का और २०२०-२१ में ८०६९ क्विंटल धान का शार्टेज होने पर २ करोड़ १ लाख ७४ हजार ३५० रुपए की गड़बड़ी होना पाया गया। इसीप्रकार बारदाना की कमी के कारण दोनो वर्षों में करीब १ करोड़ रुपए का बारदाना गायब मिला। संग्रहण केंद्र प्रभारी उत्तम चंद्रा के कार्यकाल में १७ करोड़ रुपए की गड़बड़ी मिली। उक्त सारे तथ्य प्रशासन के जांच रिपोर्ट में है। मार्कफेड को इतना अधिक नुकसान पहुंचाने वाले संग्रहण केंद्र प्रभारी के खिलाफ हुई जांच रिपोर्ट राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित प्रबंध संचालक को भेजा गया, लेकिन आश्चर्य की बात तो यह कि इस पर अभी तक कार्रवाई लंबित है। विदित हो कि पिछले कुछ समय से लोहरसिंह संग्रहण केंद्र में धान नहीं आ रहा है जिसके कारण मार्कफेड ने उक्त संग्रहण केंद्र प्रभारी का ट्रंासफर कर दिया, लेकिन स्थानीय स्तर पर मार्कफेड के अधिकारियों की मेहरबानी से संग्रहण केंद्र प्रभारी को आज तक रिलीव नहीं किया गया। बल्कि उल्टे संबंधित प्रभारी को रायगढ़ के खाद भंडार गृह का प्रभारी बना दिया गया।
अधिकारी बदले पर प्रभारी नहीं
बताया जाता है कि पिछले वर्ष से ही संबंधित को खाद भंडार गृह का प्रभारी बना दिया गया है। मार्कफेड में डीएमओ का स्थानांतरण होने के बाद नए अधिकारी भी आ गए, लेकिन नए अधिकारी के कार्यकाल में भी खाद भंडार गृह का प्रभारी वहीं है।
दोबारा नहीं आया पत्र
आश्चर्य की बात है कि राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित प्रबंध संचालक ने पिछले वर्ष ट्रंासफर आदेश जारी किया उसके बाद राज्य स्तर पर भी यह मॉनिटरींग नहीं की गई कि किसने स्थानांतरित जगह में पदभार ग्रहण किया किसने नहीं।
न स्टे, न संशोधन आदेश फिर भी जमे
सामान्य तौर पर देखा जाता है कि स्थानांतरण के बाद संबंधित कर्मचारी या तो कोर्ट के स्टे के आधार पर रूकता है या फिर संशोधन आदेश के आधार पर।यहां न तो कोर्ट का स्टे मिला न ही संशोधन आदेश जारी किया गया, हां लेकिन अधिकारियों की मेहरबानी के कारण रिलीव नहीं किया गया।
हां पिछले वर्ष मेरा स्थानांतरण हुआ था, लेकिन मुझे रिलीव नहीं किया गया। मै वर्तमान में रायगढ़ खाद भंडार गृह के प्रभारी का काम कर रहा हूं।
उत्तम चंद्रा, प्रभारी खाद भंडार गृह
चेक करना पड़ेगा, इस बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। हो सकता है कि मेरे आने के पहले का आदेश हो। कल मै चेक करके बताता हूं।
प्रवीण पैंकरा, डीएमओ, मार्कफेड

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