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नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने ट्वीट कर कहा - अब राज्य में शिक्षक भर्ती घोटाला हुआ; इंटरव्यू लिस्ट में सिलेक्ट हुए कैंडिडेट्स का नाम नहीं...

रायपुर/ छत्तीसगढ़ के नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने छत्तीसगढ़ सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि, अब राज्य में शिक्षक भर्ती घोटाला हुआ है। उन्होंने अपने ट्वीट पर लिखा है कि, सहायक शिक्षक भर्ती इंटरव्यू में बुलाए गए 35 अभ्यर्थियों की लिस्ट में चयनित हुए 26 अभ्यर्थियों की लिस्ट को देखिए..

उन्होंने लिखा-चयनित सूची में प्रथम स्थान पर निर्भय कुजूर और तीसरे स्थान पर पूर्णिमा सिंह हैं, इनके नाम इंटरव्यू देने वाले अभ्यर्थियों की सूची में है ही नहीं, तो इनका चयन कैसे हुआ। चंदेल ने कहा पहले CG PSC घोटाला, फिर व्यापम घोटाला अब शिक्षक भर्ती घोटाला हुआ है।

CM की युवाओं से मुलाकात पर तंज

उधर, उनके इस ट्वीट को लेकर भाजपा कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी हुई। जिसमें भाजपा प्रवक्ता नलिनेश ठोकने ने इस विषय पर चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री की युवाओं से होने वाली भेंट मुलाकात को लेकर भी तंज कसा। ठोकने ने कहा-यह भेंट मुलाकात नहीं, सेट मुलाकात है।

ठोकने ने कहा -इस आयोजन में कौन सा व्यक्ति क्या बोलेगा। कौन उनसे मिलेगा। सीएम के सवालों का क्या जवाब देना है। यह सब पहले से ही प्लान किया जाता है। उन्होंने युवाओं से अपील की है कि इस कार्यक्रम में जाकर अपने साथ साढ़े 4 सालों में हुए धोखे को लेकर सवाल पूछें।

बेरोजगारी भत्ता अंतिम महीनों में ही क्यों

नलिनेश ठोकने ने कहा कि सीएम बघेल प्रदेश के लाखों युवाओं को अपने पक्ष में करने के लिए, भेंट मुलाकात करने वाले हैं। प्रदेश के 10 लाख युवाओं को इन्होंने बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था, लेकिन इसे केवल कुछ युवाओं को ही क्यों दिया जा रहा है।

भाजपा नेता नलिनेश ने कहा कि बेरोजगार युवा मेहनत करके व्यापमं की परीक्षा देता है। मगर वहां पर व्यापमं भी उसे ठग लेता है, उसमें पूछे जाने वाले सभी प्रश्नों के उत्तर का चार विकल्पों में एक ही विकल्प होता है। नलिनेश ने आरोप लगाया है कि यह भ्रष्टाचार का एक नया तरीका है, जो इस सरकार ने निकाला है। इसमें प्रश्न पत्र लीक न कर अपने लोगों को सीधा उत्तर ही बता दिया जाता है।

कांग्रेस बोली-इनके पास मुद्दा ही नहीं

वहीं नारायण चंदेल के बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने पलटवार किया है कि भाजपा प्रदेश में मुद्दा विहीन हो चुकी है। आगामी विधानसभा चुनाव में इनके पास ना योजना है, ना नेता हैं, ना नीति है। ये केवल झूठ और अफवाह की राजनीति करती है। भाजपा ने तो अपने शासनकाल में शिक्षकों की भर्ती नहीं की, इन्होंने आउटसोर्स कर शिक्षकों की भर्ती की थी। हम तो भर्ती कर रहे हैं।

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