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लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए बताया गया कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा, 30 साल से 1 लाख से ज्यादा मामले पेंडिंग पड़े हैं

नई दिल्ली/ कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने शुक्रवार (28 जुलाई) को लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते बताया कि पिछले 30 साल से हाईकोर्ट्स में 71,204 और निचली अदालतों (जिला और उसकी अधीनस्थ अदालतें) में 1 लाख 01 हजार 837 केस पेंडिंग हैं।

20 जुलाई को मेघवाल ने राज्यसभा में बताया था कि देश की अदालतों में अभी 5.02 करोड़ केस पेंडिंग हैं। इन अदालतों में सुप्रीम कोर्ट, 25 हाईकोर्ट्स और निचली अदालतें शामिल हैं।

  • लोअर कोर्ट्स में सबसे ज्यादा केस पेंडिंग

मेघवाल ने बताया कि इंटीग्रेटेड केस मैनेजमेंट सिस्टम के डेटा के मुताबिक, 1 जुलाई तक सुप्रीम कोर्ट में 69,766 केस पेंडिंग है। 14 जुलाई तक हाईकोर्ट्स में 60 लाख 62 हजार 953 और अन्य सबोर्डिनेट कोर्ट्स में 4 करोड़ 41 लाख 35 हजार 357 केस पेंडिंग है। पेंडिंग केसों की सारी जानकारी नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड की साइट पर उपलब्ध है।

सही जानकारी न मिलनें से केस पेंडिंग

मेघवाल ने कहा कि अदालतों में पेंडिंग केसों का कारण सिर्फ जजों की कमी होना नहीं है। इसकी वजह कई हो सकती हैं मसलन, इन्फ्रास्ट्रक्चर और सपोर्टिंग कोर्ट स्टाफ का न होना, तथ्यों का उलझा होना, गवाहों की प्रकृति, जांच एजेंसियों का जांच में तय समय से ज्यादा समय लगाना, कोर्ट के नियमों का सही तरीके से पालन न होना।

विपक्षी पार्टियों के दल I.N.D.I.A. के 20 सांसद इसी हफ्ते वीकेंड पर मणिपुर जा रहे हैं। ये लोग राज्य में हालात का जायजा लेंगे और वहां से लौटकर सरकार और संसद से मणिपुर समस्या के हल को लेकर सिफारिश करेंगे। वहीं, सांसदों के दल के दल के मणिपुर जाने से पहले लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने मणिपुर मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज से कराने की मांग की है। 

रामपुर के एक आरोपी की जमानत पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार पर टिप्पणी की है। न्यायमूर्ति संजय किशन कौल ने यूपी सरकार के AAG महाधिवक्त आरके रायजादा से पूछा, तो आप सहमत हैं कि घरों पर बुलडोजर चलाना गलत है? सुप्रीम कोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट की डबल बेंच के के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

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