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आजीविका के लिए मशीनों की खरीदी की छूट दी थी सरकार ने, लेकिन अफसरों ने भरी अपनी जेबें

  • पूर्व जिला पंचायत सीईओ के आदेश पर हुई खरीदी, मशीनें हुई बेकार

रायगढ़। गौठानों में ग्रामीणों को आजीविका उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने मशीनों की खरीदी की छूट दी थी। लेकिन अफसरों ने सबकी आंखों में धूल झोंककर मशीनों के बहाने अपनी जेबें C हैं। रायगढ़ जनपद की ओर संबलपुरी शहरी गौठान में खरीदी गई मशीनें बोगस कोटेशन के जरिए खरीदी गईं। यह सब मोटे कमीशन के लालच में किया गया।

गोधन न्याय योजना में भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा नमूना नगर निगम और जनपद पंचायत का संबलपुरी गौठान है। यहां मशीनों की खरीदी में मनमानी की गई। करीब दस लाख की मशीनों की खरीदी में नियमों का पालन नहीं किया गया। जनपद पंचायत रायगढ़ में प्रभारी रहे सनत नायक ने तत्कालीन जिला पंचायत सीईओ रवि मित्तल के आदेश से तीन फर्मों से कोटेशन मंगवाए। संबलपुरी गौठान में मुर्रा मिल, ऑयल मिल और मिनी राइस मिल क्रय करने के लिए जिला पंचायत की ओर से जनपद पंचायत को आदेश दिया गया था। जनपद की ओर से तीन फर्मों से कोटेशन मंगवाए गए। मेगा ट्रेडिंग कंपनी जिंदल रोड, अभय ट्रेडर्स कोतरा रोड और यश इंटरप्राइजेस जिंदल रोड ने तीनों मशीनों के लिए कोटेशन दिए। मेगा ट्रेडिंग कंपनी ने तीनों में सबसे कम दरें दी, इस वजह से क्रयादेश उसी को मिला। खरीदी की पड़ताल की गई तो पता चला कि अभय ट्रेडर्स और यश इंटरप्राइजेस तो हैं ही नहीं। केवल इनके नाम पर कोटेशन मंगवाए गए। बताया जा रहा है कि एक ही फर्म ने तीन अलग-अलग नामों से कोटेशन डाल दिए।

बिना जीएसटी नंबर के कोटेशन

मेगा ट्रेडिंग ने मिनी राइस मिल 3 एचपी के लिए 1,19,375 रुपए, ऑयल मिल 3 एचपी के लिए 3,44,250 रुपए और मुर्रा मिल के लिए 6,85,250 रुपए की दर प्रस्तुत की। अभय ट्रेडर्स और यश इंटरप्राइजेस ने इसे अधिक दरें कोटेशन में दीं। मेगा ट्रेडिंग की ओर से प्रस्तुत दरें भी वास्तविक कीमत से अधिक है। ज्यादा दरों पर मशीनें खरीदने के अलावा टैक्स चोरी का भी मामला है। तीनों में से किसी कोटेशन में जीएसटी नंबर नहीं है।

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