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आजकल सभी कमर, पीठ और हड्डियों के दर्द से हैं परेशान; इस परेशानी को दूर करने के उपाय जानते हैं

 हड्डियां हो रहीं कमजोर, कम है विटामिन डी:क्या हैं इस कमी को रोकने के उपाय; क्या धूप सेंकने से होगा फायदाइन दिनों जिसे देखो वो कमर, पीठ और हड्डियों के दर्द से परेशान है। पहले इस तरह की प्रॉब्लम एक उम्र के बाद ही हुआ करती थी। आजकल यंगस्टर्स में भी ये कॉमन प्रॉब्लम है। आपको पता है दर्द की एक वजह शरीर में विटामिन डी की कमी का होना भी है।

हमने अपोलो हॉस्पिटल हैदराबाद के सीनियर कंसलटेंट डॉ. साईं प्रवीण हरनाथ और आर्टेमिस हॉस्पिटल गुरुग्राम के जनरल फिजिशियन डॉ. पी वेंकट कृष्णन से बात की।

सवाल: विटामिन डी क्या होता है?

जवाब: विटामिन डी फैट में घुल जाने वाले विटामिन के ग्रुप में आता है। यह शरीर में कैल्शियम और फॉस्फेट को एब्जॉर्ब करने की क्षमता को बढ़ाता है।

सूरज की रोशनी में शरीर कोलेस्ट्राल से विटामिन डी को प्रोड्यूस करता है। इसलिए इसे सनशाइन विटामिन कहते हैं। विटामिन डी पर्याप्त मात्रा में लेने से बच्चों के साथ-साथ आपको भी अपने डेली के कामों के लिए एनर्जी मिलती है।एक्सपर्टस के अनुसार पर्याप्त धूप के साथ रोजाना 400 IU (10 ग्राम ) विटामिन डी लेने से आपकी सेहत बनी रहती है।

सवाल: शरीर में कैसे बनता है विटामिन डी?

जवाब: जब हमारी स्किन सूरज की रोशनी यानी धूप के कॉन्टैक्ट में आती है, तब कोलेस्ट्रॉल के जरिए विटामिन डी बनता है।

सूर्य की रोशनी से निकलने वाली अल्ट्रावायलेट बी किरणें स्किन की कोशिकाओं में जाकर कोलेस्ट्रॉल से मिलती हैं, जिससे सिंथेसिस यानी संश्लेषण का प्रोसेस होता है और शरीर में विटामिन डी बनता है।

सवाल: विटामिन डी क्यों जरूरी होता है?

जवाब: विटामिन डी हमारी हड्डियों और दांतों के लिए काफी जरूरी होता है। बच्चों में इसकी कमी को रिकेट्स कहा जाता है। इसमें हड्डियां काफी सॉफ्ट हो जाती हैं और आसानी से टूटने लगती हैं।

वहीं एडल्ट में इसकी कमी से ऑस्टियोपोरोसिस या हड्डियों के पतले होने का रिस्क बढ़ जाता है। इससे हड्डियां टूटने लगती हैं।

विटामिन डी की कमी से परेशानियों के साथ ही ऐसे रोग भी हो जाते हैं, जिन्हें शुरुआत में लोग हल्के में लेते हैं। फिर बाद में यह बड़ी बीमारी का कारण बन जाती है। इनमें से कुछ बीमारियां हैं जो ऑफिस में काम करने वाले लोगों को ज्यादा होती हैं-

  • जोड़ों में दर्द
  • कमर दर्द
  • पीठ दर्द
  • डिप्रेशन
  • थकान

सवाल: आजकल बच्चों, एडल्ट और बड़े-बुजुर्गों में विटामिन डी की कमी हो रही है, इसके पीछे क्या वजह है?

जवाब: विटामिन डी की कमी होने की वजहों को नीचे लगे क्रिएटिव से समझते हैं-

सवाल: ऑफिस में काम करने वाले अधिकतर लोगों में विटामिन डी की कमी क्यों है?

जवाब: ऑफिस जाने वाले लोगों को धूप में बैठने का समय नहीं मिलता। साथ ही दिन का आधे से ज्यादा समय ऑफिस में ही निकल जाता है। ये लोग धूप के डायरेक्ट कॉन्टैक्ट में नहीं आते हैं। जिससे शरीर विटामिन डी नहीं बना पाता और इससे बॉडी में विटामिन डी की कमी होने लगती है।

सवाल: विटामिन डी की कमी है ये कैसे पता चलेगा?

जवाब: शरीर में अगर ये परेशानियां हो रही हैं तो समझ जाइए कि विटामिन डी की कमी है…

  • पहले से ज्यादा थकान होने लगी है।
  • नींद आती तो है मगर ठीक से सो नहीं पाते।
  • कई बार बैठे-बैठे सो जाते हैं।
  • पैरों में दर्द रहने लगे।
  • जॉइंट्स से आवाज आती हो।
  • हर समय चिड़चिड़ापन रहता हो।
  • बालों का झड़ना बढ़ गया है।
  • मसल्स कमजोर हो गई हैं।
  • जल्दी-जल्दी बीमार पड़ रहे हैं।
  • स्किन पेल यानी पीली दिखने लगी है।

सवाल: हड्डियों मजबूत करने के अलावा विटामिन डी से और क्या फायदा होता है?

जवाब: नीचे लगे क्रिएटिव से समझते हैं-

सवाल: ऐसा कहते हैं कि विटामिन डी सिर्फ सूरज की रोशनी से ही मिल सकता है। क्या यह बात सही है?

जवाब: शरीर को 90% विटामिन डी सूरज की रोशनी से ही मिलता है। कुछ खाने की चीजों से भी शरीर को विटामिन डी मिलता है, मगर वह बहुत कम होता है।

सवाल: बहुत लोग इस डर से धूप में नहीं जाते हैं कि स्किन कलर डार्क हो जाएगा, टैनिंग हो जाएगी। ये बात कितनी सही है?

जवाब: असल में धूल और पॉल्यूशन से स्किन पर बुरा असर पड़ता है। इससे स्किन डल और डैमेज हो जाती है। लेकिन जब आप 10 से 20 मिनट तक सुबह की पहली धूप में बैठते हैं तो इससे विटामिन डी शरीर में बनता है और ब्लड सर्कुलेशन अच्छे से होता है। इससे स्किन पर ग्लो बना रहता है।

जब आप दिन के समय यानी दोपहर में तेज धूप में रहते हैं तो इससे आपकी स्किन, बालों और हेल्थ को नुकसान हो सकता है।

सवाल: विटामिन डी की कमी को दूर करने के लिए धूप में किस समय और कितनी देर के लिए बैठना चाहिए?

जवाब: धूप में बैठने के लिए इन बातों का रखें ख्याल…


सुबह 8 बजे के आसपास धूप में बैठना सबसे अच्छा होता है। इस समय प्रदूषण भी कम होता है।

30 से 45 मिनट धूप में बैठना चाहिए।

धूप में बैठते हुए ध्यान रहे कि स्किन का ज्यादा से ज्यादा हिस्सा खुला रहे। खुली बांह के कपड़े पहन सकते हैं। बिना सॉक्स और कैप के धूप में बैठें।

सूरज की तरफ पीठ करके बैठना चाहिए।

सनस्क्रीन लगाना न भूलें।

सवाल: क्या विटामिन डी लेवल का पता लगाने के लिए कोई मेडिकल प्रोसिजर भी है?

जवाब: ब्लड टेस्ट करके शरीर में विटामिन डी लेवल का पता लगाया जा सकता है।

सवाल: ऐसे कौन सी चीजें हैं जिन्हें खाकर विटामिन डी की कमी को दूर किया जा सकता है?

जवाब: इन चीजों को खाकर कुछ हद तक विटामिन डी की कमी को दूर किया जा सकता है…

  1. मशरूम
  2. अंडे का पीला हिस्सा
  3. संतरा
  4. मछली
  5. दूध, दही और पनीर
  6. गाजर
  7. सॉल्मन और टुना फिश

सवाल: विटामिन डी ज्यादा हो जाए तो भी क्या कोई परेशानी हो सकती है?

जवाब: हां बिल्कुल। विटामिन डी फैट सॉल्यूबल विटामिन है। इसका मतलब है कि यह शरीर में मौजूद पानी में घुलकर शरीर से बाहर नहीं निकल पाता है। यह बॉडी फैट के साथ शरीर में स्टोर हो जाता है।

सूरज की रोशनी से विटामिन डी शरीर में ज्यादा नहीं होता, पर अगर आप विटामिन डी सप्लिमेंट ज्यादा लेते हैं तो शरीर में जरूरत से ज्यादा विटामिन डी बढ़ जाता है। ऐसी सिचुएशन न हो, इसके लिए विटामिन डी की गोलियां डॉक्टर की सलाह से खाएं।

शरीर में विटामिन डी बढ़ जाना या हाइपरविटामिनोसिस डी होना डेंजरस सिचुएशन है। इससे लिवर डैमेज और किडनी स्टोन की परेशानी हो सकती है।

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