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25 साल के एक युवक ने एक के बाद एक करके 150 मोमोज खाए हो गई मौत, खाने का सही तरीका जानें

बिहार के गोपालगंज में दोस्तों के बीच मोमोज खाने की शर्त लगी। इस चैलेंज को पूरा करने में एक दोस्त की मौत हो गई।

दरअसल शर्त पूरा करने के चक्कर में 25 साल के इस युवक ने एक के बाद एक करके 150 मोमोज खा लिए। खाने के बाद युवक बेहोश होकर गिर गया। उसे तुरंत हॉस्पिटल ले गए, जहां युवक ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों का कहना है कि मौत की वजह गले में मोमोज चोक होना हो सकता है।

इससे पहले भी 50 वर्षीय एक व्यक्ति का मोमोज खाने से दम घुट गया था।

मोमोज कैसे मौत का कारण बना, इस पर बात करेंगे हमारे एक्सपर्ट -

डॉ. शुचिन बजाज, फाउंडर डायरेक्टर, उजाला सिग्नस अस्पताल, दिल्ली

डॉ. पी वेंकट कृष्णन, इंटरनल मेडिसिन, आर्टिमिस हॉस्पिटल, गुड़गांव

डॉ. पराग शर्मा, चेस्ट फिजीशियन, हमीदिया अस्पताल

सवाल: मोमोज खाने से बिहार में युवक की मौत कैसे हुई?

जवाब: पहले भी एम्स ने एडवाइजरी जारी कर कहा है कि मोमोज चिकना और फिसलने वाला होता है। लोग बहुत स्पीड के साथ एक के बाद एक मोमोज खाते हैंI

अगर इसे ठीक से चबाने की बजाय जल्दबाजी में खाया जाए और सीधा निगला जाए तो यह अंदर जाकर सांस की नली में फंस जाता है। जिससे मौत हो सकती है। इस समस्या को न्यूरोजेनिक कार्डिएक अरेस्ट कहा जाता हैI

सवाल: बहुत स्पीड में खाना खाने से हेल्थ को किस तरह से नुकसान होता है?

जवाब: जल्दी-जल्दी खाना खाने से फूड के साथ हवा भी शरीर के अंदर पहुंचती है। जिससे गैस और ब्लॉटिंग की परेशानी होने लगती है। इसके अलावा भी बहुत नुकसान होते हैं। 

इसके साथ कुछ और समस्या हो सकती हैं। जैसे-

  • गला चोक होना
  • दिल पर असर
  • हाई बीपी
  • सांस की नली में रुकावट

सवाल: खाना गले में क्यों फंसता है और इसकी वजह से जान कैसे चली जाती है?

जवाब: डॉ. पराग कहते हैं कि हमारी नेक यानी गले वाला एरिया काफी पतला होता है। इसमें 2 नली होती हैं।

पहली सांस की नली, दूसरी खाने की नली। दोनों के बीच एक एपिग्लोटिस होती है, जो ये डिसाइड करती है कि आप खाना खाएंगे या सांस लेंगे। आप मुंह से खाना भी खाते हैं और सांस भी लेते हैं, लेकिन दोनों एक साथ नहीं कर सकते हैं। ऐसा आप खुद करके देखिए, आप सांस लेते हुए कोई चीज गटक यानी निगल नहीं सकते हैं।

खाने की नली में कुछ फंसने से मौत नहीं हो सकती है। उसमें जाने वाली चीज या तो अंदर चली जाती है या फिर आप खांसी के जरिए उसे बाहर कर देते हैं। इसमें आपको उल्टी, खांसी या निमोनिया जैसी दिक्कत हो सकती है।

मौत का खतरा तब होता है, जब खाना सांस की नली में फंस जाता है। इसमें सांस आना बंद हो गई। दम घुटने और न्यूरोजेनिक कार्डियक अरेस्ट आने से जान जा सकती है।

खाते समय 5 गलतियों से खाना अटक या फंस सकता है

  • जल्दी-जल्दी खाना खाने पर।
  • लगातार बात करते हुए खाने पर।
  • खाना बिना चबाए सीधे निगलने पर।
  • खेलते हुए बच्चे को खाना खिलाने पर।
  • नींद में किसी को खाना खिलाने पर।
  • बहुत ज्यादा एक साथ खाने पर।

सवाल: कभी-कभी खाते समय हंसने या बोलने पर खाना अटक जाता है, घर में छोटे बच्चों के खाना, टॉफी अटक जाती है, तो क्या करना चाहिए?

जवाब: सांस की नली में कोई चीज फंस जाए तो उसे बाहर निकालने के लिए सबसे अच्छा तरीका है मरीज को खांसी आए या वो खुद खांसने की कोशिश करे। इससे खाने की चीज बाहर निकालने में मदद मिलती है।

इसके अलावा खाना गले में अटकने पर अपनाएं 3 टिप्स-

1. हेमलिख मेनयोवर या टेक्निक

गले में कुछ फंसने से दम घुटने और सांस लेने में परेशानी होने पर हेमलिख टेक्निक का इस्तेमाल किया जाता है। यह सांस नली में फंसी हुई चीजों को बाहर निकालने में मदद कर सकता है।

दरअसल हेमलिख मेनयोवर टेक्निक के लिए जो आप पोजिशन लेते हैं, उसमें पेट पर जोर दिया जाता है।

प्रेशर पड़ने से सांस की महत्वपूर्ण मांसपेशी डायाफ्राम ऊपर उठती है, इससे लंग्स से हवा बाहर निकालते हैं। फंसी हुई चीज सांस नली से बाहर निकाल जाती है।

नोट: इस टेक्निक को करने से पहले ध्यान रखें कि कोई प्रेग्नेंट महिला तो नहीं है। अगर बच्चा है तो 1 साल से छोटा तो नहीं है।

  • हेमलिख मैनुवर ट्रिक करने का तरीका

  1. व्यक्ति को सीधा खड़ा रखें।
  2. आप उसके पीछे जाएं।
  3. दोनों हाथों से उसे पकड़ें।
  4. हाथ उसके सीने से नीचे और नाभि से ऊपर रहें।
  5. जोर से उसे पेट की तरफ खीचें और छोड़ें यानी झटका दें।

नोट: फंसी चीज एक बार में बाहर न निकले इस ट्रिक से, तो फौरन अस्पताल जाएं। घरेलू ट्रिक न आजमाएं।

2. पानी का बड़ा घूंट पिएं

गले में फंसा खाना सूखा हो सकता है। ऐसे में पानी का बड़ा घूंट 4-5 बार पिएं, जिससे गले में फंसा पदार्थ गीला हो जाएगा और आसानी से नीचे उतर जाएगा।

3. कार्बोनेटेड ड्रिंक पीने की ट्रिक

वैसे तो कार्बोनेटेड ड्रिंक हेल्थ के लिए डेंजरस होती है। पर गले में खाना अटकने पर यह फंसे हुए खाना को तोड़ देती हैं। कार्बोनेटेड ड्रिंक में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड खाने को डीकंपोज करने में मदद करता है। जब सोडा पेट में जाता है, तो यह गैस बनाता है। इससे बना प्रेशर खाने को अलग कर देता है।

4. बटर

इससे गले को चिकनाई होती है। मक्खन का एक चम्मच निगलने से फंसा हुआ खाना आसानी से नीचे चला जाता है।

सवाल: खाने का सही तरीका क्या है, जिससे गले में अटके या फंसे नहीं?

जवाब: पॉइंट्स से समझते हैं-

  1. कुर्सी या जमीन पर बैठकर आराम से खाना खाएं।
  2. खाना छोटे-छोटे टुकड़े में बांटकर खाएं।
  3. खाना अच्छी तरह से चबा-चबाकर खाएं।
  4. हार्ड फूड अच्छी तरह से पकाएं, ताकि गले में अटके नहीं।
  5. खाना खाते समय हंसे या चिल्लाएं नहीं।

सवाल: बहुत लोग बोलते हैं कि मोमोज में तो सब्जियों की स्टफिंग होती है, ये नुकसान नहीं करती है। ये बात कितनी सही है?

जवाब: मोमोज अनहेल्दी फूड नहीं है, क्योंकि ये फ्राइड नहीं बल्कि स्टीम्ड होते हैं और इनमें सब्जियां होती हैं। लेकिन ऐसा नहीं हैं।

मोमोज में पत्ता गोभी की स्टफिंग होती है, जिसे अगर ठीक से नहीं पकाया गया तो इसमें टैपवार्म के बीजाणु हो सकते हैं, जोकि हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

मोमोज के अंदर स्टफ की जाने वाली सब्जियां और चिकन, लंबे समय तक रखे रहने से खराब हो जाती हैं। जोकि हेल्थ के लिए हार्मफुल हो सकती हैं।

सवाल: मोमोज खाने से और क्या नुकसान होते हैं?

जवाब: मोमोज में स्वाद के लिए मोनो-सोडियम ग्लूटामेट मिलाया जाता है। सोडियम ग्लूटामेट सफेद क्रिस्टल पाउडर की तरह होता है।

जिससे न केवल मोटापा बढ़ता है बल्कि नर्व डिसऑर्डर, पसीना आना, सीने में दर्द, मतली आना और हार्ट रेट बढ़ाने जैसी बीमारियों के होने रिस्क बढ़ता है।

सवाल: क्या मोमोज की लाल चटनी और मयोनीज खाने से भी कोई नुकसान होता है?

जवाब: मोमोज की लाल चटनी का रंग गहरा करने के लिए तरह-तरह के केमिकल और कलर मिलाए जाते हैं। जिससे पेट में दर्द, जलन, एसिडिटी और बवासीर की परेशानी हो सकती है।

मार्केट में मिलने वाले मेयोनीज में प्रिजर्वेटिव, आर्टिफिशियल इंग्रीडिएंट्स को अधिक ज्यादा मात्रा में डाला जाता है।

इसमें सैचुरेटेड फैट होता है। हाई सैचुरेटेड फैट से कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने लगता है, जिससे हार्ट डिजीज के होने का रिस्क भी काफी हद तक बढ़ जाता है।

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