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12 की जगह 8 एमएम के सरिए व घटिया मटेरियल का इस्तेमाल कर 2 करोड़ की लागत से कराया जा रहा है नहर का निर्माण; किसान करेंगे चक्काजाम

लखनपुर/ ब्लॉक के अंतर्गत दो करोड़ की लागत से मरम्मत कराई जा रही मेन नगर के साथ माइनर नहर में ठेकेदार और जल संसाधन विभाग की लापरवाही देखने के मिल रही है। साथ ही गुणवत्ताविहिन कार्य किया जा रहा है, जिससे किसानों में आक्रोश है। किसानों का कहना है कि घटिया निर्माण होने से नहर पहली बार पानी आने से ही टूट जाएगी, जिससे उनके खेतों में पानी या तो जरूरत से ज्यादा आएगा और दूर खेत वाले किसानों के खेतों में पानी ही नहीं पहुंचेगा, जिससे सैकड़ों की संख्या में किसानों ने घटिया निर्माण के खिलाफ चक्काजाम करने की चेतावनी दी है।

दरअसल, जल संसाधन विभाग श्याम घुनघुट्टा में माइनर नहर निर्माण लखनपुर विकासखंड के अंतर्गत ग्राम देवटिकरा में भाग-1, सलका में भाग-1 और 2, लहपटरा में भाग-1 और 2, पुहपुटरा में भाग 1 से 5 वहीं सिरकोतंगा में मुख्य नहर का मरम्मत कार्य करा रहा है। इसमें अनियमितिता बरती जा रही है। साथ ही इंजीनियर के मानक पैमाने के विपरित काम कराया जा रहा है। नगर निर्माण के वॉल बनाने में 12 एमएम की सरिया की जगह कम दाम वाले 8 एमएम के सरिया लगाकर साइड वॉल तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही छड़ की बंधाई चार इंची की जगह पर 12-12 इंची में छड़ को बांधा जा रहा है, जिससे कम पैसे में काम किया जा सकें। जब भास्कर ने इसकी पड़ताल की तो पता चला कि वॉल की ढलाई और नहर का निचला हिस्सा बनाने 20 एमएम की कांक्रीट की जरूरत होती है, लेकिन ठेकेदार द्वारा लापरवाही करते हुए पैमाने के ठीक दोगुना बड़ी गिट्‌टी 400 एमएम के कांक्रीट से ढलाई करा दी गई है। 8 एमएम की सरिया से कराया जा रहा नहर का निर्माण।

कार्य स्थल पर नहीं लगाया सूचना पटल स्थानीय लोगों का कहना है कि काम में भष्ट्राचार करने और इसकी भनक स्थानीय लोगों को नहीं लगने के कारण ठेकेदार द्वारा कार्य स्थल पर किसी भी प्रकार का सूचना पटल तक नहीं लगाया गया है, जिससे लोगों को पता चल सके कि कौन सा काम कितनी लागत में किया जा रहा है। साथ ही काम कब पास हुआ और कब तक बनाने की योजना है। विभाग से जानकारी जुटाने के बाद पता चला कि ब्लॉक में 10 माइनर नहर के पक्कीकरण कार्य किया जा रहा है। वहीं ग्राम सिरकोतंगा में मुख्य नहर को मरम्मत का कार्य अभी भी जारी है।

सभी जगहों पर पैसों को बांटना पड़ता है: ईई ^जल संसाधन विभाग के (ईई) कार्यपालन अभियंता अरूण मिश्रा से जब नहर निर्माण में हो रहे अतिनियमित्ता के संबंध में जब सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पैसे का सभी जगहों पर बंदरबांट करना पड़ता है। इस संबंध में कोई भी जानकारी नहीं दे पाउंगा, आप इसकी जानकारी कलेक्टर से ले लीजिए।

बारिश होने के बाद किया जा रहा काम ग्राम पंचायत लहपटरा के किना सुखसागर कुंवर ने बताया विभाग द्वारा मरम्मत और निर्माण का काम किया जा रहा है, जिससे गुणवत्ताविहिन कार्य होना लाजमी है। उन्होंने बताया कि खेतों की मेंड अब भी गीली है। ऐसे में पक्का काम नहीं किया जा सकता है। अभी गीली मिट्‌टी में नहर निर्माण कर भी दिया जाता है तो पहली बरसात बीतने के बाद नहर खराब होकर टूट जाएगी।

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