शैलेश के नाम सऊदी में बने फेक अकाउंट से इस्लाम के खिलाफ लिखा पोस्ट, सऊदी अरब में बिना किसी गलती के हुई सजा, आप भी फेक अकाउंट ऐसे पता करें
कविता मंगलूरु में रहती हैं। 2021 में उन्होंने कर्नाटक हाई कोर्ट में अपने पति की गिरफ्तारी की एक अर्जी डाली। इस मामले पर इसी 14 जून को कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि फेसबुक मेटा को 22 जून तक का समय दिया है। चेतावनी भी दी कि फेसबुक को पूरे देश में बंद करवा दिया जाएगा। दरअसल कविता के पति शैलेष पिछले 25 साल से सऊदी अरब में काम कर रहे थे। कविता और बच्चे भारत में थे।
परेशानी तब शुरू हुई, जब शैलेश के नाम से एक फेक अकाउंट बनाया गया। इस फेक अकाउंट से सऊदी अरब के राजा और इस्लाम धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट लिखे गए। इसके बाद शैलेष को सऊदी अरब में गिरफ्तार कर लिया गया और 15 साल की जेल की सजा सुनाई गई।
पति को बचाने के लिए कविता पुलिस के पास गई, जब वहां बात नहीं बनी, तो कविता ने 2021 में कर्नाटक हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कविता ने अपने पति को छुड़ाने के लिए केंद्र सरकार को भी चिट्ठी लिखी थी। इसमें उन्होंने गुहार लगाई थी कि उनके पति को सऊदी की जेल से छुड़ाया जाए।
कविता और शैलेष के साथ जो हुआ है वो मेरे और आपके साथ भी हो सकता है। ऐसे में कुछ सवालों का जवाब जानना जरूरी है।
सवाल: फेक अकाउंट मामले में क्या पुलिस कुछ नहीं कर पाई थी, जो कविता को कोर्ट जाना पड़ा?
जवाब: कोर्ट भी यही जानना चाहती थी कि पुलिस अब तक कोई मदद क्यों नहीं कर पाई। कोर्ट ने पुलिस से 12 जून को पूछा कि इस मामले में अब तक क्या हुआ। केस की कार्रवाई में इतनी देर क्यों हो रही है, वो भी तब जब देश का कोई नागरिक दूसरे देश की जेल में है।
14 जून को मंगलूरु पुलिस कमिश्नर ने कोर्ट में बताया कि फेसबुक कार्रवाई में मदद नहीं कर रहा।
तब कोर्ट ने फेसबुक की कंपनी मेटा को चेतावनी दी है कि कर्नाटक पुलिस को इस फेक अकाउंट चलाने वाले की जानकारी दें।
सवाल: फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट क्या है?
जवाब: फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट आपके असली सोशल हैंडल की नकल में तैयार किया जाता है। स्कैमर इसकी नकल सावधानी से करते हैं। प्रोफाइल पिक्चर, कैप्शन और दूसरी चीजें भी असली अकाउंट के जैसी ही होती हैं।
सवाल: फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट क्यों बनाया जाता है?
जवाब: इसकी अलग-अलग वजहें हो सकती हैं…
पॉपुलर लोग या ब्रैंड के नाम का धोखा देने के लिए बनाए जाते हैं।
धोखेबाजी करने के लिए बनते हैं।
किसी के बारे में गलत सूचना फैलाने के लिए ऐसा होता है।
खुद को और अपनी जानकारी को ऑनलाइन सुरक्षित रखने के लिए, नकली सोशल मीडिया खातों की पहचान करना और उन्हें तुरंत रिपोर्ट करना सीखना जरूरी है।
हमने साइबर सिक्योरिटी स्पेशलिस्ट, शुभम अजीत सिंह और साइबर एक्सपर्ट पवन दुग्गल से बात की और उनसे नकली खातों की पहचान करने और उनकी रिपोर्ट करने के लिए गाइड किया।
सवाल: क्या फर्जी अकाउंट का पता किया जा सकता है?
जवाब: हां। इस बारे में आप आसानी से पता कर सकते हैं। नीचे लगे क्रिएटिव से समझते हैं इसका तरीका…
सवाल: अगर अकाउंट फर्जी साबित हो गया, तो ऐसे में हमारे पास क्या ऑप्शन है?
जवाब: सोशल मीडिया की फर्जी प्रोफाइल की पहचान की शिकायत आईटी एक्ट के तहत की जा सकती है। इसके लिए आपके पास कई ऑप्शन हैं। जैसे-
फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल की पहचान करके केंद्र सरकार के हेल्प लाइन नंबर 155260 पर शिकायत की जा सकती है।
https://cybercrime.gov.in से भी शिकायत की जा सकती है।
ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम सब पर फेक प्रोफाइल को रिपोर्ट करने का ऑप्शन है। टॉप राइट कॉर्नर पर दिखने वाले तीन डॉट (...) पर क्लिक करें। इसके बाद स्क्रीन पर Find support or report profile ऑप्शन दिखेगा। वहां क्लिक कर फर्जी प्रोफाइल की शिकायत कर सकते हैं।
फेसबुक पर शिकायत करने के लिए क्लिक करें
इंस्टाग्राम पर शिकायत करने के लिए क्लिक करें
ट्विटर पर शिकायत करने के लिए क्लिक करें
साइबर एक्सपर्ट पवन दुग्गल बता रहे हैं कि फंसने के बाद कैसे लें कानून की मदद
पहला स्टेप: सबसे पहले उस अकाउंट का लिंक या नंबर सेव करें। क्योंकि इसकी मदद से पुलिस उस IP एड्रेस तक पहुंच सकती है, जहां से ब्लैकमेलर्स ऑपरेट कर रहे हैं।
दूसरा स्टेप: तुरंत लोकल साइबर सेल या नजदीक के थाने में शिकायत दर्ज कराएं। ऐसे मामलों में शिकायत करने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। अगर ब्लैकमेलर्स नंबर बदलकर फोन करते हैं, तो इन सभी की पूरी जानकारी पुलिस को दें।
तीसरा स्टेप: कई बार पुलिस पीड़ित से ही सवाल-जवाब करती है। ऐसे सवालों से परेशान न हों। FIR दर्ज कराने पर जोर दें। ऐसे मामलों में IT एक्ट, धोखाधड़ी (धारा 420) और IPC की कुछ अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाता है। पुलिस से FIR की कॉपी जरूर लें। अगर पुलिस की कार्रवाई में जरा सी भी ढील लगे, तो तुरंत किसी वकील की मदद लें।

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